फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Kinari Bazar Famous For Gold And Silver

बाजार और परंपरा: देशभर में फैली है किनारी बाजार के सोने-चांदी की चमक

Thu, 28 Oct 2021 08:19 AM IST
Abhishek Saxena अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 28 Oct 2021 08:19 AM IST
सार

किनारी बाजार में दिवाली पर पांच दशक से सजावट और गोवर्धन पूजा पर अन्नकूट बांटने की परंपरा चली आ रही है।

विज्ञापन
Kinari Bazar Famous For Gold And Silver
आगरा का किनारी बाजार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुगलिया दौर में आगरा किला के सामने किनारी बाजार, जौहरी बाजार में सराफा कारोबार शुरू हुआ, जो अब तक जारी है। रावतपाड़ा के मोड़ से जौहरी बाजार, किनारी बाजार, नमक की मंडी, सेब का बाजार, चौबेजी का फाटक, फव्वारा तक सराफा बाजार फैला हुआ है, जहां थोक, रिटेल, बुलियन और आभूषणों की 3500 से ज्यादा दुकानें हैं। देशभर में आगरा के किनारी बाजार की चांदी की पायलें और सोने के आभूषणों की चमक कायम है। दिवाली पर इस बाजार की रौनक देखने लायक रहेगी। 

विज्ञापन


धनतेरस से शुरू होगी रौनक
मुगल बादशाह जहांगीर के दौर में रावतपाड़ा के पास जौहरी बाजार, किनारी बाजार बसा, जहां तब के नामी आभूषण निर्माताओं के प्रतिष्ठान शुरू हुए। मुगल दरबार में आने वाले पूरे देश के लोग यहीं से आभूषण खरीद कर ले जाते थे। तब से लेकर अब तक पूरे देश में आगरा की धाक जमी हुई है। 
विज्ञापन


परंपरा रखी है कायम
व्यापारी विशाल अग्रवाल ने बताया कि दिवाली पर किनारी बाजार समेत सराफा बाजार में 50 साल से बाजार सजाने की परंपरा है। इसके साथ ही दिवाली के अगले दिन हनुमान मंदिर पर गोवर्धन पूजा के बाद अन्नकूट का प्रसाद बांटा जाता है। कोरोना के कारण डेढ़ साल बाद बाजार में रौनक दिखी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


काम को समय के साथ बदला है
आगरा ने मुगलिया काल से चले आ रहे आभूषण के काम को वक्त के साथ बदला है। साख के जरिये जगह बनाई है, यही वजह है कि बाजार में पीढ़ी दर पीढ़ी ग्राहक जुड़े हुए हैं। - मनोज गुप्ता, उपाध्यक्ष, श्री सराफा कमेटी


विश्वसनीयता ने बड़ा बाजार बनाया
सुरक्षा कारणों से पुराने दौर में यहां बाजार शुरू हुआ, लेकिन विश्वसनीयता के कारण ग्राहकों ने इसे न केवल बरकरार रखा, बल्कि बड़ा बाजार बना दिया। धनतेरस से दिवाली तक 100 करोड़ के कारोबार का अनुमान है। - देवेंद्र गोयल, मंत्री, श्री सराफा कमेटी

बाजार-त्योहार और परंपरा: कपड़ों और किताबों से नाता बरकरार, मुगलिया काल से खासियत है बरकरार राजा की मंडी
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed