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आसमान से बरसती फुहार, जमीन पर भोले की जय-जयकार
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कासगंज-सोरों मार्ग पर देशभक्ति के रंग में डूबे कांवड़िये
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। जुबां पर बम भोले के स्वर, पैरों में घूंघरों की छनछन और मुंह में सीटी की आवाज वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बनाए हुए है। भक्ति में डूबे शिवभक्त संगीत की धुन पर थिरकते हुए आगे की ओर बढ़ रहे हैं। आसमां से फुहार भी बरसती रही। भगवान शिव के प्रिय माह सावन में इस फुहार ने शिवभक्तों में आस्था और भी बढ़ा दी।
शिव भक्त सावन के दूसरे सोमवार को अपने आराध्य का जलाभिषेक करने के लिए रविवार को ही निकल पड़े। कांवड़ियेे सुबह से रात तक लहरा गंगाघाट तक पहुंचते रहे और गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर रवाना हुए। शिवालयों में साज सज्जा की गई है।
तीर्थनगरी सोरों में कांवड़ियों ने साज सज्जा का सामान खरीदकर लहरा घाट पर कांवड़ को आकर्षक स्वरूप दिया। इसके बाद शिवभक्त गंगास्नान करने के बाद जल लेकर गंतव्य की ओर रवाना हुए। रविवार को आसमान से रिमझिम फुहार बरसती रही और शिवभक्त कांवड़ लेकर झूमते गाते आगे बढ़ते रहे।
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महिलाओं में भी उत्साह
महिलाएं भी शिव की आस्था में डूबी हुई हैं। तमाम मलिाएं कांवड़ लेकर शिवालयों की ओर रवाना हुईं। फिरोजाबाद, आगरा सहित दूर दराज क्षेत्रों की महिलाएं कांधे पर कांवड़ लिए भोले की जयकार करते हुए आगे बढ़ रहीं थीं।
आस्था संग देशभक्ति का जोश
शिव भक्तों में भगवान शिव की आस्था का ही जोश नहीं था, बल्कि देश प्रेम भी दिखाई दिया। शिव भक्त कांवड़िये वाहनों और कांवड़ों पर तिरंगा लगाकर जोशीले नारे लगाते हुए गंतव्य की ओर जा रहे थे।
डाक कांवड़ का दिखा क्रेज
एक समय था जब सावन के महीने में एक-दो डाक कांवड़ देखने को मिलती थी, लेकिन डाक कांवड़ का काफी अधिक क्रेज दिखाई दे रहा है। तमाम डाक कांवड़ रविवार को लहरा से कासगंज होते हुए गुजरीं। डाक कांवड़ की विशेषता है कि शिवभक्त कांवडिय़े कहीं रुकते नहीं हैं, बल्कि डीजे की धुन के साथ दौड़ते हुए आगे बढ़ते हैं।
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शिव भक्त सावन के दूसरे सोमवार को अपने आराध्य का जलाभिषेक करने के लिए रविवार को ही निकल पड़े। कांवड़ियेे सुबह से रात तक लहरा गंगाघाट तक पहुंचते रहे और गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर रवाना हुए। शिवालयों में साज सज्जा की गई है।
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तीर्थनगरी सोरों में कांवड़ियों ने साज सज्जा का सामान खरीदकर लहरा घाट पर कांवड़ को आकर्षक स्वरूप दिया। इसके बाद शिवभक्त गंगास्नान करने के बाद जल लेकर गंतव्य की ओर रवाना हुए। रविवार को आसमान से रिमझिम फुहार बरसती रही और शिवभक्त कांवड़ लेकर झूमते गाते आगे बढ़ते रहे।
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महिलाओं में भी उत्साह
महिलाएं भी शिव की आस्था में डूबी हुई हैं। तमाम मलिाएं कांवड़ लेकर शिवालयों की ओर रवाना हुईं। फिरोजाबाद, आगरा सहित दूर दराज क्षेत्रों की महिलाएं कांधे पर कांवड़ लिए भोले की जयकार करते हुए आगे बढ़ रहीं थीं।
आस्था संग देशभक्ति का जोश
शिव भक्तों में भगवान शिव की आस्था का ही जोश नहीं था, बल्कि देश प्रेम भी दिखाई दिया। शिव भक्त कांवड़िये वाहनों और कांवड़ों पर तिरंगा लगाकर जोशीले नारे लगाते हुए गंतव्य की ओर जा रहे थे।
डाक कांवड़ का दिखा क्रेज
एक समय था जब सावन के महीने में एक-दो डाक कांवड़ देखने को मिलती थी, लेकिन डाक कांवड़ का काफी अधिक क्रेज दिखाई दे रहा है। तमाम डाक कांवड़ रविवार को लहरा से कासगंज होते हुए गुजरीं। डाक कांवड़ की विशेषता है कि शिवभक्त कांवडिय़े कहीं रुकते नहीं हैं, बल्कि डीजे की धुन के साथ दौड़ते हुए आगे बढ़ते हैं।