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कल्याण हैं विधायक देवेंद्र के राजनैतिक गुरु
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कासगंज। अमांपुर के भाजपा विधायक का राजनीतिक सफर दो दशक पूर्व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के सानिध्य में शुरू हुआ। वही विधायक देवेंद्र के राजनीतिक गुरु हैं। देवेंद्र का राजयोग वर्ष 2000 में शुरू हुआ।
वर्ष 2000 में सोरों विधानसभा के तत्कालीन विधायक ओमकार सिंह के निधन के बाद उपचुनाव हुआ। इस चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने भाजपा से असंतुष्ट होकर अपनी नई पार्टी राष्ट्रीय क्रांति पार्टी बना ली थी। इस पार्टी ने पहला चुनाव सोरों विधानसभा उपचुनाव के रूप में लड़ा। इसमें युवा चेहरे के रूप में देवेंद्र प्रताप सिंह को उन्होंने प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा।
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के लिए यह चुनाव बेहद प्रतिष्ठा का था। उन्होंने चुनाव में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी और यहीं रहकर चुनाव का नेतृत्व किया और देवेंद्र को विजय प्राप्त हुई। इस विजय के साथ देवेंद्र ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। कल्याण सिंह ने वर्ष 2002 में उन्हें अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाया और वे विजयी हुए। वर्ष 2007 और वर्ष 2012 के चुनाव में देवेंद्र को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी राजनीतिक यात्रा जारी रही। 2017 में फिर से वह भाजपा के उम्मीदवार बने और चुनाव जीता। सोमवार को हृदयाघात से उनके 21 वर्ष के राजनीतिक सफर का अंत हो गया।
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वर्ष 2000 में सोरों विधानसभा के तत्कालीन विधायक ओमकार सिंह के निधन के बाद उपचुनाव हुआ। इस चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने भाजपा से असंतुष्ट होकर अपनी नई पार्टी राष्ट्रीय क्रांति पार्टी बना ली थी। इस पार्टी ने पहला चुनाव सोरों विधानसभा उपचुनाव के रूप में लड़ा। इसमें युवा चेहरे के रूप में देवेंद्र प्रताप सिंह को उन्होंने प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा।
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पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के लिए यह चुनाव बेहद प्रतिष्ठा का था। उन्होंने चुनाव में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी और यहीं रहकर चुनाव का नेतृत्व किया और देवेंद्र को विजय प्राप्त हुई। इस विजय के साथ देवेंद्र ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। कल्याण सिंह ने वर्ष 2002 में उन्हें अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाया और वे विजयी हुए। वर्ष 2007 और वर्ष 2012 के चुनाव में देवेंद्र को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी राजनीतिक यात्रा जारी रही। 2017 में फिर से वह भाजपा के उम्मीदवार बने और चुनाव जीता। सोमवार को हृदयाघात से उनके 21 वर्ष के राजनीतिक सफर का अंत हो गया।
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