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जिला अस्पताल कोरोना अस्पताल घोषित, व्यवस्थाएं बढ़ाई गईं
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कासगंज खबर संख्या 5 से संबंधित फोटो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को देखते चिकित्सक
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अब जिला अस्पताल को अस्थायी कोरोना अस्पताल घोषित कर दिया है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं और प्रसूता विभाग शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अशोक नगर में स्थानांतरित कर दिया गया है।
वैसे तो शासन ने अग्रिम आदेशों तक सरकारी अस्पतालों की ओपीडी पर रोक लगा दी है, सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही चल रहीं हैं। जिला अस्पताल में भी अब तक इमरजेंसी ओपीडी चल रही थी, लेकिन कोरोना संक्रमण की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं और बढ़ा दी हैं। जिला अस्पताल को अस्थायी कोरोना अस्पताल घोषित कर दिया है।
यहां की ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं सीएचसी में स्थानांतरित की गई हैं। जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सिर्फ चिकित्सकों का दल बनाया गया है। कुछ चिकित्सकों को जिला अस्पताल से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अस्थायी तैनाती दे दी गई है। ताकि यहां की इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित न हों। पहुंचने वाले मरीजों को आसानी से उपचार मिल सके।
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डीएम, एसपी ने किया निरीक्षण
जिला अस्पताल को कोरोना अस्पताल घोषित करने के बाद डीएम सीपी सिंह, एसपी सुशील घुले, सीडीओ तेज प्रताप मिश्र ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। वहां कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए किए गए इंतजामों की समीक्षा की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस महामारी से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट रहें। कहीं भी लापरवाही न करें।
की गई हैं व्यवस्थाएं
जिला अस्पताल को कोरोना अस्पताल घोषित किया गया है। यहंा कोरोना पॉजिटीव मरीजों को रखने के इंतजाम किए गए हैं। इस अस्पताल को स्टेज 2 अस्पताल बनाया गया है। स्टेज 1 अस्पताल गोरहा स्थित कलावती आयुर्वेदिक अस्पताल बनाया गया है- डा. प्रतिमा श्रीवास्तव, सीएमओ।
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वैसे तो शासन ने अग्रिम आदेशों तक सरकारी अस्पतालों की ओपीडी पर रोक लगा दी है, सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही चल रहीं हैं। जिला अस्पताल में भी अब तक इमरजेंसी ओपीडी चल रही थी, लेकिन कोरोना संक्रमण की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं और बढ़ा दी हैं। जिला अस्पताल को अस्थायी कोरोना अस्पताल घोषित कर दिया है।
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यहां की ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं सीएचसी में स्थानांतरित की गई हैं। जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सिर्फ चिकित्सकों का दल बनाया गया है। कुछ चिकित्सकों को जिला अस्पताल से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अस्थायी तैनाती दे दी गई है। ताकि यहां की इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित न हों। पहुंचने वाले मरीजों को आसानी से उपचार मिल सके।
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डीएम, एसपी ने किया निरीक्षण
जिला अस्पताल को कोरोना अस्पताल घोषित करने के बाद डीएम सीपी सिंह, एसपी सुशील घुले, सीडीओ तेज प्रताप मिश्र ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। वहां कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए किए गए इंतजामों की समीक्षा की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस महामारी से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट रहें। कहीं भी लापरवाही न करें।
की गई हैं व्यवस्थाएं
जिला अस्पताल को कोरोना अस्पताल घोषित किया गया है। यहंा कोरोना पॉजिटीव मरीजों को रखने के इंतजाम किए गए हैं। इस अस्पताल को स्टेज 2 अस्पताल बनाया गया है। स्टेज 1 अस्पताल गोरहा स्थित कलावती आयुर्वेदिक अस्पताल बनाया गया है- डा. प्रतिमा श्रीवास्तव, सीएमओ।