वृंदावन: सीएम योगी की सुरक्षा में पुलिस के साथ लंगूर भी रहे तैनात, फिर भी नहीं माने उत्पाती बंदर
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श्रीबांकेबिहारी की नगरी वृंदावन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने हर संभव व्यवस्थाएं कीं। सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिसबल तैना रहा। मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र में बंदर उत्पात न मचाए, इसके लिए लंगूर बुलाए। मंदिर के मुख्य गेट से लेकर छत पर लंगूर तैनात किए गए।
रविवार को सुबह लगभग 11 बजे मुख्यमंत्री योगी के मंदिर पहुंचने से पहले लंगूरों को देख बंदर मंदिर और आसपास के घरों की छतों पर एकत्रित होने लगे। फिर क्या था, लंगूर बंदरों पर झपटने के लिए तैयार और बंदरों का झुंड लंगूरों की ओर दौड़े। यह देख वहां मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के हाथपैर फूल गए। समय बीतने के साथ बांकेबिहारी के आसपास व्यवस्थाएं बिगड़ने लगीं।
सिपाही गुलेल और डंडों के बल पर छतों पर आए बंदरों को भगाने का प्रयास करने लगे, लेकिन बंदरों ने और उत्पात करना शुरू कर दिया। बंदरों का उत्पात देखकर मंदिर के सेवायतों ने कहा कि अगर जल्दी ही यहां से लंगूरों को नहीं हटाया गया तो बंदर बेकाबू हो जाएंगे। सैकड़ों की संख्या में बंदरों को संभालना मुश्किल हो जाएगा।
बंदर तो भागे नहीं, लंगूरों को ही भगाना पड़ा
सेवायतों ने कहा कि छतों पर बंदर चढ़कर उछलकूद कर रहे हैं, कहीं से कोई ईंट-पत्थर भी गिर सकता है। आखिरकार यह सलाह मानी गई और ठाकुरजी के मंदिर के आसपास से लंगूरों को हटाया गया, तभी बंदर शांत हुए और मुख्यमंत्री ने ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के दर्शन किए।
घरों में कैद हुए लोग
रविवार को सीएम का काफिला जिस मार्ग से निकला, पुलिस ने उन रास्तों को रस्सों और बल्लियों से बंद कर दिया। वीआईपी मार्ग से श्रीबांकेबिहारी मंदिर तक के रास्ते में पड़ने वाले घरों के लोगों को उनके घरों में जबरन कैद कर दिया गया। दुकानों और आश्रम के शटर गिराकर लोगों को अंदर बंद कर दिया।
मुख्यमंत्री का वृंदावन कार्यक्रम आम लोगों के साथ भक्तों पर भारी पड़ा। मंदिर के पहुंच मार्गों को बंद कर दिया गया। चारों ओर से बैरिकेडिंग कर दी गई। लोग गलियों और मुख्य रास्तों पर भटकते दिखाई दिए। मुख्यमंत्री के जाने के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश मिला।