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Agra News: लाखों खर्चा फिर भी गांव-गांव फैला कचरा
Tue, 02 Apr 2024 11:12 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 02 Apr 2024 11:12 PM IST
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लाखों खर्चा फिर भी गांव गांव फैला कचरा
-नजर नहीं आते ग्रामीण सफाई कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत मिशन देहात में दम तोड़ता नजर आ रहा है। गांव के बाहर और गलियों में लगे गंदगी के बड़े-बड़े ढ़ेर अपनी बदहाली खुद ही बताते हैं। हर गांव में सफाईकर्मी की तैनाती के बाद भी गांव में सफाई व्यवस्था रामभरोसे ही चल रही है। गांव की सफाई के नाम पर लाखों रुपये का वेतन दिया जा रहा है। लेकिन इसके बाद भी गांव-गांव कचरा फैला नजर आ रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन केे तहत हर गांव में सफाईकर्मी की तैनाती है। जिनका काम नियमित रूप से गांव में सफाई करना है। लेकिन देहात में आलम यह है सफाई कर्मी अपनी तैनाती वाले गांव में सफाई ही नहीं करतें हैं। इसके चलते गांव में गंदगी के ढ़ेर चारों ओर नजर आते हैं। अधिकांश गांवों में ग्रामीणों को पता ही नहीं है उनके गांव में कौन सा सफाईकर्मी तैनात है। गांव में नियमित रूप से सफाई नहीं करने के बाद भी उनका नियमित रूप से वेतन निकाला जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं करने से देहात के सफाई कर्मचारी अपनी तैनाती वाले गांवों में मनमानी कर रहे हैं।
देहात में तैनात हैं 850 सफाईकर्मी
जिले में 549 ग्राम सभाएं हैं। इन ग्राम सभाओं में नियमित रूप से सफाई करने के लिए 850 सफाई कर्मचारियों की तैनाती है। कुछ ग्रामसभाओं में तो दो से तीन तक सफाई कर्मचारी तैनात हैं। एक सफाई कर्मचारी को 43000 से अधिक रुपया प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। लेकिन गांव की गंदगी दूर नहीं हो पा रही है। कई सफाई कर्मचारी अपनी मूल तैनाती की बजाए सुविधाजनक स्थानों पर संबद्ध चल रहे हैं।
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गांव में तैनात सफाई कर्मचारी को नियमित रूप से गांव में सफाई करनी होगी। गांव की सफाई व्यवस्था की चेकिंग कराई जाएगी। जो ग्रामीण सफाई कर्मचारी काम में लापरवाही और मनमानी करेगा उसका वेतन रोककर उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
तुलसीराम विश्वकर्मा, डीपीआरओ
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-नजर नहीं आते ग्रामीण सफाई कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत मिशन देहात में दम तोड़ता नजर आ रहा है। गांव के बाहर और गलियों में लगे गंदगी के बड़े-बड़े ढ़ेर अपनी बदहाली खुद ही बताते हैं। हर गांव में सफाईकर्मी की तैनाती के बाद भी गांव में सफाई व्यवस्था रामभरोसे ही चल रही है। गांव की सफाई के नाम पर लाखों रुपये का वेतन दिया जा रहा है। लेकिन इसके बाद भी गांव-गांव कचरा फैला नजर आ रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन केे तहत हर गांव में सफाईकर्मी की तैनाती है। जिनका काम नियमित रूप से गांव में सफाई करना है। लेकिन देहात में आलम यह है सफाई कर्मी अपनी तैनाती वाले गांव में सफाई ही नहीं करतें हैं। इसके चलते गांव में गंदगी के ढ़ेर चारों ओर नजर आते हैं। अधिकांश गांवों में ग्रामीणों को पता ही नहीं है उनके गांव में कौन सा सफाईकर्मी तैनात है। गांव में नियमित रूप से सफाई नहीं करने के बाद भी उनका नियमित रूप से वेतन निकाला जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं करने से देहात के सफाई कर्मचारी अपनी तैनाती वाले गांवों में मनमानी कर रहे हैं।
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देहात में तैनात हैं 850 सफाईकर्मी
जिले में 549 ग्राम सभाएं हैं। इन ग्राम सभाओं में नियमित रूप से सफाई करने के लिए 850 सफाई कर्मचारियों की तैनाती है। कुछ ग्रामसभाओं में तो दो से तीन तक सफाई कर्मचारी तैनात हैं। एक सफाई कर्मचारी को 43000 से अधिक रुपया प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। लेकिन गांव की गंदगी दूर नहीं हो पा रही है। कई सफाई कर्मचारी अपनी मूल तैनाती की बजाए सुविधाजनक स्थानों पर संबद्ध चल रहे हैं।
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गांव में तैनात सफाई कर्मचारी को नियमित रूप से गांव में सफाई करनी होगी। गांव की सफाई व्यवस्था की चेकिंग कराई जाएगी। जो ग्रामीण सफाई कर्मचारी काम में लापरवाही और मनमानी करेगा उसका वेतन रोककर उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
तुलसीराम विश्वकर्मा, डीपीआरओ