आगरा में दर्दनाक हादसा: लिफ्ट के आने से पहले खुला गेट, पांचवीं मंजिल से गिरकर युवक की मौत
आगरा में शुक्रवार दोपहर को दर्दनाक हादसा हो गया। शहर के संजय प्लेस स्थित एक टावर में लिफ्ट का गेट पहले ही खुलने से एक युवक हादसे का शिकार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, राजू नामक युवक लिफ्ट का इंतज़ार कर रहा था। लिफ्ट आने से पहले ही गेट खुल गया। वह लिफ्ट की खाली जगह में नीचे गिर गया। इससे उसकी मौत हो गई।
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आगरा के संजय प्लेस स्थित प्रतीक सेंटर टॉवर में शुक्रवार सुबह 10 बजे लिफ्ट के गेट में तकनीकी कमी की वजह से हाथरस के गांव सरौठ निवासी राजू (34) की मौत हो गई। वह पांचवीं मंजिल पर खड़े होकर भूतल पर जाने के लिए लिफ्ट का इंतजार कर रहा था। लिफ्ट के आने से पहले उसके अंदर जाने वाला गेट खुल गया।
इससे वह लिफ्ट के गड्ढे (खाली जगह) में जा गिरा। उसे गार्ड सहित अन्य लोग नजदीक के अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से एसएन मेडिकल कालेज ले जाते समय उनकी मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए सोसायटी, सीए और गार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
प्रतीक सेंटर टावर में पांचवीं मंजिल पर गार्गी रेफ्रीजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग इंजीनियरिंग का ऑफिस है। कंपनी में तकरीबन एक महीने से सरौठ निवासी राजू चालक की नौकरी कर रहा था। उनके चाचा रणधीर सिंह ने बताया कि राजू सुबह तकरीबन 8:30 बजे घर से बाइक लेकर ऑफिस के लिए निकले थे। 10:30 बजे उनके पास राजू के लिफ्ट से गिरने का फोन आया। इस पर अस्पताल पहुंचे। मगर, राजू की मौत हो चुकी थी।
रणधीर सिंह के मुताबिक, राजू का ऑफिस बंद था। इस पर उसने साथियों से बात की। उन्होंने कुछ देर में पहुंचने की बात कही। इस पर राजू पांचवीं मंजिल से भूतल पर जाने के लिए लिफ्ट के गेट पर खड़ा हो गया। वह हेलमेट हाथ में लेकर किसी से मोबाइल पर भी बात कर रहा था। तभी लिफ्ट से एक व्यक्ति बाहर निकलकर चला गया।
इसके बाद लिफ्ट ऊपरी मंजिल पर चली गई। मगर, राजू ने कुछ सेकंड बाद गेट खोला तो वो तकनीकी कमी की वजह से खुल गया। वह समझ रहे थे कि लिफ्ट मौजूद है। वह अंदर जाते ही संभल भी नहीं सका। वह भूतल पर लिफ्ट के गड्ढे में जा गिरा। तेज आवाज होने पर गार्ड कोमल सिंह ने मोबाइल से गेट की खिड़की पर देखा।
उन्होंने बाद में लोगों की मदद से गेट को खोलकर कोमल को बाहर निकाला। उसकी सांस चल रही थीं। बाद में लोग उसे ऑटो से निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां हालत में सुधार नहीं होने पर उसे एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी ले जा रहे थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। राजू की जेब में आधार कार्ड रखा हुआ था। इस पर परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई।
'लापरवाही से गई भतीजे की जान'
मृतक राजू के चाचा रणधीर सिंह ने बताया कि यह हादसा लिफ्ट का संचालन करने वालों की लापरवाही से हुआ है। लिफ्ट में प्रवेश के लिए एक गेट लगा होता है। यह लिफ्ट के तल पर आने पर ही खुलता है। मगर, राजू पांचवीं मंजिल पर खड़ा था। लिफ्ट सातवीं मंजिल पर थी। इसके बावजूद गेट खुल गया। गेट में तकनीकी कमी थी। लिफ्ट के मेंटनेंस की जिम्मेदारी सोसायटी की होती है। उन्होंने ठीक से जिम्मेदारी नहीं निभाई।
पूरी बिल्डिंग से एक सीए मेंटनेंस चार्ज के 2400 रुपये भी लेते हैं। इसके लिए सोसायटी और सीए जिम्मेदार हैं। उन्होंने प्रतीक सेंटर वेलफेयर सोसायटी, सीए मुकेश गुप्ता और गार्ड कोमल सिंह को हादसे के लिए जिम्मेदार मानते हुए तहरीर दी है। थाने का प्रभार देख रहे एसआई अमित कुमार ने बताया कि लापरवाही से मौत के मामले में सीए, सोसायटी और गार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना के बाद कार्रवाई की जाएगी।
लॉकडाउन में छूट गई थी राजू की नौकरी
परिजनों ने बताया कि राजू तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो छोटे भाई अजीत और संजय हैं। अजीत बीमार रहता है। पिता भगवान सिंह बुजुर्ग हैं। वो भी बीमार रहते हैं। राजू की पत्नी सपना है। उनके दो बच्चे छह साल का दिव्यांश और 11 माह की बेटी दिव्या है। राजू की लॉक डाउन में नौकरी छूट गई थी। वह काफी समय से नौकरी की तलाश कर रहा था।
किसी परिचित की मदद से हाल में ही नौकरी लगी थी। वह तकरीबन 15 दिन से आ रहा था। अब हादसा हो गया। इससे पूरा परिवार टूट गया है। अब घर में कोई कमाने वाला नहीं है। पूरे परिवार की जिम्मेदार राजू पर ही थी। दो बच्चों से पिता का साया उठ गया। बेटा पापा के लिए रोये जा रहा था। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
सीसीटीवी कैमरे का फुटेज आया सामने
पुलिस ने टावर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए। इसमें लिफ्ट के सामने ही कैमरा लगा है। इसमें नजर आ रहा है कि राजू हेलमेट हाथ में लेकर मोबाइल पर बात कर रहा है। वह लिफ्ट के आने का इंतजार कर रहा है। तभी एक युवक लिफ्ट से निकलता है। कुछ सेकंड तक राजू रुके रहते हैं। फिर गेट खोलते हैं और अंदर चले जाते हैं। तभी हादसा हो जाता है।