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आगरा: पत्नी की हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा, सास, ननद और देवर हुए बरी

Thu, 07 Apr 2022 12:11 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 07 Apr 2022 12:11 PM IST
सार

शाहगंज थाने में दर्ज पत्नी को जलाकर मारने के आरोपी पति के न्यायालय ने दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं सास, ननद और देवर को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए गए हैं।

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जेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपर जिला जज रनवीर सिंह ने पत्नी की हत्या में आरोपी पति प्रकाश को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अन्य आरोपियों में शामिल सास, ननद और देवर को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश किए।

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थाना शाहगंज में विजय कुमार ने दर्ज कराए मुकदमे में कहा था कि उनकी बहन रेखा की शादी मार्च 2006 में प्रकाश निवासी पृथ्वीनाथ फाटक, शाहगंज के साथ हुई थी। शादी में लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी पति राकेश और ससुरालीजन रेखा को मिले दहेज से संतुष्ट नहीं थे। पति प्रकाश, ससुर करन सिंह, सास शांति देवी, ननद मीना अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर रेखा का उत्पीड़न कर रहे थे। 
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उन्होंने दहेज की मांग पूरी करने में असमर्थता जताई। इस पर 19 जुलाई 2015 को रेखा को जलाकर मार दिया। विजय की तहरीर पर पुलिस ने मृतका के पति प्रकाश, सास शांति देवी, ससुर करन सिंह, देवर किशन और ननद मीना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे के विचारण के दौरान आरोपी ससुर की मौत हो गई। 
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अदालत ने उनके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी। मुकदमे के विचारण के बाद आरोपी सास व ननद और देवर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। वहीं, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रूपेश गोस्वामी के तर्क एवं साक्ष्यों के आधार पर रेखा के पति प्रकाश को दोषी पाते हुए अपर जिला जज रनवीर सिंह ने आजीवन कारावास और 26 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।

पति को नहीं मिली जमानत

दो बेटियां होने पर पत्नी को खुदकुशी के लिए मजबूर करने के आरोपी स्वदेश उर्फ सुकेश को अदालत से जमानत नहीं मिल सकी। जिला जज विवेक संगल ने आरोपी की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र खारिज करने के आदेश किए।

एत्माद्दौला थाने में गोवर्धन सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके अनुसार, उसकी पुत्री मोना की शादी घटना से करीब 10 वर्ष पहले स्वेदश उर्फ सुकेश से हुई थी। मोना ने दो पुत्रियों को जन्म दिया, जो नौ एवं सात वर्ष की हैं। दो बेटियों को जन्म देने के कारण पति और ससुराल वाले मोना को ताना देते थे।



पति और ससुराल वालों ने 22 फरवरी 2022 को मोना के साथ मारपीट कर दी, जिससे क्षुब्ध होकर मोना ने खुदकुशी कर ली थी।  गोवर्धन की तहरीर पर पुलिस ने मृतका के पति, अमित और बॉबी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जिला शासकीय अधिवक्ता बसंत गुप्ता के तर्क पर आरोपी की ओर से प्रस्तुत प्रार्थनापत्र को जिला जज ने खारिज करने के आदेश किए।

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