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Agra News: खुसरो की जमीं रब की इनायत... साथ रहती है यहां तुलसी की चौपाई...
Mon, 11 Mar 2024 12:20 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 11 Mar 2024 12:20 AM IST
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कासगंज। भाईचारा ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन अंसार मेमोरियल इंटर कॉलेज बिलराम में आयोजित हुआ। मुशायरे का उदघाट्न समाज सेवी मनोज गुप्ता ने फीता काटकर किया। शमां रोशन अयान खान ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी सुरेश चंद्र ,अकरम बारसी शायर ने की।
लखनऊ से आईं कवियत्री डॉ. सरला शर्मा ने कहा कि ''खुसरो की जमीं रब की इनायत साथ रहती है यहां तुलसी की चौपाई अमां की बात कहती है''। वहीं कवि विपिन शर्मा ने ''नेह देखकर अपना दुनियां घायल होती, कायनात भी मेरे प्रेम की कायल होती'', ''तू बन जाती शमां पतंगे लाखों जलते, मेरा ताज ही तेरे पैर की पायल होती'' कविता प्रस्तुत की।
हास्य कवि सबरस मुरसानी ने पढ़ा ''बिरज में खेलत होली नेता लाल, एक दिना की होइ तौ झेलूं ये खेलत पांच साल'' कविता पढ़ी। नईम अख्तर नईम ने ''था करम उसका जो उतर आए हम नदी गम की पार कर आए'' कविता प्रस्तुत की। वहीं मुस्कान शर्मा ने ''प्यार की सारी रस्में निभा लुंगी में, तेरी सूरत को दिल मे लुंगी'' सुनाया। डॉ. अजय अटल ने पढ़ा ''नयन में सागर है बरना अश्क नमकीन नहीं होते'' प्रस्तुत की। इसी तरह शायर आतिस सोलंकी, अजीत शुक्ला, डॉ. शोभा त्रिपाठी, सुल्तानजहां पूरनपुरी, महेश संघर्षी, सतीश मघुप, विवेक झा, राहत खान, आरिफ परदेशी, शिवम अश्क ने कविता प्रस्तुत की। मुशायरा का आयोजन अंसार मेमोरियल इंटर कॉलेज परिवार के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन सतीश गुप्ता मधुप ने एवं संयोजन विपिन शर्मा ने किया। इस दौरान मोहम्मद हयात खान, मोहम्मद कासिम कुरैशी, प्रवेश कुमार, प्रेम बाबू, अवनीश कुमार, अजब सिंह, सुनीता यादव, मुनीश कुमार, सैय्यद मुस्तफा हुसैन, गुड्डू चौधरी, शिवम जैन आदि मौजूद रहे।
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लखनऊ से आईं कवियत्री डॉ. सरला शर्मा ने कहा कि ''खुसरो की जमीं रब की इनायत साथ रहती है यहां तुलसी की चौपाई अमां की बात कहती है''। वहीं कवि विपिन शर्मा ने ''नेह देखकर अपना दुनियां घायल होती, कायनात भी मेरे प्रेम की कायल होती'', ''तू बन जाती शमां पतंगे लाखों जलते, मेरा ताज ही तेरे पैर की पायल होती'' कविता प्रस्तुत की।
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हास्य कवि सबरस मुरसानी ने पढ़ा ''बिरज में खेलत होली नेता लाल, एक दिना की होइ तौ झेलूं ये खेलत पांच साल'' कविता पढ़ी। नईम अख्तर नईम ने ''था करम उसका जो उतर आए हम नदी गम की पार कर आए'' कविता प्रस्तुत की। वहीं मुस्कान शर्मा ने ''प्यार की सारी रस्में निभा लुंगी में, तेरी सूरत को दिल मे लुंगी'' सुनाया। डॉ. अजय अटल ने पढ़ा ''नयन में सागर है बरना अश्क नमकीन नहीं होते'' प्रस्तुत की। इसी तरह शायर आतिस सोलंकी, अजीत शुक्ला, डॉ. शोभा त्रिपाठी, सुल्तानजहां पूरनपुरी, महेश संघर्षी, सतीश मघुप, विवेक झा, राहत खान, आरिफ परदेशी, शिवम अश्क ने कविता प्रस्तुत की। मुशायरा का आयोजन अंसार मेमोरियल इंटर कॉलेज परिवार के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन सतीश गुप्ता मधुप ने एवं संयोजन विपिन शर्मा ने किया। इस दौरान मोहम्मद हयात खान, मोहम्मद कासिम कुरैशी, प्रवेश कुमार, प्रेम बाबू, अवनीश कुमार, अजब सिंह, सुनीता यादव, मुनीश कुमार, सैय्यद मुस्तफा हुसैन, गुड्डू चौधरी, शिवम जैन आदि मौजूद रहे।
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