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जमीन के बदले जमीन, देने का फार्मूला तैयार
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 03 Jan 2015 01:09 AM IST
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इनर रिंग रोड निर्माण में बाधा बने कुछ किसानों से समझौते के लिए आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) नया फार्मूला तैयार किया है। मुआवजा लेकर जमीन देने के लिए तैयार नहीं हो रहे इन किसानों को जमीन के बदले जमीन देने का प्रस्ताव दिया जाएगा। ताकि जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो सके।
बता दें, कानपुर-आगरा हाईवे से ग्वालियर हाईवे के बीच इनर रिंग रोड विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में एनएच-दो से फतेहाबाद रोड के बीच लगभग 10.9 किलोमीटर सड़क निर्माण का काम चल रहा है। इसमें कुछ जगहों पर काम रुका हुआ है क्योंकि यहां कई किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने अदालत में वाद भी दायर कर दिया है। इसी गतिरोध को दूर करने के लिए शुक्रवार को एडीए सचिव प्रभांशु श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें रिंग रोड निर्माण की समीक्षा भी की गई। तय किया गया है कि जो किसान मुआवजा लेने को तैयार नहीं हैं, उन्हें जमीन के बदले जमीन दे दी जाए। इसके अलावा रोड के बीच बिजली की लाइन आ रही हैं। इन्हें भी शिफ्ट किया जाना है। ठेकेदार को इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने को कहा गया। इसके बाद ही बिजली विभाग लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू कर सकेगा।
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बता दें, कानपुर-आगरा हाईवे से ग्वालियर हाईवे के बीच इनर रिंग रोड विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में एनएच-दो से फतेहाबाद रोड के बीच लगभग 10.9 किलोमीटर सड़क निर्माण का काम चल रहा है। इसमें कुछ जगहों पर काम रुका हुआ है क्योंकि यहां कई किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने अदालत में वाद भी दायर कर दिया है। इसी गतिरोध को दूर करने के लिए शुक्रवार को एडीए सचिव प्रभांशु श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें रिंग रोड निर्माण की समीक्षा भी की गई। तय किया गया है कि जो किसान मुआवजा लेने को तैयार नहीं हैं, उन्हें जमीन के बदले जमीन दे दी जाए। इसके अलावा रोड के बीच बिजली की लाइन आ रही हैं। इन्हें भी शिफ्ट किया जाना है। ठेकेदार को इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने को कहा गया। इसके बाद ही बिजली विभाग लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू कर सकेगा।
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