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फसल की बर्बादी न देख सका किसान, सदमे से गई जान
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कासगंज के ढोलना के गांव इखैना में मृतक किसान सुभाष यादव का फाइल फोटो।
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। ढोलना क्षेत्र के एक गांव में बारिश से डूबी फसल की बर्बादी देखकर किसान सदमे में आ गया। घर आते ही हृदयाघात से मौत हो गई।
ग्राम इखौना निवासी किसान सुभाष (42) सोमवार की सुबह धान की फसल देखने खेत पर गए थे। उन्होंने 8 बीघा में धान की फसल की थी। चार बीघा फसल कटी हुई थी। यह पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। लगभग चार बीघा खड़ी फसल बारिश और हवा चलने से खेत में बिछ गई। इससे यह भी नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई। वह फसल के नुकसान को सहन नहीं कर सके। सदमे में आ गए। ह्दयाघात से मौत हो गई। किसान सुभाष के भाई राजेंद्र ने बताया कि धान की फसल की बर्बादी देखकर उनके सीने में दर्द हुआ। इसके बाद मौत हो गई।
किसान क्रेडिट कार्ड का था कर्ज
राजेंद्र ने बताया कि उसके भाई पर किसान क्रेडिट कार्ड का लगभग एक लाख रुपये का कर्ज था। फसल के बर्बाद होने से वह काफी परेशान थे।
अगले माह होनी थी बेटी की शादी
सुभाष के घर में खुशियों का माहौल था। अगले माह बेटी की शादी होनी थी। इसको लेकर तैयारियां चल रही थीं। उसकी मौत से खुशियों में ग्रहण लग गया।
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ग्राम इखौना निवासी किसान सुभाष (42) सोमवार की सुबह धान की फसल देखने खेत पर गए थे। उन्होंने 8 बीघा में धान की फसल की थी। चार बीघा फसल कटी हुई थी। यह पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। लगभग चार बीघा खड़ी फसल बारिश और हवा चलने से खेत में बिछ गई। इससे यह भी नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई। वह फसल के नुकसान को सहन नहीं कर सके। सदमे में आ गए। ह्दयाघात से मौत हो गई। किसान सुभाष के भाई राजेंद्र ने बताया कि धान की फसल की बर्बादी देखकर उनके सीने में दर्द हुआ। इसके बाद मौत हो गई।
किसान क्रेडिट कार्ड का था कर्ज
राजेंद्र ने बताया कि उसके भाई पर किसान क्रेडिट कार्ड का लगभग एक लाख रुपये का कर्ज था। फसल के बर्बाद होने से वह काफी परेशान थे।
अगले माह होनी थी बेटी की शादी
सुभाष के घर में खुशियों का माहौल था। अगले माह बेटी की शादी होनी थी। इसको लेकर तैयारियां चल रही थीं। उसकी मौत से खुशियों में ग्रहण लग गया।