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अब तो पशुओं को पिलाने योग्य भी नहीं रहा कालीनदी का पानी
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कासगंज की कालीनदी।
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। कालीनदी का पानी अब इतना प्रदूषित हो चुका है कि पशुओं के पिलाने योग्य भी नहीं है। पहले नदी का पानी इतना निर्मल और स्वच्छ था कि तलहटी तक मछलियां तैरती साफ दिखाई देती थीं। ग्रामीण न सिर्फ नदी में स्नान करते थे, बल्कि इसके पानी से फसलों की सिंचाई भी करते थे। काफी समय से ग्रामीण नदी को प्रदूषण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई नतीजा अभी तक नहीं निकला है। पानी में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है।
ग्रामीणों की बात-
कालीनदी का पानी 20 वर्ष पहले तक काफी साफ था। लोग इस पानी का उपयोग न सिर्फ खेतीबाड़ी में करते थे, बल्कि जरूरत के हर कार्य में नदी के पानी का ही इस्तेमाल किया जाता था। नदी के किनारे सैर करते हुए लोग सुबह के समय स्नान करते थे, लेकिन अब पानी बहुत प्रदूषित हो गया है। - गुुरुदयाल
नदी का पानी काफी खराब है। कभी-कभी तो पानी एकदम काला दिखाई देता है। कभी जब नहर से पानी छोड़ा जाता है या बारिश होती है तो नदी का पानी थोड़ा साफ हो जाता है। अब यह पानी पशुओं को भी नहीं पिला सकते। नदी की मछलियां प्रदूषण के कारण पहले ही मर चुकी है।
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- विनोद कुमार
कालीनदी अब नाम की नदी रह गई है। इसमें फैक्टरियों और नालों का गंदा पानी आता है। कोई देखभाल करने वाला नहीं है। नदी का पानी पर्यावरण के लिए खतरा बनता जा रहा है। नदी का प्रदूषण दूर करना जरूरी है। पहले नदी का पानी बिल्कुल साफ था। - विरेंद्र।
कालीनदी को प्रदूषण मुक्त कराया जाए तो तटवर्ती इलाके के लोगों के लिए नदी काफी उपयोगी साबित होगी। खेतीबाड़ी में नदी का पानी का उपयोग हो सकेगा। पशुओं की भी पानी की समस्या दूर होगी। नदी को पुराने स्वरूप में लाना जरूरी है। -अशोक कुमार
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ग्रामीणों की बात-
कालीनदी का पानी 20 वर्ष पहले तक काफी साफ था। लोग इस पानी का उपयोग न सिर्फ खेतीबाड़ी में करते थे, बल्कि जरूरत के हर कार्य में नदी के पानी का ही इस्तेमाल किया जाता था। नदी के किनारे सैर करते हुए लोग सुबह के समय स्नान करते थे, लेकिन अब पानी बहुत प्रदूषित हो गया है। - गुुरुदयाल
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नदी का पानी काफी खराब है। कभी-कभी तो पानी एकदम काला दिखाई देता है। कभी जब नहर से पानी छोड़ा जाता है या बारिश होती है तो नदी का पानी थोड़ा साफ हो जाता है। अब यह पानी पशुओं को भी नहीं पिला सकते। नदी की मछलियां प्रदूषण के कारण पहले ही मर चुकी है।
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- विनोद कुमार
कालीनदी अब नाम की नदी रह गई है। इसमें फैक्टरियों और नालों का गंदा पानी आता है। कोई देखभाल करने वाला नहीं है। नदी का पानी पर्यावरण के लिए खतरा बनता जा रहा है। नदी का प्रदूषण दूर करना जरूरी है। पहले नदी का पानी बिल्कुल साफ था। - विरेंद्र।
कालीनदी को प्रदूषण मुक्त कराया जाए तो तटवर्ती इलाके के लोगों के लिए नदी काफी उपयोगी साबित होगी। खेतीबाड़ी में नदी का पानी का उपयोग हो सकेगा। पशुओं की भी पानी की समस्या दूर होगी। नदी को पुराने स्वरूप में लाना जरूरी है। -अशोक कुमार