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Agra News: घरों में पुत्र की तरह होती है लड्डू गोपाल की सेवा
Wed, 06 Sep 2023 11:19 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Wed, 06 Sep 2023 11:19 PM IST
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कासगंज। ब्रज की आंखों के तारा कान्हा का जन्म दिन बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। जिले के ब्रज क्षेत्र से जुड़े होने के कारण लोगों का कान्हा के प्रति विशेष लगाव है। कान्हा के जन्मोत्सव को परिवारों में बेसब्री से इंतजार हो रहा है। जिले में ऐसे तमाम परिवार हैं जो लड्डू गोपाल की सेवा अपने बेटे की तरह वर्षों से कर रहे हैं। ऐसे परिवारों ने पर्व को मनाने के लिए अपनी विशेष तैयारियां की हैं।
शिक्षिका अर्चना बताती हैं कि वह अपनी शादी के बाद लड्डू गोपाल को अपने घर लेकर आईं। शादी को 32 साल का समय हो चुका है। तभी से वे अपने बेटे की तरह ही उनकी सेवा कर रहीं हैं। घर में जो भी पकवान बनता है या फिर बाजार से जो भी पकवान आता है, पहले लड्डू गोपाल को भाेग लगाया जाता है। उसके बाद ही परिवार के सदस्य खाते हैं। पर्व मनाने के लिए तैयारी की गई हैं।
शिक्षिका डौली सक्सेना बताती हैं कि वे 4 साल पहले जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को अपने घर पर लेकर आईं हैं। सुबह-शाम पूजा करने के साथ भोग लगातीं हैं। इसके बाद अन्य कोई कार्य करतीं हैं। बेटे की तरह ही उनका ख्याल रखतीं हैं। पर्व पर उनके लिए नई पोषाक के साथ ही शृंगार का सामान भी लेकर आईं हैं। बाहर जाते समय उनको साथ लेकर जाती हैं। जन्मष्टमी पर बर्थडे केक भी काटती हैं।
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नेहरू नगर निवासी अंजली बताती हैं कि 4 साल पहले जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल को अपने घर पर लेकर आई। उस दिन के बाद से लड्डू गोपाल को बेटे के रूप में पालन कर रही हैं। एक बच्चे की तरह ही उनकी सेवा करती हैं। सभी तीज त्योहार उनके साथ मनाती हैं। गंगा स्नान को जाते समय अपने साथ लेकर जाती हैं। एक भी दिन घर पर उनको अकेला नहीं छोड़ती। पर्व के लिए विशेष तैयारियां की हैं।
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शिक्षिका अर्चना बताती हैं कि वह अपनी शादी के बाद लड्डू गोपाल को अपने घर लेकर आईं। शादी को 32 साल का समय हो चुका है। तभी से वे अपने बेटे की तरह ही उनकी सेवा कर रहीं हैं। घर में जो भी पकवान बनता है या फिर बाजार से जो भी पकवान आता है, पहले लड्डू गोपाल को भाेग लगाया जाता है। उसके बाद ही परिवार के सदस्य खाते हैं। पर्व मनाने के लिए तैयारी की गई हैं।
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शिक्षिका डौली सक्सेना बताती हैं कि वे 4 साल पहले जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को अपने घर पर लेकर आईं हैं। सुबह-शाम पूजा करने के साथ भोग लगातीं हैं। इसके बाद अन्य कोई कार्य करतीं हैं। बेटे की तरह ही उनका ख्याल रखतीं हैं। पर्व पर उनके लिए नई पोषाक के साथ ही शृंगार का सामान भी लेकर आईं हैं। बाहर जाते समय उनको साथ लेकर जाती हैं। जन्मष्टमी पर बर्थडे केक भी काटती हैं।
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नेहरू नगर निवासी अंजली बताती हैं कि 4 साल पहले जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल को अपने घर पर लेकर आई। उस दिन के बाद से लड्डू गोपाल को बेटे के रूप में पालन कर रही हैं। एक बच्चे की तरह ही उनकी सेवा करती हैं। सभी तीज त्योहार उनके साथ मनाती हैं। गंगा स्नान को जाते समय अपने साथ लेकर जाती हैं। एक भी दिन घर पर उनको अकेला नहीं छोड़ती। पर्व के लिए विशेष तैयारियां की हैं।