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Agra News: एबीसी या अपार आईडी लिंक होना जरूरी, वरना नहीं मिलेगा रिजल्ट
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को एबीसी (एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स) या अपार आईडी बनवाना और उसे समर्थ पोर्टल से जोड़ना अनिवार्य किया गया है। यह कहा गया है कि इनके लिंक न होने पर रिजल्ट से दूर रहना पड़ सकता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार, शासन की ओर से जारी निर्देशों के बावजूद कई महाविद्यालयों में इस कार्य की प्रगति धीमी पाई गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने महाविद्यालयों को इसे लागू करने की स्पष्ट चेतावनी दी है। एबीसी और अपार आईडी के समन्वयक प्रो. संजय जैन का कहना है कि सभी विद्यार्थियों की एबीसी या अपार आईडी निर्माण एवं पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया को तत्काल पूर्ण कराया जाए। जिनकी आईडी समर्थ पोर्टल से नहीं जोड़ी गई है, उनका परीक्षाफल घोषित नहीं किया जाएगा।
हफ्तेभर की मोहलत
डीन अकादमिक प्रो. मनु प्रताप ने बताया कि अब तक विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में कुल 2 लाख छात्रों में से 1 लाख 21 हजार का पंजीकरण हो गया है। वहीं, वर्तमान सत्र में 1 लाख 38 हजार में से 28 हजार छात्रों की आईडी समर्थ से लिंक हो गई है। जिन भी महाविद्यालयों में लापरवाही सामने आ रही है, उन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं और हफ्तेभर का समय दिया गया है।
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क्या है एबीसी और अपार आईडी
यह छात्र की 12 अंकों की डिजिटल शैक्षणिक संख्या होती है, जिसमें उसके ओर से मिले सभी शैक्षणिक क्रेडिट सुरक्षित रहते हैं। इन क्रेडिट का उपयोग आगे की पढ़ाई में किया जा सकता है। वहीं, अपार (स्वचालित स्थायी शैक्षणिक खाता रजिस्टर) यह छात्र की विशिष्ट शैक्षणिक पहचान संख्या होती है, जिसमें प्रवेश से लेकर परीक्षा और परिणाम तक का पूरा शैक्षणिक विवरण दर्ज रहता है।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार, शासन की ओर से जारी निर्देशों के बावजूद कई महाविद्यालयों में इस कार्य की प्रगति धीमी पाई गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने महाविद्यालयों को इसे लागू करने की स्पष्ट चेतावनी दी है। एबीसी और अपार आईडी के समन्वयक प्रो. संजय जैन का कहना है कि सभी विद्यार्थियों की एबीसी या अपार आईडी निर्माण एवं पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया को तत्काल पूर्ण कराया जाए। जिनकी आईडी समर्थ पोर्टल से नहीं जोड़ी गई है, उनका परीक्षाफल घोषित नहीं किया जाएगा।
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हफ्तेभर की मोहलत
डीन अकादमिक प्रो. मनु प्रताप ने बताया कि अब तक विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में कुल 2 लाख छात्रों में से 1 लाख 21 हजार का पंजीकरण हो गया है। वहीं, वर्तमान सत्र में 1 लाख 38 हजार में से 28 हजार छात्रों की आईडी समर्थ से लिंक हो गई है। जिन भी महाविद्यालयों में लापरवाही सामने आ रही है, उन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं और हफ्तेभर का समय दिया गया है।
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क्या है एबीसी और अपार आईडी
यह छात्र की 12 अंकों की डिजिटल शैक्षणिक संख्या होती है, जिसमें उसके ओर से मिले सभी शैक्षणिक क्रेडिट सुरक्षित रहते हैं। इन क्रेडिट का उपयोग आगे की पढ़ाई में किया जा सकता है। वहीं, अपार (स्वचालित स्थायी शैक्षणिक खाता रजिस्टर) यह छात्र की विशिष्ट शैक्षणिक पहचान संख्या होती है, जिसमें प्रवेश से लेकर परीक्षा और परिणाम तक का पूरा शैक्षणिक विवरण दर्ज रहता है।