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UP: प्रदेश की जानमानी महिला उद्यमी के साथ धोखाधड़ी,  पिता की फर्जी वसीयत...बेच डाली करोड़ों की जमीन

Thu, 27 Feb 2025 09:54 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 27 Feb 2025 09:54 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश की जानीमानी महिला उद्यमी अशोका ऑटो सेल्स की चेयरपर्सन डॉ. रंजना बंसल के पिता की फर्जी वसीयत बनाई गई। इसके बाद करोड़ों की जमीन बेच दी गई। उनके प्रतिनिधि ने थाना एत्माद्दाैला में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा लिखाया है।
 

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Land worth crores sold by preparing fake will of late father of Ashok Auto Chairperson Dr. Ranjana Bansal
डॉ. रंजना बंसल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा में फर्जी बैनामे और वसीयत का एक और मामला सामने आया है। इस बार अशोक ऑटो सेल्स की चेयरपर्सन डॉ. रंजना बंसल के दिवंगत पिता की फर्जी वसीयत तैयार करके करोड़ों की जमीन बेची गई है। कोर्ट के आदेश पर थाना एत्माद्दौला में 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसमें धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित अन्य धारा लगाई गई हैं।
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करियप्पा रोड, बालूगंज निवासी डॉ. रंजना बंसल के प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। इस पर बुधवार को थाना एत्माद्दाैला में केस दर्ज किया गया। इसमें लुहार गली, रावतपाड़ा निवासी संतोष कुमार जैन, उनके पुत्र राजीव जैन, नितुल जैन, शकुंतला नगर (गढ़ी भदौरिया) निवासी डोरीलाल, नोएडा निवासी रबदीप सिंह, विमल अपार्टमेंट निवासी विवेक कुमार जैन व अवनीश कुमार जैन आरोपी हैं।
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डॉ. रंजना बंसल के पिता रामकिशोर बंसल की एत्मादपुर तहसील के मौजा नरायच में भूमि है। रंजना बंसल के हक में उनके पिता ने 2 जून 2016 को तहसील सदर में रजिस्टर्ड वसीयत की थी। रामकिशोर की मृत्यु 25 अगस्त 2016 को हो गई। इस पर जमीन डा. रंजना बंसल के नाम हो गई। आरोपियों ने एक फर्जी वसीयत तैयार की। इसमें उप निबंधक कार्यालय में 12 जून 2001 को पंजीकृत होना दर्शाया, जो कि वास्तव में नहीं है।

 
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वसीयत के आधार पर संतोष जैन, राजीव जैन और नितुल जैन ने गाटों का नामांतरण अपने पक्ष में 21 सितंबर 2013 को एक पक्षीय रूप से करा लिया। इसके लिए फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तहसील एत्मादपुर में तहसीलदार के न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसमें रामकिशोर बंसल की मृत्यु 24 जुलाई 2007 को होना दर्शाया।

 

नगर निगम से जारी फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगाया, जबकि मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकारी छावनी परिषद के पास है। आरोपियों ने फर्जी वसीयत व मृत्यु प्रमाणपत्र से तहसील एत्मादपुर में अपना नामांतरण करा लिया। जमीन को फर्जी तरीके से 5 मार्च 2012 को डोरीलाल के नाम विक्रय कर लाभ प्राप्त किया। उसने यह जमीन नोएडा के रबदीप सिंह को बेच दी।

 

डॉ. रंजना बंसल ने नामांतरण कराने के लिए 26 नवंबर 2022 को खसरे की नकल तहसील कार्यालय से निकलवाई तब आरोपियों के नाम अंकित होने का पता चला। वर्ष 2024 में भी डॉ. रंजना बंसल ने फर्जी वसीयत पर जमीन बेचने का एक केस लिखाया था। इसमें चार आरोपी पूर्व के मुकदमे में भी नामजद थे। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि मुकदमे साक्ष्य संकलन किया जाएगा। विवेचना के लिए एसआईटी को दिया जाएगा।
 
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