स्मृति शेष: पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को ब्रज से था लगाव, दीनदयाल धाम का किया था कायाकल्प
ब्रज के लोगों से मिलने-जुलने के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की श्रीबांकेबिहारी और द्वारिकाधीश मंदिर समेत अन्य में भी आस्था थी।
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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन से मथुरा में शोक है। बाबूजी के नाम से मशहूर पूर्व मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल धाम का कायाकल्प किया था। वह पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भी आया करते थे। ब्रज के लोगों से मिलने-जुलने के साथ ही श्रीबांकेबिहारी और द्वारिकाधीश मंदिर समेत अन्य में भी आस्था थी। वह यहां आकर कुल्हड़ में चाय पीना व कचौड़ी खाना भी खूब पसंद करते थे। कल्याण सिंह के निधन से लोग स्तब्ध हैं।
व्यापारी कल्याण बोर्ड उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष रविकांत गर्ग ने बताया कि कल्याण सिंह भारतीय राजनीति के पुरोधा थे। बताया कि बाबरी मस्जिद के ढांचे के गिरने के दौरान तत्कालीन कल्याण सिंह सरकार में मैं राज्य मंत्री था। पूर्व सीएम के निधन एक युग का अंत है। वह जब जनसंघ में थे, तब से ही उनका मथुरा से लगाव था।
भाजपा नेता श्याम चतुर्वेदी ने बताया कि बाबूजी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय को अपना आदर्श मानते थे। यही कारण रहा कि पंडित दीनदयाल धाम को भी उन्होंने बनवाया था। साथ ही पंडितजी की स्मृति में हर वर्ष लगने वाले मेला में आते थे। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भी वह आए थे। उन्होंने वहां पर 25 बेड का अस्पताल व पहला कन्या विद्यालय भी बनवाया था। इसके अलावा पार्टी की बैठकों में भी हिस्सा लिया करते थे।
उन्होंने बताया कि बालिकाओं की शिक्षा की चिंता करने वाले पूर्व सीएम ने दूसरे कार्यकाल में कस्बा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का तोहफा दिया था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म स्थली में जन्मोत्सव पर आयोजित ऐतिहासिक कृषि प्रदर्शनी के लिए भी उनको याद रखेगी। दीनदयाल उपाध्याय के निधन के बाद उनके जन्म स्थान को अमर करने के लिए बालिकाओं के लिए इंटर खुलवाया।
मथुरा में थी बाबूजी की रिश्तेदारी
पूर्व नगर पालिका चेयरमैन रहे वीरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि कठौली कुआं में बाबूजी की रिश्तेदारी थी। इसलिए उनका मथुरा में बचपन से ही आना जाना था। उनके मंत्रिमंडल में मथुरा से सरदार सिंह, प्रो. राम प्रसाद कमल, श्याम सुंदर शर्मा व लक्ष्मीनारायण चौधरी मंत्रिमंडल में भी रहे थे। उन्होंने बताया कि बाबूजी के बाल सखा अतरौली निवासी रघुवीर सिंह भी मथुरा में ही रहते हैं।