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Agra News: नकली दवाएं बेचने के दोषी को 10 साल का कारावास
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कोर्ट ने सुनाई सजा
आगरा। तीन माह पहले पकड़ी गईं नकली दवाओं की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है लेकिन 15 साल पुराने नकली दवा बेचने के मामले में कोर्ट ने दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है। 15 साल पहले एत्माद्दाैला क्षेत्र में मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर औषधि विभाग की टीम ने नकली दवाएं बरामद की थीं। संचालक बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर चला रहा था। विशेष न्यायाधीश ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट विवेक कुमार ने आरोपी एत्माद्दौला के प्रकाश नगर निवासी मनोज कुमार गुप्ता को दोषी करार देते हुए 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला 7 जनवरी 2010 का है। तत्कालीन औषधि निरीक्षक जगवीर सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि तत्कालीन सहायक औषधि नियंत्रक पीपी सिंह को क्षेत्र में नकली दवाओं की बिक्री की सूचना मिली थी। इस पर टीम ने छापा मारा था। प्रकाश नगर, नुनहाई में मनोज कुमार गुप्ता बिना लाइसेंस के औ मेडिकल स्टोर चला रहा था। टीम ने मौके से 4 बोरे दवा बरामद की थी। उनके सात सैंपल जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए थे। बरामद दवाएं अधोमानक के साथ नकली पाई गईं थी। औषधि निरीक्षक की तहरीर पर मनोज कुमार गुप्ता के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अभियोजन पक्ष की तरफ से वादी मुकदमा जगवीर सिंह, औषधि निरीक्षक अलीगढ़ रमेश चंद यादव और दीपक कुमार को गवाही के लिए अदालत में पेश किया गया। विशेष न्यायाधीश ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट विवेक कुमार ने उपलब्ध साक्ष्य एवं विशेष लोक अभियोजक एसपी सिन्हा के तर्क पर आरोपी मनोज कुमार गुप्ता को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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71 करोड़ की दवाएं की गईं जब्त
औषधि विभाग और एसटीएफ ने अगस्त में नकली दवा मामले में हे मां मेडिको, राधे मेडिको, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडी पाॅइंट और ताज मेडिको के गोदाम से करीब 71 करोड़ रुपये की नकली दवाएं सीज की थीं। जांच के लिए 24 नमूने भी लैब भेजे गए हैं। नकली दवा के मामले में कई राज्यों से तार जुड़े हैं। अभी मामले की जांच चल रही है। रिपोर्ट का भी इंतजार है।
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नकली सिरप की पकड़ी गई थीं तीन फैक्टरियां
एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स ने बीते साल सिकंदरा और बिचपुरी क्षेत्र में नकली सिरप बनाने की तीन फैक्टरियां पकड़ी थीं। इसका संचालक विजय गोयल था। इसके यहां से टीम ने करोड़ों रुपये के नकली सिरप, कच्चा माल और मशीनें जब्त की थीं। वह अवैध रूप से नकली सिरप बना रहा था। जेल से जमानत पर आने के बाद फिर से नकली सिरप बनाने की फैक्टरी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
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मामला 7 जनवरी 2010 का है। तत्कालीन औषधि निरीक्षक जगवीर सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि तत्कालीन सहायक औषधि नियंत्रक पीपी सिंह को क्षेत्र में नकली दवाओं की बिक्री की सूचना मिली थी। इस पर टीम ने छापा मारा था। प्रकाश नगर, नुनहाई में मनोज कुमार गुप्ता बिना लाइसेंस के औ मेडिकल स्टोर चला रहा था। टीम ने मौके से 4 बोरे दवा बरामद की थी। उनके सात सैंपल जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए थे। बरामद दवाएं अधोमानक के साथ नकली पाई गईं थी। औषधि निरीक्षक की तहरीर पर मनोज कुमार गुप्ता के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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अभियोजन पक्ष की तरफ से वादी मुकदमा जगवीर सिंह, औषधि निरीक्षक अलीगढ़ रमेश चंद यादव और दीपक कुमार को गवाही के लिए अदालत में पेश किया गया। विशेष न्यायाधीश ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट विवेक कुमार ने उपलब्ध साक्ष्य एवं विशेष लोक अभियोजक एसपी सिन्हा के तर्क पर आरोपी मनोज कुमार गुप्ता को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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71 करोड़ की दवाएं की गईं जब्त
औषधि विभाग और एसटीएफ ने अगस्त में नकली दवा मामले में हे मां मेडिको, राधे मेडिको, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडी पाॅइंट और ताज मेडिको के गोदाम से करीब 71 करोड़ रुपये की नकली दवाएं सीज की थीं। जांच के लिए 24 नमूने भी लैब भेजे गए हैं। नकली दवा के मामले में कई राज्यों से तार जुड़े हैं। अभी मामले की जांच चल रही है। रिपोर्ट का भी इंतजार है।
नकली सिरप की पकड़ी गई थीं तीन फैक्टरियां
एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स ने बीते साल सिकंदरा और बिचपुरी क्षेत्र में नकली सिरप बनाने की तीन फैक्टरियां पकड़ी थीं। इसका संचालक विजय गोयल था। इसके यहां से टीम ने करोड़ों रुपये के नकली सिरप, कच्चा माल और मशीनें जब्त की थीं। वह अवैध रूप से नकली सिरप बना रहा था। जेल से जमानत पर आने के बाद फिर से नकली सिरप बनाने की फैक्टरी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।