अब नाम-पते के साथ बनेगी फर्जी बीएड शिक्षकों की सूची
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आगरा में बीएड की मार्कशीट फर्जी होने के बावजूद परिषदीय विद्यालयों में पढ़ा रहे 2500 शिक्षकों की सूची अब उनके नाम और पते के साथ तैयार की जाएगी। इन्हें बर्खास्त कराने के लिए यह सूची शासन को भेजी जाएगी। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने सूची तैयार कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक को पत्र लिखा है। वहां से सभी बीएसए को निर्देश भेज दिए गए हैं।
इससे पहले एसआईटी ने डॉ. बीआर आंबेडकर यूनिवर्सिटी के कुलपति से कहा था कि फर्जी मार्कशीट को निरस्त घोषित कर दिया जाए। कुलपति इसके लिए राजी नहीं हुए। सारी मार्कशीट इसी विवि की हैं। दरअसल, 2004 के बीएड सत्र में कुल सीटें आठ हजार थीं। निजी कॉलेजों ने मैनेजमेंट कोटा अपनी मर्जी से बढ़ाकर 4000 फर्जी मार्कशीट जारी कर दीं।
विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से इनका विवरण गोपनीय चार्ट में दर्ज कर लिया गया। इसके लिए चार्ट में हेराफेरी की गई। इसी दौरान
एक हजार मार्कशीट में अंक भी बढ़ा दिए गए। एसआईटी ने तीन साल लंबी जांच के बाद वे सभी रोल नंबर हासिल किए जिनका बीएड में प्रवेश नहीं था। न ही उन्होंने परीक्षा दी थी। इन 4000 रोल नंबर के बारे में और छानबीन हुई तो पता चला कि इन रोल नंबर वाले 2500 अभ्यर्थी परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक बन गए हैं।
एसआईटी ने बेसिक शिक्षा विभाग को सभी रोल नंबर सौंपे। विभाग ने जिलावार इन रोल नंबर वाले शिक्षकों की सूची बनाई लेकिन बर्खास्तगी नहीं की। इस पर एसआईटी ने नए सिरे से कार्ययोजना बनाई है कार्रवाई कराने के लिए।
सात शिक्षक बर्खास्त किए, पर रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई
बेसिक शिक्षा विभाग ने हाल ही में टीईटी और स्नातक की मार्कशीट फर्जी मिलने पर आगरा में सात शिक्षकों को बर्खास्त किया है। नौ को नोटिस जारी किया
गया है। इनकी मार्कशीट फर्जी होने का संदेह है। फर्जी मार्कशीट वाले शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को बीएसए की ओर से निर्देश दिए गए। वे इन्हें दबाकर बैठ गए हैं।
एक के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। निर्देश जारी हुए सात दिन बीत गए हैं। पिछले साल भी ऐसा हो चुका है जब फर्जी मार्कशीट वाले शिक्षक बर्खास्त तो किए गए लेकिन उनके खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई।
- बेसिक शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर उन शिक्षकों के नाम-पते मांगे गए हैं जो फर्जी मार्कशीट पर नौकरी कर रहे हैं। इनकी सूची कार्रवाई के लिए शासन को भेजी जाएगी।
रमेश कुमार , जांच अधिकारी, एसआईटी