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UP: डिंपल सीख गईं राजनीत के वो गुर, जिससे मुलायम ने विरोधियों को किया था चित; अब खुद के दम पर लड़ रहीं चुनाव
Fri, 22 Mar 2024 07:24 PM IST
आगरा ब्यूरो
ज्योतवेन्द्र दुबे, मैनपुरी
ज्योतवेन्द्र दुबे, मैनपुरी
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 22 Mar 2024 07:24 PM IST
सार
मुलायम सिंह यादव के गढ़ कहे जाने वाले मैनपुरी से डिंपल यादव एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं। उपचुनाव में जहां पति अखिलेश यादव, चाचा शिवपाल के साथ पूरा सैफई परिवार साथ दिख रहा था तो इस चुनाव में डिंपल अकेले ही नजर आ रही हैं।
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डिंपल यादव और मुलायम सिंह यादव
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मैनपुरी लोकसभा चुनाव की मझधार पार करने के लिए सांसद डिंपल यादव ने इस बाद खुद ही पतवार थाम ली है। अकेले ही वे इस बार चुनावी मैदान में उतरी हैं। जनता के बीच जा रही हैं और संगठन से रायशुमारी कर जनता के बीच अपनी पकड़ बना रही हैं। ऐसे में डिंपल कहीं न कहीं अपना खुद का वजूद गढ़ रहीं हैं।
सांसद डिंपल यादव ने 2009 में सियासत में अपना पहला कदम रखा था। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से फिरोजाबाद सीट छोड़ने के चलते यहां हुए उपचुनाव में वे सपा प्रत्याशी थीं। यहां वे कभी अखिलेश यादव तो कभी धर्मेंद्र यादव या परिवार के अन्य सदस्यों के साथ नजर आती थीं। हालांकि इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वहीं, 2012 और 2014 में वे कन्नौज से सांसद चुनी गईं। यहां भी प्रचार के दौरान अखिलेश या परिवार का कोई न कोई सदस्य उनके साथ ही रहा। 2019 में कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव हारने के बाद उन्होंने मैनपुरी से 2022 में लोकसभा उपचुनाव लड़ा।
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सांसद डिंपल यादव ने 2009 में सियासत में अपना पहला कदम रखा था। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से फिरोजाबाद सीट छोड़ने के चलते यहां हुए उपचुनाव में वे सपा प्रत्याशी थीं। यहां वे कभी अखिलेश यादव तो कभी धर्मेंद्र यादव या परिवार के अन्य सदस्यों के साथ नजर आती थीं। हालांकि इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वहीं, 2012 और 2014 में वे कन्नौज से सांसद चुनी गईं। यहां भी प्रचार के दौरान अखिलेश या परिवार का कोई न कोई सदस्य उनके साथ ही रहा। 2019 में कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव हारने के बाद उन्होंने मैनपुरी से 2022 में लोकसभा उपचुनाव लड़ा।
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नेताजी मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद ये सीट खाली हुई थी। यहां भी प्रचार में अखिलेश यादव साये की तरह उनके साथ नजर आए। अखिलेश की गैर मौजूदगी में कभी देवर पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव तो कभी भतीजे पूर्व सांसद तेजप्रताप यादव ने उनका साथ दिया। लेकिन 2024 के आम चुनाव में अब डिंपल यादव नए कलेवर में नजर आ रही हैं। इस बार वे अकेले ही मैनपुरी की कमान संभाले हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जहां लखनऊ में व्यस्त हैं तो वहीं धर्मेंद्र यादव भी आजमगढ़ से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद व्यस्त चल रहे हैं। पूर्व सांसद तेजप्रताप यादव भी मैनपुरी में नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि डिंपल यादव ये बता चुकी हैं कि तेजप्रताप का स्वास्थ्य ठीक नहीं है।
कारण चाहे जो हो, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे अलग नजरिये से देख रहे हैं। उनका मानना है कि डिंपल यादव किसी न किसी का सहारा लेने वाली छवि से बाहर निकल रही हैं। यही कारण है कि वे इस बार मैनपुरी में बीते डेढ़ माह से लगातार अकेले ही लोगों के बीच जा रही हैं। फिलहाल होली तक के लिए उनके कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। होली के बाद फिर बार उनका मैनपुरी में भ्रमण शुरू हो जाएगा।
संगठन से लगातार ले रही हैं फीडबैक
डिंपल यादव संगठन से भी लगातार फीडबैक ले रही हैं। इसके लिए आवास विकास स्थित सपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर वे उनकी नब्ज टटोल रही हैं। साथ ही ब्लॉकों में भी कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर उनकी मंशा जान रही हैं। कहीं न कहीं उनका ये कार्य उन्हें कार्यकर्ताओं के भी करीब ला रहा है।
डिंपल यादव संगठन से भी लगातार फीडबैक ले रही हैं। इसके लिए आवास विकास स्थित सपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर वे उनकी नब्ज टटोल रही हैं। साथ ही ब्लॉकों में भी कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर उनकी मंशा जान रही हैं। कहीं न कहीं उनका ये कार्य उन्हें कार्यकर्ताओं के भी करीब ला रहा है।
जसवंतनगर की भी डिंपल पर ही है जिम्मेदारी
मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में इटावा की जसवंतनगर विधानसभा सीट भी शामिल है। यहां से सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव विधायक हैं। उनकी इस क्षेत्र में पकड़ अच्छी मानी जाती है। लेकिन इस बार पार्टी ने बदायूं से लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में वे बदायूं में ही प्रचार में व्यस्त है। यही कारण है कि जसवंनगर का दारोमदार भी डिंपल यादव पर ही है।
मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में इटावा की जसवंतनगर विधानसभा सीट भी शामिल है। यहां से सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव विधायक हैं। उनकी इस क्षेत्र में पकड़ अच्छी मानी जाती है। लेकिन इस बार पार्टी ने बदायूं से लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में वे बदायूं में ही प्रचार में व्यस्त है। यही कारण है कि जसवंनगर का दारोमदार भी डिंपल यादव पर ही है।