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आसान नहीं दूसरे चरण का नामांकन, प्रत्याशियों को मिले सिर्फ चार दिन, ऊपर से कड़े हैं नियम
Tue, 19 Mar 2019 12:02 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 19 Mar 2019 12:02 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा, फतेहपुर सीकरी और मथुरा सहित यूपी की 8 लोकसभा सीटों पर दूसरे चरण के लिए नामांकन शुरू हो गया है। यह प्रक्रिया 19 से 26 मार्च तक चलेगी। इन आठ दिनों में से प्रत्याशी सिर्फ चार दिन ही नामांकन कर सकेंगे। बाकी चार दिन छुट्टी है। वहीं इस बार नामांकन पत्र भरना भी आसान नहीं है, क्योंकि कई बदलाव किए गए हैं। इसमें जरा सी चूक प्रत्याशी का पर्चा निरस्त करा सकती है।
निर्वाचन आयोग ने 10 मार्च को 17 वीं लोकसभा के चुनाव के तारीखों की घोषणा की। इसके तहत आगरा, फतेहपुर सीकरी और मथुरा लोकसभा क्षेत्र में 18 अप्रैल को मतदान होगा। इसके लिए 19 मार्च से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है, जोकि 26 मार्च तक चलेगी। आठ दिन की इस नामांकन प्रक्रिया के बीच चार दिन अवकाश रहेगा।
20 व 21 मार्च को होली का अवकाश है। 24 मार्च को रविवार की छुट्टी। इस पर 11 मार्च को स्थानीय प्रशासन ने इन तीन दिन नामांकन न होने की जानकारी दी थी। मगर, इसी बीच निर्वाचन आयोग से नए दिशा-निर्देश जारी हो गए। इसमें महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को भी नामांकन प्रक्रिया न होने का निर्देश दिया।
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निर्वाचन आयोग ने 10 मार्च को 17 वीं लोकसभा के चुनाव के तारीखों की घोषणा की। इसके तहत आगरा, फतेहपुर सीकरी और मथुरा लोकसभा क्षेत्र में 18 अप्रैल को मतदान होगा। इसके लिए 19 मार्च से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है, जोकि 26 मार्च तक चलेगी। आठ दिन की इस नामांकन प्रक्रिया के बीच चार दिन अवकाश रहेगा।
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20 व 21 मार्च को होली का अवकाश है। 24 मार्च को रविवार की छुट्टी। इस पर 11 मार्च को स्थानीय प्रशासन ने इन तीन दिन नामांकन न होने की जानकारी दी थी। मगर, इसी बीच निर्वाचन आयोग से नए दिशा-निर्देश जारी हो गए। इसमें महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को भी नामांकन प्रक्रिया न होने का निर्देश दिया।
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नामांकन प्रक्रिया में कई बदलाव
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रमेश चंद्र ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश के तहत अब 23 मार्च को भी नामांकन नहीं होगा। इस तरह से नामांकन के लिए अब चार दिन ही रहेंगे। पहले से ही नामांकन के लिए पांच दिन मिल रहे थे, अब एक दिन और कम हो गया। ऐसे में प्रत्याशियों के लिए मुश्किल और बढ़ गई है।
उधर, इस बार नामांकन पत्र के प्रारूप 26 (क) में पांच-छह बड़े बदलाव बदलाव किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत पिछले पांच वर्ष की वार्षिक आय, चल-अचल संपत्ति का विवरण जुटाना होगा। यह एक दिन में मिल पाना मुश्किल है। इसलिए इसके लिए पहले से तैयारी नहीं की तो ऐन वक्त पर अड़चन आ सकती है।
प्रत्याशियों को नामांकन के लिए सिर्फ चार दिन ही मिलेंगे। इसलिए उन्हें नामांकन पत्र के साथ संलग्न करने वाले सभी तथ्य पहले से जुटाकर रखने होंगे। मैनपुरी, एटा और फिरोजाबाद के लिए 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए 28 मार्च से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। अंतिम तिथि चार अप्रैल है। इसमें भी एक रविवार है। यानी कुल सात दिन मिलेंगे।
उधर, इस बार नामांकन पत्र के प्रारूप 26 (क) में पांच-छह बड़े बदलाव बदलाव किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत पिछले पांच वर्ष की वार्षिक आय, चल-अचल संपत्ति का विवरण जुटाना होगा। यह एक दिन में मिल पाना मुश्किल है। इसलिए इसके लिए पहले से तैयारी नहीं की तो ऐन वक्त पर अड़चन आ सकती है।
प्रत्याशियों को नामांकन के लिए सिर्फ चार दिन ही मिलेंगे। इसलिए उन्हें नामांकन पत्र के साथ संलग्न करने वाले सभी तथ्य पहले से जुटाकर रखने होंगे। मैनपुरी, एटा और फिरोजाबाद के लिए 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए 28 मार्च से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। अंतिम तिथि चार अप्रैल है। इसमें भी एक रविवार है। यानी कुल सात दिन मिलेंगे।
ये हैं नामांकन फॉर्म में बड़े बदलाव
- यदि विदेश में अचल संपत्ति है तो उसका विवरण।
- यदि चल संपत्ति है तो कहां, किस बैंक में और कितनी, इसका विवरण।
- स्वयं, पत्नी, आश्रितों की चल-अचल संपत्ति का विवरण।
- स्वयं, पत्नी, आश्रितों की आय का श्रोत।
- पिछले पांच साल का वार्षिक आय का विवरण।
- पैनकार्ड का विवरण। यदि नहीं है तो इसका कारण।
- यदि जीएसटी दी है तो जीएसटी नंबर और बिल का विवरण।
- यदि चल संपत्ति है तो कहां, किस बैंक में और कितनी, इसका विवरण।
- स्वयं, पत्नी, आश्रितों की चल-अचल संपत्ति का विवरण।
- स्वयं, पत्नी, आश्रितों की आय का श्रोत।
- पिछले पांच साल का वार्षिक आय का विवरण।
- पैनकार्ड का विवरण। यदि नहीं है तो इसका कारण।
- यदि जीएसटी दी है तो जीएसटी नंबर और बिल का विवरण।
आपराधिक विवरण का देना होगा विज्ञापन
इस बार प्रत्याशियों के आपराधिक रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने के संबंध में भी नियम में बदलाव किया गया है। पूर्व के चुनावों में सिर्फ फार्म में ही अपने आपराधिक रिकॉर्ड का विवरण देना होता था। मगर, इस बार नामांकन के बाद प्रत्याशी अपना आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करने के लिए तीन बार विज्ञापन छपवाना होगा। ताकि उस क्षेत्र के मतदाता उक्त प्रत्याशी के बारे में जान सकें।
यदि प्रत्याशी किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का है तो उसे इसकी जानकारी अपनी पार्टी को भी देनी होगी। इस बाबत उसे अपने रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) को पार्टी को जानकारी देने के संबंध में भी शपथ पत्र देना होगा। इन बदले हुए नियमों के उल्लंघन पर पर्चा निरस्त भी हो सकता है।
ये होंगे चेक प्वाइंट
- प्रत्याशी को सत्यापित मतदाता सूची उपलब्ध करानी होगी।
- प्रत्याशी का वोटर कार्ड।
- तहसील, नगर निगम/नगर पालिका/नगर पंचायत, जलकल, बिजली विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र।
- जमानत धनराशि का चालान।
- फार्म के प्रारूप 26 के सभी कॉलम में विवरण भरना।
- मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के प्रत्याशी को पार्टी का बी फार्म।
- प्रस्तावकों के नाम की सत्यापित मतदाता सूची।
यदि प्रत्याशी किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का है तो उसे इसकी जानकारी अपनी पार्टी को भी देनी होगी। इस बाबत उसे अपने रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) को पार्टी को जानकारी देने के संबंध में भी शपथ पत्र देना होगा। इन बदले हुए नियमों के उल्लंघन पर पर्चा निरस्त भी हो सकता है।
ये होंगे चेक प्वाइंट
- प्रत्याशी को सत्यापित मतदाता सूची उपलब्ध करानी होगी।
- प्रत्याशी का वोटर कार्ड।
- तहसील, नगर निगम/नगर पालिका/नगर पंचायत, जलकल, बिजली विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र।
- जमानत धनराशि का चालान।
- फार्म के प्रारूप 26 के सभी कॉलम में विवरण भरना।
- मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के प्रत्याशी को पार्टी का बी फार्म।
- प्रस्तावकों के नाम की सत्यापित मतदाता सूची।