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परदेश से आए मजदूरों के बनने लगे जॉब कार्ड
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कासगंज। लॉकडाउन में घर लौटने वाले लोगों को काम देने के उद्देश्य से प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। अब इन लोगों के मनरेगा के तहत जॉब कार्ड बनाकर काम दिया जा रहा है।
लॉक डाउन हो जाने के बाद देश के विभिन्न राज्यों में मेहनत मजदूरी करने वाले लोगों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया। ऐेसे में वे लोग अपना सबकुछ समेट कर गांव लौट आए। जिले में लगभग 15 हजार लोगों के आने का अनुमान है। ऐसे लोगों के सामने रोजगार की समस्या को देखते हुए शासन ने मनरेगा के तहत काम शुरू करवा दिए।
इससे पहले से कार्डधारी मजदूरों को काम मिल गया। साथ ही प्रवासी श्रमिकों को भी काम पर लगाया जाने लगा है। इनके जॉबकार्ड भी बनाए जा रहे हैं। जिले की 292 ग्राम पंचायतों में जो काम शुरू किए गए गए हैं। उनमें 11 हजार 727 मजदूरों को काम पर लगाया गया है। इसमें 179 प्रवासी मजदूरों को भी काम दिया गया है।
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बनाए जा रहे जॉब कार्ड
जिले में आने वाले प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए जॉब कार्ड बनाने के साथ ही काम भी देना शुरू कर दिया गया है। जो भी प्रवासी मजदूर काम मांगेगा उसके लिए जॉब कार्ड बनाकर रोजगार दिया जाएगा।-अजय कुमार, डीसी मनरेगा
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लॉक डाउन हो जाने के बाद देश के विभिन्न राज्यों में मेहनत मजदूरी करने वाले लोगों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया। ऐेसे में वे लोग अपना सबकुछ समेट कर गांव लौट आए। जिले में लगभग 15 हजार लोगों के आने का अनुमान है। ऐसे लोगों के सामने रोजगार की समस्या को देखते हुए शासन ने मनरेगा के तहत काम शुरू करवा दिए।
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इससे पहले से कार्डधारी मजदूरों को काम मिल गया। साथ ही प्रवासी श्रमिकों को भी काम पर लगाया जाने लगा है। इनके जॉबकार्ड भी बनाए जा रहे हैं। जिले की 292 ग्राम पंचायतों में जो काम शुरू किए गए गए हैं। उनमें 11 हजार 727 मजदूरों को काम पर लगाया गया है। इसमें 179 प्रवासी मजदूरों को भी काम दिया गया है।
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बनाए जा रहे जॉब कार्ड
जिले में आने वाले प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए जॉब कार्ड बनाने के साथ ही काम भी देना शुरू कर दिया गया है। जो भी प्रवासी मजदूर काम मांगेगा उसके लिए जॉब कार्ड बनाकर रोजगार दिया जाएगा।-अजय कुमार, डीसी मनरेगा