धर्म और आस्था की नगरी वृंदावन में ध्वजारोहण के साथ वैष्णव कुंभ शुरू, 40 दिन चलेगा आयोजन
- सदियों से चली आ रही मान्यता के अनुसार हरिद्वार कुंभ से पहले वैष्णव संप्रदाय के संत-महंतों का आध्यात्मिक संगम के रूप में होने वाली कुंभ बैठक का शुभारंभ वसंत पंचमी को वृंदावन के यमुना तट पर हो गया।
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वसंत पंचमी के अवसर पर मंगलवार को वृंदावन में वैष्णव पूर्व कुंभ बैठक का शुभारंभ वैदिक मुहूर्त में ध्वजारोहण के साथ हो गया। इस आध्यात्मिक महासंगम में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न अखाड़े, खालसा और अनियों के महंत-श्रीमहंत और हजारों साधु-संत पहुंच गए हैं। आध्यात्म के इस महासागर में हर कोई डुबकी लगाने के लिए बेताब दिखाई दिया।
ध्वजारोहण के साथ शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन में पहले निर्मोही, दिगंबर, निर्वाणी अनी अखाड़ों के महंतों ने पुरोहित गौड़ सरदार के आचार्यत्व में पूजन किया। इसमें सबसे पहले महंत धर्मदास ने निर्वाणी अखाड़े में संतों के साथ पूजा-अर्चना कर धर्मध्वजा स्थापित की। मंगलवार की सुबह काठिया बाबा आश्रम से शाही सवारी निकली। इसमें सैकड़ों साधु-संत शामिल हुए। यह धार्मिक आयोजन 25 मार्च तक चलेगा।
विजयबिहारी गौड़ सरदार के आचार्यत्व में हनुमतध्वज की पूजा-अर्चना की। ग्यारह मीटर लंबी ध्वजा को स्थापित किया गया। सुदामाकुटी के महंत सुतीक्ष्ण दास अन्य संतों के साथ मौजूद रहे। इसके बाद दिगंबर अखाड़े में महंत कृष्णदास, महंत गौरी शंकर ने पुरोहित शरद बिहारी गौड़ के आचार्यत्व में पूजन अर्चन कराया। हनुमत ध्वजा स्थापित की गई।
निर्मोही अखाड़े के महंत राजेंद्रदास, महंत हरिशंकर दास नागा, महंत रामेश्वर दास आदि महंत ध्वजपूजन में शामिल रहे। इसी के साथ कुंभ क्षेत्र में अन्य अखाड़ों और शिविरों में भी ध्वजारोहण का क्रम शुरू हो गया। संतों के समूह में रामनाम के जयकार गूंजने लगे। यहां मौजूद संतों के अनुयायी भी कुंभ मेला की जयजयकार करने लगे।
अनी अखाड़ों में पहुंचे सांसद और मंत्री
कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक के शुभारंभ अवसर पर मंगलवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, सांसद हेमामालिनी और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह वृंदावन पहुंचे। यहां कुंभ क्षेत्र में तीनों अनी अखाड़ों में आरंभ हुए ध्वज पूजन में शामिल हुए। यहां संतों की चरण वंदना करते हुए आशीर्वाद लिया।