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टीटीजेड में एलपीजी संकट: 30% कटौती से एक लाख सिलिंडर की आपूर्ति ठप, रसोई पर मंडराया संकट
Wed, 22 Apr 2026 11:23 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 22 Apr 2026 11:23 AM IST
सार
ताज ट्रपेजियम जोन में एलपीजी आपूर्ति में 30% कटौती के कारण करीब एक लाख सिलिंडरों की सप्लाई बाधित हो गई है, जिससे आम जनता और कारोबारियों को भारी परेशानी हो रही है। डिस्ट्रीब्यूटर्स ने इसे सुप्रीम कोर्ट के स्वच्छ ईंधन आदेशों के खिलाफ बताते हुए पूर्ण आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
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गैस सिलिंडर
- फोटो : स्ंवाद
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विस्तार
पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील ताज ट्रपेजियम जोन (टीटीजेड) में गहराते एलपीजी संकट से एक ओर ताजमहल पर प्रदूषण का खतरा मंडरा रहा है, तो दूसरी ओर आम जनता की रसोई और छोटे कारोबारियों का बजट बिगड़ गया है। तेल कंपनियों की ओर से आपूर्ति में की गई 30 प्रतिशत की कटौती के कारण करीब एक लाख सिलिंडरों की आपूर्ति रुकी है।
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ताजमहल को वायु प्रदूषण से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड क्षेत्र में कोयला और लकड़ी जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि रसोई से लेकर औद्योगिक इकाइयों तक केवल स्वच्छ ईंधन (एलपीजी/पीएनजी) ही उपलब्ध कराया जाए। वर्तमान में आपूर्ति में हो रही कटौती को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन माना जा रहा है। गैस कंपनियों की इस कटौती के विरोध में मंगलवार को डिस्ट्रीब्यूटर्स ने मंडलायुक्त व टीटीजेड चेयरमैन नगेंद्र प्रताप से मुलाकात कर हस्तक्षेप की गुहार लगाई।
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बुकिंग के बाद पटरी से उतरा डिलीवरी सिस्टम
गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि आपूर्ति कम होने से डिलीवरी सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया है। बुकिंग के बाद भी एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। सबसे बुरा हाल व्यावसायिक सिलिंडरों का है, जिनकी आपूर्ति में 70 प्रतिशत तक की कमी की गई है। इसका सीधा खामियाजा छोटे दुकानदार, पथ विक्रेता और हलवाई भुगत रहे हैं। उनके पास स्वच्छ ईंधन के अलावा कोई दूसरा कानूनी विकल्प भी नहीं है।
गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि आपूर्ति कम होने से डिलीवरी सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया है। बुकिंग के बाद भी एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। सबसे बुरा हाल व्यावसायिक सिलिंडरों का है, जिनकी आपूर्ति में 70 प्रतिशत तक की कमी की गई है। इसका सीधा खामियाजा छोटे दुकानदार, पथ विक्रेता और हलवाई भुगत रहे हैं। उनके पास स्वच्छ ईंधन के अलावा कोई दूसरा कानूनी विकल्प भी नहीं है।
ऑल इंडिया इंडेन डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के आगरा संभाग के अध्यक्ष विपुल पुरोहित ने प्रशासन को आगाह किया कि यदि 100 प्रतिशत आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो यह कोर्ट की अवमानना मानी जाएगी। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया संकट के कारण तेल कंपनियां (आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल) केवल 70 प्रतिशत आपूर्ति दे रही हैं, लेकिन आगरा जैसे संवेदनशील क्षेत्र के लिए यह राशनिंग आत्मघाती है। स्वच्छ ईंधन की कमी से प्रदूषण मानकों का उल्लंघन हो सकता है।
गैस सिलिंडर की 95 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल
राशनिंग के बीच कालाबाजारी की आशंकाओं को खारिज करते हुए एसोसिएशन ने वितरण प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी बताया है। 95 प्रतिशत डिलीवरी ओटीपी (डीएसी) के जरिए हो रही है। शत-प्रतिशत डिजिटल बुकिंग के कारण मांग और आपूर्ति का रियल-टाइम डेटा उपलब्ध है। एसोसिएशन ने टीटीजेड को राष्ट्रीय राशनिंग कैप से मुक्त रखने और तेल कंपनियों को पूर्ण आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए जाने की मांग मंडलायुक्त एवं टीटीजेड चेयरमैन नगेंद्र प्रताप से की है।
राशनिंग के बीच कालाबाजारी की आशंकाओं को खारिज करते हुए एसोसिएशन ने वितरण प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी बताया है। 95 प्रतिशत डिलीवरी ओटीपी (डीएसी) के जरिए हो रही है। शत-प्रतिशत डिजिटल बुकिंग के कारण मांग और आपूर्ति का रियल-टाइम डेटा उपलब्ध है। एसोसिएशन ने टीटीजेड को राष्ट्रीय राशनिंग कैप से मुक्त रखने और तेल कंपनियों को पूर्ण आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए जाने की मांग मंडलायुक्त एवं टीटीजेड चेयरमैन नगेंद्र प्रताप से की है।