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UP: शराब की बोतल और ऐसा सामान...पूरी प्लानिंग के साथ घर में घुसे सिक्योरिटी गार्ड, किशोरी संग किया घिनौना काम
Thu, 27 Feb 2025 09:41 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 27 Feb 2025 09:41 AM IST
सार
रोटी के बहाने घर में घुसकर किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी गार्डों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। मामले में फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य भी जुटाए हैं। इसके साथ ही एसीपी ने मोहल्ले के लोगों से वारदात की जानकारी ली।
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पुलिस गिरफ्त में दोनों आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में 13 साल की किशोरी से रोटी मांगने के बहाने घर में घुसकर सामूहिक दुष्कर्म की घटना से मोहल्ले के लोगों में आक्रोश है। वे आरोपियों को कड़ी सजा दिलाना चाहते हैं। पुलिस से लेकर कोर्ट में गवाही के लिए तैयार हैं। बुधवार को जांच के लिए पहुंचे एसीपी हरीपर्वत आदित्य सिंह को लोगों ने वारदात की जानकारी दी। उधर, आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
सिकंदरा क्षेत्र के एक मोहल्ले में मंगलवार दोपहर को वारदात हुई थी। आरोप है कि सिक्योरिटी एजेंसी के गार्ड सगे भाई योगेंद्र कुमार दुबे और शैलेंद्र दुबे 13 साल की किशोरी से रोटी मांगने के बहाने घर में घुस गए थे। घर में अकेला देखकर किशोरी से दुष्कर्म किया था। आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों जेल भेज दिए गए।
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सिकंदरा क्षेत्र के एक मोहल्ले में मंगलवार दोपहर को वारदात हुई थी। आरोप है कि सिक्योरिटी एजेंसी के गार्ड सगे भाई योगेंद्र कुमार दुबे और शैलेंद्र दुबे 13 साल की किशोरी से रोटी मांगने के बहाने घर में घुस गए थे। घर में अकेला देखकर किशोरी से दुष्कर्म किया था। आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों जेल भेज दिए गए।
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बुधवार दोपहर 1 बजे एसीपी हरीपर्वत बस्ती में पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन किया। एसीपी दो घंटे तक रुके। बस्ती की ओर आने वाले रास्तों में लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि आरोपियों को सजा दिलाने के लिए 1 महीने का लक्ष्य रखा गया है। साक्ष्य संकलन से लेकर गवाहों के बयान दर्ज करने तक की प्रक्रिया 10 दिन के अंदर पूरी कर आरोप पत्र लगाया जाएगा। केस को प्राथमिकता पर लेकर गवाही कराई जाएगी, जिससे जल्द से जल्द सजा हो सके।
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जूते बेचकर खरीदी थी शराब
एसीपी ने बताया कि आरोपी योगेंद्र दुबे और शैलेंद्र दुबे फर्रुखाबाद के थाना मेरापुर के गांव पखना निवासी हैं। योगेंद्र एक अस्पताल में तो शैलेंद्र एक जूता फैक्टरी में कार्यरत था। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार दोपहर उन्हें भूख लग रही थी। एक परिचित को फोन किया। उससे रुपये मांगे। मगर, उन्होंने मना कर दिया। इस पर अपना एक जूता बेच दिया। इससे उन्हें 70 रुपये मिल गए। उन्होंने शराब खरीदी। मगर, खाने के लिए रुपये नहीं बचे। वो भटकने लगे। तभी किशोरी मिल गई। उसका पीछा करते हुए घर में घुसे।
एसीपी ने बताया कि आरोपी योगेंद्र दुबे और शैलेंद्र दुबे फर्रुखाबाद के थाना मेरापुर के गांव पखना निवासी हैं। योगेंद्र एक अस्पताल में तो शैलेंद्र एक जूता फैक्टरी में कार्यरत था। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार दोपहर उन्हें भूख लग रही थी। एक परिचित को फोन किया। उससे रुपये मांगे। मगर, उन्होंने मना कर दिया। इस पर अपना एक जूता बेच दिया। इससे उन्हें 70 रुपये मिल गए। उन्होंने शराब खरीदी। मगर, खाने के लिए रुपये नहीं बचे। वो भटकने लगे। तभी किशोरी मिल गई। उसका पीछा करते हुए घर में घुसे।
मिले सजा, पूरी बस्ती देगी गवाही
सिकंदरा के मोहल्ले में हुई घटना के बाद महिलाएं एक ही बात बोल रहीं हैं कि आरोपियों को जल्द सजा दिलाओ, पूरी बस्ती गवाही देगी। मजबूरी का बहाना कर आरोपियों ने दुस्साहस किया। बुधवार को मोहल्ले में पहुंचे एसीपी से महिलाओं ने कहा कि समय रहते किशोरी की छोटी बहन आ गई। आरोपियों को पकड़ लिया गया। नहीं तो वो कुछ भी कर सकते थे।
सिकंदरा के मोहल्ले में हुई घटना के बाद महिलाएं एक ही बात बोल रहीं हैं कि आरोपियों को जल्द सजा दिलाओ, पूरी बस्ती गवाही देगी। मजबूरी का बहाना कर आरोपियों ने दुस्साहस किया। बुधवार को मोहल्ले में पहुंचे एसीपी से महिलाओं ने कहा कि समय रहते किशोरी की छोटी बहन आ गई। आरोपियों को पकड़ लिया गया। नहीं तो वो कुछ भी कर सकते थे।
कालर पकड़कर ले आईं थीं महिलाएं
छोटी बहन शोर मचा रही थी। आवाज सुनकर कमरे में पहुंचे तो शराब की बोतल व गिलास रखे मिले। पीड़ित किशोरी भागकर आई। उनसे लिपटकर रोने लगी। वह डरी हुई थी। आरोपी मिल गए। पहले डर लग रहा था कि कहीं उनके पास कोई हथियार तो नहीं है। इसलिए हाथ में डंडा लिया। दोनों की काॅलर पकड़कर घर से बाहर ले आए। यह बात एक महिला ने पुलिस को बताई। वह घरों में खाना बनाने का काम करती हैं। वह काम से लौटी थीं। तभी पीड़िता की छोटी बहन को देखा। वह रो रही थी। उसने घटना के बारे में बताया। इस पर उन्होंने पड़ोसी महिला को बुला लिया। आरोपियों पर हथियार होने की आशंका पर डंडे लेकर गई थीं। महिलाओं को देखकर आरोपी किशोरी का रिश्तेदार बताने लगे। उनसे जाने के लिए कहा। किशोरी उन्हें देखते ही भागकर आ गई। रोते हुए लिपट गई। उन्हें समझते देर नहीं लगी। आरोपियों को कालर पकड़ घसीटते हुए गली के बाहर ले आईं।
छोटी बहन शोर मचा रही थी। आवाज सुनकर कमरे में पहुंचे तो शराब की बोतल व गिलास रखे मिले। पीड़ित किशोरी भागकर आई। उनसे लिपटकर रोने लगी। वह डरी हुई थी। आरोपी मिल गए। पहले डर लग रहा था कि कहीं उनके पास कोई हथियार तो नहीं है। इसलिए हाथ में डंडा लिया। दोनों की काॅलर पकड़कर घर से बाहर ले आए। यह बात एक महिला ने पुलिस को बताई। वह घरों में खाना बनाने का काम करती हैं। वह काम से लौटी थीं। तभी पीड़िता की छोटी बहन को देखा। वह रो रही थी। उसने घटना के बारे में बताया। इस पर उन्होंने पड़ोसी महिला को बुला लिया। आरोपियों पर हथियार होने की आशंका पर डंडे लेकर गई थीं। महिलाओं को देखकर आरोपी किशोरी का रिश्तेदार बताने लगे। उनसे जाने के लिए कहा। किशोरी उन्हें देखते ही भागकर आ गई। रोते हुए लिपट गई। उन्हें समझते देर नहीं लगी। आरोपियों को कालर पकड़ घसीटते हुए गली के बाहर ले आईं।
रात भर जागते रहे लोग
पुलिस और चिकित्सक की लापरवाही की वजह से पीड़िता का मेडिकल मंगलवार रात 12 बजे शुरू हुआ था। रात डेढ़ बजे परिजन बेटी को घर लेकर आए। तब तक लोग भी इंतजार करते रहे। परिवार बुरी तरह डरा हुआ था। बस्ती के लोगों ने उन्हें सांत्वना थी। बुधवार को पुलिस ने जिला अस्पताल में पीड़िता का आयु संबंधी मेडिकल कराया।
पुलिस और चिकित्सक की लापरवाही की वजह से पीड़िता का मेडिकल मंगलवार रात 12 बजे शुरू हुआ था। रात डेढ़ बजे परिजन बेटी को घर लेकर आए। तब तक लोग भी इंतजार करते रहे। परिवार बुरी तरह डरा हुआ था। बस्ती के लोगों ने उन्हें सांत्वना थी। बुधवार को पुलिस ने जिला अस्पताल में पीड़िता का आयु संबंधी मेडिकल कराया।