{"_id":"04634b044d5126ec479a54100342c2f2","slug":"lathicharge-on-bjp-protest-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा के धरने पर लाठीचार्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा के धरने पर लाठीचार्ज
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Mon, 23 Nov 2015 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में बढ़ते अपराध के खिलाफ आईजी दफ्तर पर सोमवार दोपहर बाद भाजपा और व्यापारियों के धरने के दौरान विधायक योगेंद्र उपाध्याय की आईजी डीसी मिश्रा से कहासुनी क्या हुई पुलिस आपा खो बैठी। सभी को बाहर खदेड़कर लाठियां बरसाईं। वहां मौजूद दोनों विधायक भी इस बर्बरता का शिकार हुए।
केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया को उनके सुरक्षाकर्मियों ने जैसे-तैसे बचाया। यही नहीं, लाठीचार्ज के सुबूत मिटाने के लिए पांच मीडियाकर्मियों को भी पीट-पीटकर लहुलुहान कर दिया और उनके कैमरे तोड़ डाले। मीडियाकर्मियों ने एसएसपी को दी तहरीर में एसपी सिटी आरके सिंह और सीओ हरीपर्वत एके सिंह को दोषी ठहराया है।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाजपा कार्यकर्ता और व्यापारी सोमवार दोपहर लगभग दो बजे आईजी कार्यालय पर धरना देने पहुंचे। केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया उनका नेतृत्व कर रहे थे। शाम लगभग सवा चार बजे ज्ञापन लेने आए आईजी डीसी मिश्रा और विधायक योगेंद्र उपाध्याय में कहासुनी हो गई। मामला गर्माता देख आईजी अपने कक्ष में लौट गए। तभी एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह और सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार ने भाजपा नेताओं पर टिप्पणी की।
विज्ञापन
धरनारत नेताओं ने आपत्ति जताई। विवाद बढ़ा तो उनमें खींचतान होने लगी। अधिकारियों को घिरता देख पुलिसकर्मियों ने लाठी फटकारना शुरू कर दिया। विधायक योगेंद्र उपाध्याय और जगन प्रसाद सहित सभी को खदेड़ते हुए कार्यालय परिसर से बाहर करके उन पर जमकर लाठियां बरसाईं।
इससे भाजपा जिला उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता, भाजयुमो महानगर अध्यक्ष दीपक ढल, महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष संध्या जोशी, सुनीता लूथरा, मनीषा भारती आदि को चोटें आईं। केंद्रीय मंत्री कठेरिया को घेरे में लेकर सुरक्षाकर्मियों ने बचाया। पुलिस ने इस घटनाक्रम को कैमरे में कैद कर रहे मीडियाकर्मियों को भी नहीं बख्शा।
उनसे छीनकर पहले कैमरे तोड़े, फिर उन्हें लाठियों से जमकर पीटा। विनोद अग्रवाल, पुनीत, दिव्यांशु पुरी, हरेंद्र और सज्जन सागर तो लहूलुहान हो गए।
लाठीचार्ज नहीं हुआ
मैं जब ज्ञापन लेकर लौट रहा था तब विधायक योगेंद्र उपाध्याय कह रहे थे कि इसे गंभीरता से लेना। मैंने कहा, मैं हर घटना को गंभीरता से लेता हूं, केस जल्द खुलेगा। मैं अपने कक्ष में लौट आया तो बाहर भाजपाइयों ने हंगामा खड़ा कर दिया। वे तोड़फोड़ करना चाहते थे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लाठीचार्ज नहीं किया गया है।
-डीसी मिश्रा, आईजी, आगरा जोन
पुलिसकर्मियों से गलती हुई है मगर लाठीचार्ज किसी अधिकारी के आदेश पर नहीं किया गया। दोषी पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर, उन पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों की भूमिका भी की जांच होगी।
- डा. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी
विज्ञापन
केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया को उनके सुरक्षाकर्मियों ने जैसे-तैसे बचाया। यही नहीं, लाठीचार्ज के सुबूत मिटाने के लिए पांच मीडियाकर्मियों को भी पीट-पीटकर लहुलुहान कर दिया और उनके कैमरे तोड़ डाले। मीडियाकर्मियों ने एसएसपी को दी तहरीर में एसपी सिटी आरके सिंह और सीओ हरीपर्वत एके सिंह को दोषी ठहराया है।
विज्ञापन
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाजपा कार्यकर्ता और व्यापारी सोमवार दोपहर लगभग दो बजे आईजी कार्यालय पर धरना देने पहुंचे। केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया उनका नेतृत्व कर रहे थे। शाम लगभग सवा चार बजे ज्ञापन लेने आए आईजी डीसी मिश्रा और विधायक योगेंद्र उपाध्याय में कहासुनी हो गई। मामला गर्माता देख आईजी अपने कक्ष में लौट गए। तभी एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह और सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार ने भाजपा नेताओं पर टिप्पणी की।
विज्ञापन
धरनारत नेताओं ने आपत्ति जताई। विवाद बढ़ा तो उनमें खींचतान होने लगी। अधिकारियों को घिरता देख पुलिसकर्मियों ने लाठी फटकारना शुरू कर दिया। विधायक योगेंद्र उपाध्याय और जगन प्रसाद सहित सभी को खदेड़ते हुए कार्यालय परिसर से बाहर करके उन पर जमकर लाठियां बरसाईं।
इससे भाजपा जिला उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता, भाजयुमो महानगर अध्यक्ष दीपक ढल, महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष संध्या जोशी, सुनीता लूथरा, मनीषा भारती आदि को चोटें आईं। केंद्रीय मंत्री कठेरिया को घेरे में लेकर सुरक्षाकर्मियों ने बचाया। पुलिस ने इस घटनाक्रम को कैमरे में कैद कर रहे मीडियाकर्मियों को भी नहीं बख्शा।
उनसे छीनकर पहले कैमरे तोड़े, फिर उन्हें लाठियों से जमकर पीटा। विनोद अग्रवाल, पुनीत, दिव्यांशु पुरी, हरेंद्र और सज्जन सागर तो लहूलुहान हो गए।
लाठीचार्ज नहीं हुआ
मैं जब ज्ञापन लेकर लौट रहा था तब विधायक योगेंद्र उपाध्याय कह रहे थे कि इसे गंभीरता से लेना। मैंने कहा, मैं हर घटना को गंभीरता से लेता हूं, केस जल्द खुलेगा। मैं अपने कक्ष में लौट आया तो बाहर भाजपाइयों ने हंगामा खड़ा कर दिया। वे तोड़फोड़ करना चाहते थे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लाठीचार्ज नहीं किया गया है।
-डीसी मिश्रा, आईजी, आगरा जोन
पुलिसकर्मियों से गलती हुई है मगर लाठीचार्ज किसी अधिकारी के आदेश पर नहीं किया गया। दोषी पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर, उन पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों की भूमिका भी की जांच होगी।
- डा. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी