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बीहड़ में तेंदुए ने किए लगातार हमले, कई जानवरों को बनाया शिकार, लोग सहमे
Sat, 05 Dec 2020 12:08 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 05 Dec 2020 12:08 AM IST
सार
- वन विभाग की टीम को पड़ताल के दौरान 7 तेंदुए और 8 शावक मिले थे
- 13 मई को खेड़ा राठौर के सिमराई गांव में तेंदुए का शिकार हुआ था
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के जैतपुर क्षेत्र के मऊ गांव में गुरुवार को तेंदुए ने बछिया का शिकार उसे मार डाला। इससे दो दिन पहले बाह के सिमराई गांव के समीप बीहड़ में दो गायों की जान ले ली थी। लगातार हो रहे हमले से बीहड़ के गांवों में लोग सहमे हुए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि बीहड़ में नर मादा दो शावकों के साथ दिखे हैं। इससे इलाके में दहशत है। लोगों ने बीहड़ में पशु चराने के लिए ले जाना बंद कर दिया है। किसान फसल की रखवाली भी तेंदुए के हमले की दहशत के बीच करने को मजबूर हैं।
बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि नदी किनारे के ग्रामीणों को जागरुक किया जा रहा है। लोगों को तेंदुए के इलाके वाले स्थानों पर न जाने को सचेत किया गया है। विचरण पर नजर रखी जा रही है।
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ग्रामीणों ने बताया कि बीहड़ में नर मादा दो शावकों के साथ दिखे हैं। इससे इलाके में दहशत है। लोगों ने बीहड़ में पशु चराने के लिए ले जाना बंद कर दिया है। किसान फसल की रखवाली भी तेंदुए के हमले की दहशत के बीच करने को मजबूर हैं।
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बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि नदी किनारे के ग्रामीणों को जागरुक किया जा रहा है। लोगों को तेंदुए के इलाके वाले स्थानों पर न जाने को सचेत किया गया है। विचरण पर नजर रखी जा रही है।
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तेंदुओं की मौतों का नहीं खुला राज
अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) की संकटग्रस्त सूची में शामिल तेंदुए का चंबल में कुनबा बढ़ा है। पर, एक के बाद एक तीन तेंदुओं की मौत ने सवाल भी खड़े कर दिए हैं। छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी तेंदुए की मौत का राज नहीं खुल सका है।
बाह रेंज में वन विभाग की टीम को पड़ताल के दौरान 7 तेंदुए और 8 शावक मिले थे। इधर, 13 मई को खेड़ा राठौर के सिमराई गांव में तेंदुए का शिकार हुआ था। पुलिस शिकारियों का सुराग नहीं लगा सकी है। 26 जून को खिरीटी गांव में स्कूल के शौचालय में तेंदुए का शव मिला था। 10 अक्टूबर को बाह से सटे इटावा के पसिया गांव के नजदीक भी तेंदुए का शव मिल चुका है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) की संकटग्रस्त सूची में शामिल तेंदुए का चंबल में कुनबा बढ़ा है। पर, एक के बाद एक तीन तेंदुओं की मौत ने सवाल भी खड़े कर दिए हैं। छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी तेंदुए की मौत का राज नहीं खुल सका है।
बाह रेंज में वन विभाग की टीम को पड़ताल के दौरान 7 तेंदुए और 8 शावक मिले थे। इधर, 13 मई को खेड़ा राठौर के सिमराई गांव में तेंदुए का शिकार हुआ था। पुलिस शिकारियों का सुराग नहीं लगा सकी है। 26 जून को खिरीटी गांव में स्कूल के शौचालय में तेंदुए का शव मिला था। 10 अक्टूबर को बाह से सटे इटावा के पसिया गांव के नजदीक भी तेंदुए का शव मिल चुका है।