{"_id":"65ec028ccae5f5826e069fc9","slug":"light-and-sound-show-will-be-held-in-the-palace-of-lord-krishna-s-maternal-uncle-kansa-2024-03-09","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: भगवान कृष्ण के मामा कंस का महल, यहां जीवंत होंगी द्वापर युग की लीलाएं; 6 करोड़ होंगे खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: भगवान कृष्ण के मामा कंस का महल, यहां जीवंत होंगी द्वापर युग की लीलाएं; 6 करोड़ होंगे खर्च
Sat, 09 Mar 2024 12:02 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 09 Mar 2024 12:02 PM IST
सार
भगवान श्रीकृष्ण के मामा कंस का महल आज भी कृष्ण कालीन युग की यादों को संजोए हुए है। यमुना किनारे उतरी दिशा में बना कंस किले में अब कृष्ण लीलाएं जीवंत होंगी। यहां 6 करोड़ रुपये खर्च कर लाइट एंड साउंड शो की व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन
कंस का किला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के मामा कंस के 5500 साल पुराने किले को भी पर्यटन केंद्र के तौर पर पहचान दिलाई जाएगी। इस क्रम में आने वाले दिनों में यहां पर्यटक लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को देख सकेंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की कार्ययोजना को शासन ने स्वीकृत कर लिया है।
विज्ञापन
भगवान श्रीकृष्ण की कथा में कंस की वही नकारात्मक भूमिका है, जो भगवान श्रीराम की कथा में रावण की। मथुरा में बना कंस का किला लगभग 5500 साल पुराना बताया जाता है। कालांतर में रखरखाव के अभाव में इसकी दुर्दशा हो रही है। मथुरा परिक्रमा मार्ग को छोड़ दिया जाये, तो आम आदमी कंस किले को लेकर उत्साहित या जिज्ञासु नहीं रहता। ऐसे में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास ने कंस किले को आकर्षण का बनाने के लिए 6 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना तैयार की। इसके तहत कंस किले की दीवारों पर लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं प्रदर्शित की जाएंगी। इस परियोजना का प्रस्ताव शासन को भेज था, जिसे स्वीकृत कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किले की पूर्वी दीवारों पर मनोहारी लीलाएं
कंस किले की पूर्वी दीवार, जो यमुना की ओर है, उस पर कृष्ण लीलाएं प्रदर्शित होंगी। यमुना के तट पर रात्रि बेला में भगवान की मनोहारी लीलाएं पर्यटकों को आकर्षित करेगी।
कंस किले की पूर्वी दीवार, जो यमुना की ओर है, उस पर कृष्ण लीलाएं प्रदर्शित होंगी। यमुना के तट पर रात्रि बेला में भगवान की मनोहारी लीलाएं पर्यटकों को आकर्षित करेगी।
पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी
वृन्दावन, गोकुल, गोवर्धन और बरसाना जैसे तीर्थ स्थलों पर तेजी से पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इसे देखते हुए मथुरा काफी पिछड़ गया है। इससे शहरी विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। अभी लोग केवल श्रीकृष्ण जन्मभूमि और द्वारिकाधीश मंदिर या फिर यमुना जी के दर्शन के लिए ही आते हैं, लेकिन इनकी संख्या ब्रज के अन्य स्थानों के मुकाबले बहुत कम है। ऐसे में लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से मथुरा में भी पर्यटकों के बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
वृन्दावन, गोकुल, गोवर्धन और बरसाना जैसे तीर्थ स्थलों पर तेजी से पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इसे देखते हुए मथुरा काफी पिछड़ गया है। इससे शहरी विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। अभी लोग केवल श्रीकृष्ण जन्मभूमि और द्वारिकाधीश मंदिर या फिर यमुना जी के दर्शन के लिए ही आते हैं, लेकिन इनकी संख्या ब्रज के अन्य स्थानों के मुकाबले बहुत कम है। ऐसे में लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से मथुरा में भी पर्यटकों के बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
मिल गई स्वीकृति
तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी सीईओ जेपी पांडेय ने बताया कि कंस किले पर लाइट एंड साउंड शो की योजना को स्वीकृति मिल गई है। कार्यदायी संस्था मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के माध्यम से इसका क्रियान्वयन किया जाएगा।
तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी सीईओ जेपी पांडेय ने बताया कि कंस किले पर लाइट एंड साउंड शो की योजना को स्वीकृति मिल गई है। कार्यदायी संस्था मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के माध्यम से इसका क्रियान्वयन किया जाएगा।