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दो हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा
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मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र के गांव उस्मानपुर में 27 साल पहले दंपती की हत्या करने वाले दो लोगों को एफटीसी (द्वितीय) जज तरन्नुम खान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जिला फर्रुखाबाद के थाना मोहम्मदाबाद के लगुनाबरी निवासी गिरंद सिंह पत्नी मुन्नीदेवी के साथ बहन शारदा देवी की ससुराल थाना भोगांव के गांव उस्मानपुर में रहता था। 17 मार्च 1995 की रात आठ बजे उस्मानपुर निवासी गिरंद ने गांव के ही शांति उर्फ व्यासमुनि के साथ मिलकर गिरंद सिंह और मुन्नीदेवी की हत्या कर दी। हत्या की रिपोर्ट मृतक के भाई अमर सिंह ने थाना भोगांव में 18 मार्च को दर्ज कराई। पुलिस ने घटना की जांच करने के बाद दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने दोनों के खिलाफ गवाही दी। साक्ष्य और गवाही के आधार पर दोनों को दंपती की हत्या का दोषी पाया गया। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान, अभिषेक गुप्ता ने दोनों को कड़ी सजा देने की दलील दी। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को अदालत से हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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वारिसान को मिलेगा मुआवजा
एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि जुर्माने की रकम में से 75 प्रतिशत धनराशि दंपती के वारिसान को दिए जाएंगे।
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जमीन का विवाद का
गिरंद बहन की ससुराल में ग्रामसभा की जमीन पर झोपड़ी बनाकर रहता था। इस जगह पर हत्यारे गिरंद और शांती कब्जा करना चाहते थे। एडीजीसी अभिषेक गुप्ता ने बताया इसी रंजिश के चलते दंपती की हत्या कर दी गई थी।
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पूर्व प्रधान हो चुके बरी
अमर सिंह ने उस्मानपुर के तत्कालीन प्रधान राजकुमार लोधी के खिलाफ भी रिपोर्ट लिखाई थी। राजकुमार का मुकदमा अलग से चला था। दंपती की हत्या के मामले में पूर्व प्रधान को वर्ष 2007 में बरी किया जा चुका है।
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जिला फर्रुखाबाद के थाना मोहम्मदाबाद के लगुनाबरी निवासी गिरंद सिंह पत्नी मुन्नीदेवी के साथ बहन शारदा देवी की ससुराल थाना भोगांव के गांव उस्मानपुर में रहता था। 17 मार्च 1995 की रात आठ बजे उस्मानपुर निवासी गिरंद ने गांव के ही शांति उर्फ व्यासमुनि के साथ मिलकर गिरंद सिंह और मुन्नीदेवी की हत्या कर दी। हत्या की रिपोर्ट मृतक के भाई अमर सिंह ने थाना भोगांव में 18 मार्च को दर्ज कराई। पुलिस ने घटना की जांच करने के बाद दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने दोनों के खिलाफ गवाही दी। साक्ष्य और गवाही के आधार पर दोनों को दंपती की हत्या का दोषी पाया गया। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान, अभिषेक गुप्ता ने दोनों को कड़ी सजा देने की दलील दी। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को अदालत से हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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वारिसान को मिलेगा मुआवजा
एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि जुर्माने की रकम में से 75 प्रतिशत धनराशि दंपती के वारिसान को दिए जाएंगे।
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जमीन का विवाद का
गिरंद बहन की ससुराल में ग्रामसभा की जमीन पर झोपड़ी बनाकर रहता था। इस जगह पर हत्यारे गिरंद और शांती कब्जा करना चाहते थे। एडीजीसी अभिषेक गुप्ता ने बताया इसी रंजिश के चलते दंपती की हत्या कर दी गई थी।
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पूर्व प्रधान हो चुके बरी
अमर सिंह ने उस्मानपुर के तत्कालीन प्रधान राजकुमार लोधी के खिलाफ भी रिपोर्ट लिखाई थी। राजकुमार का मुकदमा अलग से चला था। दंपती की हत्या के मामले में पूर्व प्रधान को वर्ष 2007 में बरी किया जा चुका है।