{"_id":"67ecb5c2ee80b1b53a09c91e","slug":"mafia-dug-up-the-hill-in-fatehpur-sikri-officials-kept-sleeping-complaint-made-on-cm-portal-2025-04-02","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गजब का हाल: फतेहपुर सीकरी में पहाड़ी को खोद ले गए माफिया, सोते रहे अधिकारी; सीएम पोर्टल पर हुई शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गजब का हाल: फतेहपुर सीकरी में पहाड़ी को खोद ले गए माफिया, सोते रहे अधिकारी; सीएम पोर्टल पर हुई शिकायत
Wed, 02 Apr 2025 09:27 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 02 Apr 2025 09:27 AM IST
सार
खनन माफिया प्रतिबंधित क्षेत्र में बुल्डोजर से पहाड़ी को खोद ले गए हैं। इंद्रधनुष सोसाइटी ने इसकी शिकायत सीएम पोर्टल पर की है। साथ ही कहा है कि कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो मामले को एनजीटी में ले जाएंगे।
विज्ञापन
खनन (सांकेतिक फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा की किरावली तहसील के गांव सीकरी चार हिस्सा में मार्च महीने में खनन करने वाले प्रतिबंधित क्षेत्र में बुल्डोजर से पहाड़ी को खोद ले गए हैं। इंद्रधनुष सोसाइटी ने इसकी शिकायत सीएम पोर्टल पर की है। पूर्व में हुई शिकायत पर तहसीलदार किरावली ने खनन अधिकारी को कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा है।
इंद्रधनुष सोसाइटी के संजय सिंह चाहर, सोबरन सिंह चाहर ने शिकायतीपत्र में लिखा है कि सीकरी चार हिस्सा में करीब 1.5 किमी लंबी पर्वत की श्रेणी है। मात्र 100 मीटर पर शिव मंदिर और रॉक पेंटिग्स बनी हुई हैं। जिनके संरक्षण का कार्य चल रहा है। फतेहपुर सीकरी में कोर्ट ने खनन पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद उप जिलाधिकारी किरावली ने सितंबर 2024 में पहाड़ से लगे मिटटी उठाने की अनुमति दे दी। जिसकी आड़ में पहाड़ भी खोद डाला गया। मंगलवार को किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह भी मौके पर पहुंचे। बताया कि मामले की शिकायत डीएम से करेंगे।
ये भी पढ़ें - UP: सपा सांसद के आवास पर पथराव, तोड़फोड़...करणी सेना फिर दे रही हमले की धमकी, पुलिस है कि पकड़ ही नहीं पा रही
विज्ञापन
विज्ञापन
इंद्रधनुष सोसाइटी के संजय सिंह चाहर, सोबरन सिंह चाहर ने शिकायतीपत्र में लिखा है कि सीकरी चार हिस्सा में करीब 1.5 किमी लंबी पर्वत की श्रेणी है। मात्र 100 मीटर पर शिव मंदिर और रॉक पेंटिग्स बनी हुई हैं। जिनके संरक्षण का कार्य चल रहा है। फतेहपुर सीकरी में कोर्ट ने खनन पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद उप जिलाधिकारी किरावली ने सितंबर 2024 में पहाड़ से लगे मिटटी उठाने की अनुमति दे दी। जिसकी आड़ में पहाड़ भी खोद डाला गया। मंगलवार को किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह भी मौके पर पहुंचे। बताया कि मामले की शिकायत डीएम से करेंगे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - UP: सपा सांसद के आवास पर पथराव, तोड़फोड़...करणी सेना फिर दे रही हमले की धमकी, पुलिस है कि पकड़ ही नहीं पा रही
विज्ञापन
प्रसिद्ध ब्रिटिश उपन्यास किम का आधा भाग हुआ था शूट
चौधरी दिलीप सिंह ने कहा कि गाटा संख्या 45 का दक्षिण-पूर्व भाग ऐतिहासिक मोती-झील का हिस्सा है। उत्तर-पश्चिम भाग अपर विंध्याचल पर्वत श्रंखला का भाग है। इसी स्थान पर एक प्रसिद्ध ब्रिटिश उपन्यास किम-1984 (रुड्यार्ड किप्लिंग) का लगभग आधा भाग शूट किया गया था।
ये भी पढ़ें - UP: करणी सेना को पढ़ा देंगे इतिहास...12 अप्रैल की चुनौती स्वीकार, दलित संगठनों ने किया ये ऐलान; सपा सांसद का समर्थन
चौधरी दिलीप सिंह ने कहा कि गाटा संख्या 45 का दक्षिण-पूर्व भाग ऐतिहासिक मोती-झील का हिस्सा है। उत्तर-पश्चिम भाग अपर विंध्याचल पर्वत श्रंखला का भाग है। इसी स्थान पर एक प्रसिद्ध ब्रिटिश उपन्यास किम-1984 (रुड्यार्ड किप्लिंग) का लगभग आधा भाग शूट किया गया था।
ये भी पढ़ें - UP: करणी सेना को पढ़ा देंगे इतिहास...12 अप्रैल की चुनौती स्वीकार, दलित संगठनों ने किया ये ऐलान; सपा सांसद का समर्थन
एक हफ्ते में नहीं हुई कार्रवाई तो एनजीटी में जाएगा मामला
इंद्रधनुष सोसाइटी के संजय सिंह चाहर और सोबरन सिंह चाहर ने कहा है कि सितंबर माह से ही एसडीएम किरावली एवं अन्य अफसरों को पहाड की भूमि को खोदने की जानकारी दी थी। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि जांच खनन विभाग को सौंपकर मामले पर लीपापोती की जा रही है। यदि एक हफ्ते में एसडीएम ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो मामले को एनजीटी में ले जाएंगे।
इंद्रधनुष सोसाइटी के संजय सिंह चाहर और सोबरन सिंह चाहर ने कहा है कि सितंबर माह से ही एसडीएम किरावली एवं अन्य अफसरों को पहाड की भूमि को खोदने की जानकारी दी थी। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि जांच खनन विभाग को सौंपकर मामले पर लीपापोती की जा रही है। यदि एक हफ्ते में एसडीएम ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो मामले को एनजीटी में ले जाएंगे।