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Agra News: यूरिया के लिए किसान लाइन में, घंटों इंतजार के बाद आ रहा नंबर
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फोटो02कासगंज में सहकारी क्रय-विक्रय समिति पर खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद
कासगंज। जिले में खरीफ के सीजन के लिए किसान धान, मक्का, बाजरा आदि फसलों के लिए यूरिया के लिए लाइन में हैं। समितियों पर सुबह से ही किसानों की भीड़ उमड़ रही है। घंटों इंतजार के बाद नंबर आ रहा है।
यूरिया के लिए किसानों के बीच मारामारी की स्थिति बनी हुई है। किसानों को न खाने की चिंता है न पीने की। बस किसी तरह से यूरिया मिल जाए इसलिए वे समितियों के खुलने का भी इंतजार नहीं करते। समय से पहले ही यूरिया के लिए समितियों पर पहुंच कर लाइन लगा लेते हैं। भीड़ अधिक हो जाने से किसानों को अपनी बारी आने के लिए प्रतीक्षा भी करनी पड़ती है। वैसे तो समितियों पर खाद की लगातार आपूर्ति हो रही है, लेकिन खाद मिलने से वंचित न रह जाएं इसके लिए पूरे जतन कर रहे हैं। महिलाएं भी समितियों पर साथ में आ जाती है, ताकि बारी-बारी से लाइन लगाई जा सके।
किसानों की बात
मुझे धान की फसल में यूरिया लगानी है। सुबह 8 बजे समिति पर आकर लाइन लगा ली। 4 घंटे हो चुके हैं अभी नंबर नहीं आया है- गाेकुल किसान, हरसैना,
मुझे बाजरा में यूरिया लगानी है। बुधवार को समिति पर आया, लेकिन नंबर आने तक खाद समाप्त हो गई। इसलिए सुबह 9 बजे ही आ गया-गीतम, किसान सतपुरा
मैं पैर से दिव्यांग हूं। यूरिया के लिए सुबह जल्द ही आ गई। 3 घंटे के इंतजार के बाद खाद मिल सकी-कौशल्या, किसान बरखुरदापुर
मुझे मक्का व बाजरा के लिए यूरिया की आवश्यकता है। 2 घंटे से लाइन में लगने के बाद भी नंबर नहीं आया है- सीताराम किसान, घिनौना
जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। किसान आवश्यकतानुसार ही यूरिया लें। अधिक मात्रा में यूरिया लगाना नुकसानदायक है- महेंद्र सिंह, एआर को-आपरेटिव
रिपोर्ट मनोज माहेश्वरी
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यूरिया के लिए किसानों के बीच मारामारी की स्थिति बनी हुई है। किसानों को न खाने की चिंता है न पीने की। बस किसी तरह से यूरिया मिल जाए इसलिए वे समितियों के खुलने का भी इंतजार नहीं करते। समय से पहले ही यूरिया के लिए समितियों पर पहुंच कर लाइन लगा लेते हैं। भीड़ अधिक हो जाने से किसानों को अपनी बारी आने के लिए प्रतीक्षा भी करनी पड़ती है। वैसे तो समितियों पर खाद की लगातार आपूर्ति हो रही है, लेकिन खाद मिलने से वंचित न रह जाएं इसके लिए पूरे जतन कर रहे हैं। महिलाएं भी समितियों पर साथ में आ जाती है, ताकि बारी-बारी से लाइन लगाई जा सके।
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किसानों की बात
मुझे धान की फसल में यूरिया लगानी है। सुबह 8 बजे समिति पर आकर लाइन लगा ली। 4 घंटे हो चुके हैं अभी नंबर नहीं आया है- गाेकुल किसान, हरसैना,
मुझे बाजरा में यूरिया लगानी है। बुधवार को समिति पर आया, लेकिन नंबर आने तक खाद समाप्त हो गई। इसलिए सुबह 9 बजे ही आ गया-गीतम, किसान सतपुरा
मैं पैर से दिव्यांग हूं। यूरिया के लिए सुबह जल्द ही आ गई। 3 घंटे के इंतजार के बाद खाद मिल सकी-कौशल्या, किसान बरखुरदापुर
मुझे मक्का व बाजरा के लिए यूरिया की आवश्यकता है। 2 घंटे से लाइन में लगने के बाद भी नंबर नहीं आया है- सीताराम किसान, घिनौना
जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। किसान आवश्यकतानुसार ही यूरिया लें। अधिक मात्रा में यूरिया लगाना नुकसानदायक है- महेंद्र सिंह, एआर को-आपरेटिव
रिपोर्ट मनोज माहेश्वरी