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हत्यारोपी युवक को आजीवन कारावास की सजा
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मैनपुरी। थाना करहल क्षेत्र के मोहल्ला खेड़ा में सात साल पहले एक युवक की हत्या करने वाले को एफटीसी जज द्वितीय तुरन्नुम खान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
थाना करहल के मोहल्ला खेड़ा निवासी जयप्रकाश उर्फ जेपी की 10 जून 2017 को करहल में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जयप्रकाश के पिता गेंदालाल ने मोहल्ले के ही सुशील उर्फ टिंकू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना करने के बाद टिंकू को दोषी पाकर उसके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी जज द्वितीय तुरन्नुम खान की कोर्ट में हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, किशोरी सहित गवाहों ने टिंकू केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर टिंकू को हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान, अभिषेक गुप्ता की दलीलों के आधार पर उसको आजीवन कारावास की सजा सुनाकर उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। उसको सजा सुनाने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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तमंचा रखने में तीन साल की सजा
सुशील उर्फ टिंकू ने तमंचे से फायरिंग करके जयप्रकाश उर्फ जेपी की हत्या कर दी थी। पुलिस ने सुशील की निशानदेही पर हत्या में प्रयोग किया गया तमंचा बरामद किया था। एफटीसी जज द्वितीय तुरन्नुम खान ने तमंचा रखने के आरोप में सुशील को तीन साल की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगया है।
मृतक आश्रित को मिलेंगे 37500 रुपया
हत्यारोपी सुशील उर्फ टिंकू पर 50 हजार रुपया जुर्माना लगाया गया है। एफटीसी जज द्वितीय तुरन्नुम खान ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से 75 प्रतिशत धनराशि मृतक के आश्रित को दी जाएगी। मृतक आश्रित को जुर्माने की धनरशि में से 37500 रुपये दिए जाएंगे।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
जयप्रकाश उर्फ जेपी की हत्या के बाद सुशील उर्फ टिंकू को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। कोर्ट मुहर्रिर योगेश कुमार ने बताया कि उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। शनिवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
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थाना करहल के मोहल्ला खेड़ा निवासी जयप्रकाश उर्फ जेपी की 10 जून 2017 को करहल में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जयप्रकाश के पिता गेंदालाल ने मोहल्ले के ही सुशील उर्फ टिंकू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना करने के बाद टिंकू को दोषी पाकर उसके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी जज द्वितीय तुरन्नुम खान की कोर्ट में हुई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, किशोरी सहित गवाहों ने टिंकू केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर टिंकू को हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान, अभिषेक गुप्ता की दलीलों के आधार पर उसको आजीवन कारावास की सजा सुनाकर उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। उसको सजा सुनाने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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तमंचा रखने में तीन साल की सजा
सुशील उर्फ टिंकू ने तमंचे से फायरिंग करके जयप्रकाश उर्फ जेपी की हत्या कर दी थी। पुलिस ने सुशील की निशानदेही पर हत्या में प्रयोग किया गया तमंचा बरामद किया था। एफटीसी जज द्वितीय तुरन्नुम खान ने तमंचा रखने के आरोप में सुशील को तीन साल की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगया है।
मृतक आश्रित को मिलेंगे 37500 रुपया
हत्यारोपी सुशील उर्फ टिंकू पर 50 हजार रुपया जुर्माना लगाया गया है। एफटीसी जज द्वितीय तुरन्नुम खान ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से 75 प्रतिशत धनराशि मृतक के आश्रित को दी जाएगी। मृतक आश्रित को जुर्माने की धनरशि में से 37500 रुपये दिए जाएंगे।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
जयप्रकाश उर्फ जेपी की हत्या के बाद सुशील उर्फ टिंकू को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। कोर्ट मुहर्रिर योगेश कुमार ने बताया कि उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। शनिवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।