फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Love affair behind most murder case in agra

मोहब्बत की नगरी में 'इश्क कातिलाना', 12 महीने में 53 हत्याएं, पढ़िए यह रिपोर्ट

Fri, 26 Jun 2020 01:01 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 26 Jun 2020 01:01 AM IST
सार

  • ताजनगरी में 37.7 फीसदी हत्याओं के पीछे प्रेम संबंध
  • एसपी सिटी ने तैयार कराया डाटा, 12 महीने में 53 की हत्या की गई

विज्ञापन
Love affair behind most murder case in agra
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मोहब्बत की नगरी आगरा में हत्या के 37.7 फीसदी मामलों के पीछे प्रेम संबंध हैं। इनमें भी पति पत्नी और 'वो' के मामले ज्यादा हैं। हत्या की दूसरी बड़ी वजह लेन देन और संपत्ति का विवाद है। इसका प्रतिशत 28 है। ये आंकड़े पिछले एक साल (11 जून 2019 से 10 जून 2020) के हैं। इस दौरान हत्या के कुल 53 केस दर्ज हुए। इनमें दहेज के लिए हत्या शामिल नहीं है।
विज्ञापन


यह डाटा एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने तैयार कराया है। इसका मकसद हत्या की घटनाओं को रोकने की कोशिश करना है। संपत्ति के विवाद को चिह्नित कर पुलिस उन पर काम करेगी ताकि झगड़े और हत्या की नौबत न आए। 
विज्ञापन


एसपी सिटी ने बताया कि प्रेम संबंध के जो मामले सामने आते हैं, उनमें काउंसिलिंग कराई जाएगी। हत्या के 53 मामलों में से प्रेम संबंध के 20, संपत्ति और लेनदेन विवाद के 15, लूट, डकैती के लिए पांच हैं। बाकी के रोडरेज, कहासुनी के बाद हत्या जैसे कारण हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आंकड़े (11 जून 2019 से 10 जून 2020)
37. 7 फीसदी : प्रेम संबंध
28.0 फीसदी  : संपत्ति विवाद
10.0 फीसदी  : लूट के लिए
24.3 फीसदी  : अन्य कारण
(अन्य कारणों में रोड रेज, कहासुनी शामिल हैं )

कपल थेरेपी से रोकी जा सकती हैं हत्या

मानसिक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दिनेश राठौर का कहना है कि विवाहेतर संबंध के मामलों में अगर सही समय पर दंपती की काउंसिलिंग हो जाए तो हत्या को रोका जा सकता है। कपल थेरेपी के जरिए ऐसे लोगों की मानसिक स्थिति में बदलाव लाया जाता है। इसके बाद वे सामान्य जीवन जीने लगते हैं।

काउंसिलिंग से मिली राह

परिवार परामर्श केंद्र में ही ऐसे तीन मामले इसी साल के शुरू में आए। इनमें से एक ताजगंज का है। इसमें पत्नी के प्रेम संबंध का पति को पता चल गया। उसने पत्नी को मायके भेज दिया। 

परामर्श केंद्र में मामला पहुंचने पर दोनों की काउंसिलिंग हुई। इस पर पति पत्नी को साथ ले गया। इसी तरह शाहगंज के मामले में पत्नी को पति के संबंध की जानकारी हुई तो उसने केस दर्ज करा दिया लेकिन काउंसिलिंग के बाद उसने केस वापस लिया और दोनों अब साथ रह रहे हैं।

अपराध से जुड़ी अन्य खबरें: 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed