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Agra News: पुलिस की लगाई एफआर न्यायालय में हुई निरस्त
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मैनपुरी। थाना बेवर के मोहल्ला मिरकिचिया में एक साल पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत के मामले में थाना बेवर पुलिस की ओर से लगाई गई एफआर अपर सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट आजम रहमानी ने निरस्त कर दी है। थानाध्यक्ष बेवर को मामले में पुनः विवेचना करके आख्या देने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तारीख तय कर दी है। मोहल्ला मिरकिचिया की रहने वाली महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिथिलेश कुमारी वर्मा का शव 12 अगस्त 2024 को उनके घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। उनके परिजन साहिल वर्मा ने मृत्यु को संदिग्ध मानते हुए थाना बेवर में शिकायत की। लेकिन थाना बेवर पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। एसपी से शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं हुई। उसने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर थाना बेवर में रिपोर्ट लिखाई। साहिल ने पुलिस को एक शपथपत्र भी दिया, लेकिन पुलिस ने विवेचना में शपथपत्र शामिल नहीं किया। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके कोई बयान भी नहीं लिए हैं। फर्रुखाबाद के रहने वाले कुछ लोगों के शपथपत्र विवेचना में शामिल किए गए हैं। जब उसने शिकायत की तो पुलिस ने उसका शांतिभंग में चालान कर दिया। इसके बाद पुलिस ने एफआर लगा दी।
साहिल वर्मा ने पुलिस की एफआर के खिलाफ प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की। पिटीशन में बताया कि जो शपथपत्र दाखिल किए गए थे। वह विवेचना में शामिल नहीं किए गए हैं। अपर सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट आजम रहमानी ने पुलिस की ओर से लगाई गई एफआर निरस्त कर दी है। थानाध्यक्ष बेवर को स्वयं अथवा किसी अन्य विवेचक से नए तथ्यों के साथ पुन: विवेचना करके आख्या देने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तारीख तय कर दी है।
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साहिल वर्मा ने पुलिस की एफआर के खिलाफ प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की। पिटीशन में बताया कि जो शपथपत्र दाखिल किए गए थे। वह विवेचना में शामिल नहीं किए गए हैं। अपर सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट आजम रहमानी ने पुलिस की ओर से लगाई गई एफआर निरस्त कर दी है। थानाध्यक्ष बेवर को स्वयं अथवा किसी अन्य विवेचक से नए तथ्यों के साथ पुन: विवेचना करके आख्या देने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तारीख तय कर दी है।
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