डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय: विधि छात्रों ने धरना देकर किया प्रदर्शन, ये हैं मांगें
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आगरा कॉलेज के विधि छात्रों ने सोमवार को मूल्यांकन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में जमकर हंगामा किया। दोबारा लिखित परीक्षा कराने या 30 अंक देकर पास कराए जाने की मांग के लिए छात्रों ने धरना देकर नारेबाजी की।
विधि के छात्र कुलपति से मिलने के लिए विश्वविद्यालय पहुंचे। सुरक्षा गार्ड ने अंदर प्रवेश करने पर रोका तो छात्रों ने गेट के आगे ही धरना शुरू कर दिया। जानकारी पर चीफ प्रॉक्टर आए और छात्रों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। छात्र बोले कि मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई है।
विधि विभाग के 30 कॉलेजों के एलएलबी-बीएएलएलबी के अंतिम वर्ष के 2000 छात्रों में से 95 फीसदी छात्र फेल कर दिए हैं। लिखित परीक्षा दोबारा कराई जाए या फिर 30 अंक देकर पास किया जाए। कुलपति ने मामले को परीक्षा समिति में रखने का आश्वासन दिया, लेकिन छात्र लिखित में मांगने लगे, कुलपति ने लिखित में देने से मना कर दिया। इस पर छात्र देर शाम तक धरने पर बैठे रहे।
मूल्यांकन में कोई लापरवाही नहीं बरती गई
चीफ प्रॉक्टर डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मूल्यांकन में कोई लापरवाही नहीं बरती है। छात्रों का ज्ञापन स्वीकार कर कुलपति ने परीक्षा समिति में मामला रखने को कहा है, लेकिन छात्र लिखित में देने पर अड़े हैं, यह संभव नहीं है।
छात्र बोले- मांगे पूरी होने तक लड़ाई जारी रहेगी
छात्र वेदप्रकाश सिंह ने कहा कि लिखित परीक्षा दोबारा हो या फिर प्रमोट किया जाए। परीक्षा दोबारा कराई जाएं तो छात्रों से शुल्क नहीं वसूला जाए। मांगें पूरी न होने तक लड़ाई जारी रहेगी।
आफताब कुरैशी ने कहा कि चार नवंबर से परीक्षाएं शुरू कराईं और 12 नवंबर को संपन्न करा दीं, आठ जनवरी को परिणाम जारी किया तो उसमें 95 फीसदी छात्र फेल हैं। ज्ञापन देकर दोबारा लिखित परीक्षा कराए जाने की मांग की तो सुनवाई नहीं हुई।
छात्रा ऊषा चिरार ने कहा कि परीक्षा ओएमआर शीट पर कराई, जबकि छात्रों को इसके बारे में कोई जानकारी ही नहीं दी गई थी, कई छात्र इस पैटर्न पर परीक्षा देने के लिए तैयार भी नहीं थे।
कुमकुम आर्य ने कहा कि ओएमआर शीट के बजाय पहले की तरह दोबारा लिखित परीक्षाएं कराई जाएं, या फिर पहली-दूसरी साल की तरह हमें भी प्रमोट करते हुए पास किया जाए।