ग्रेटर आगरा कैसा होगा: दिसंबर तक सामने आएगा लेआउट प्लान, गंगाजल के लिए बिछेगी लाइन
आगरा विकास प्राधिकरण इनर रिंग रोड के पास की 612 हेक्टेयर जमीन पर ग्रेटर आगरा बसाने की योजना बना रहा है। डिजाइन तैयार करने की जिम्मेदारी एसपीए को सौंपी गई है।
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ग्रेटर आगरा कैसा होगा, इसका लेआउट प्लान दिसंबर तक सामने आ जाएगा। सोमवार को आगरा विकास प्राधिकरण के जयपुर हाउस कार्यालय में हुई बैठक में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) दिल्ली की टीम ने इस बारे में जानकारी दी। एडीए उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि इसके बाद टीटीजेड अथॉरिटी और एनजीटी से अनुमति के लिए आवेदन किया जाएगा।
बैठक में इनर रिंग रोड के पास ही प्रस्तावित आईएमसी कॉरिडोर से ग्रेटर आगरा के बीच समन्वय पर जोर दिया गया। एडीए इनर रिंग रोड के पास की 612 हेक्टेयर जमीन पर ग्रेटर आगरा बसाने की योजना बना रहा है। डिजाइन तैयार करने की जिम्मेदारी एसपीए को सौंपी गई है।
एसपीए की टीम ने एडीए उपाध्यक्ष के सामने सोमवार को कान्सेप्ट प्लान पेश किया। दिसंबर तक योजना का ले आउट बनाने की जानकारी दी। बैठक में नगर निगम, डीवीवीएनएल, लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान, गेल गैस, ग्रीन गैस, टोरंट पावर, वास्तु विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
गंगाजल के लिए बिछेगी लाइन
एडीए उपाध्यक्ष ने ग्रेटर आगरा योजना में भूगर्भ जल की जगह गंगा या यमुना के पानी का प्रयोग करने के लिए कहा। इसके लिए लाइन बिछाने या नया वाटरवर्क्स बनाने का भी प्रस्ताव बनेगा। एसपीए टीम ने बताया कि उनकी टीम इसी सप्ताह विकास की संभावनाओं और लेआउट प्लान के लिए भौतिक निरीक्षण करेगी।
बैठक में बताया गया कि जिस जगह ग्रेटर आगरा प्रस्तावित है, वहां 765 केवी लाइन, 400 केवी हाइटेंशन लाइनें निकल रही हैं, उनकी शिफ्टिंग और भूमिगत किए जाने के लिए कहा गया। आईएमसी योजना के कंसलटेंट ने भी बैठक में हिस्सा लिया। दोनों योजनाओं के बीच समन्वय के लिए कंसलटेंट और एसपीए को निर्देश दिए गए हैं।