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कछुओं के 10 शव परीक्षण के लिए बरेली भेजे
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 05 Nov 2015 02:21 AM IST
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जैतपुर के करनपुरी गांव के तालाब में कछुओं के मरने को लेकर वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है। कछुओं के 10 शव जांच के लिए आईवीआरआई लैब बरेली भेजे गये हैं। बुधवार को दिन भर पंपसेट चलवाकर तालाब को खाली कराया गया। साथ ही जीवित और मृत कछुओं की खोजबीन शुरू की गई।
बता दें कि करनपुरी गांव में चार दिन पहले तालाब का पानी जहरीला होने से कछुओं के मरने का सिलसिला शुरू हुआ था। दुर्गंध से बेहाल ग्रामीणों के प्रदर्शन करने पर मंगलवार को गांव में वन, विकास और राजस्व विभाग की टीम पहुंची थी। टीम ने 72 कछुओं के शव बरामद किए थे। बाद में रात को पंपसेट चलवाकर तालाब से पानी निकलवाया। बुधवार सुबह तालाब के कीचड़ में जीवित और मृत कछुओं की खोजबीन शुरू की गयी। बुधवार शाम तक मृत कछुओं के आठ शव बरामद हुए। जबकि 25 जीवित कछुओं को निकालकर गांव के ही दूसरे तालाब में छोड़ा गया। समाचार लिखे जाने तक वन दरोगा सुरेंद्र सिंह भदौरिया, महावीर सिंह, होतम सिंह, रेंजर सत्यपाल सिंह के नेतृत्व में कछुओं की खोजबीन जारी थी। रेंजर सत्यपाल सिंह ने बताया कि वन दरोगा बृजेश परमार और सज्जन सिंह को कछुओं के 10 शव लेकर आईवीआरआई लैब बरेली भेजा गया है। वहां जांच के बाद ही कछुओं के मरने का कारण पता चल सकेगा। फिलहाल मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पानी के नमूने की जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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बता दें कि करनपुरी गांव में चार दिन पहले तालाब का पानी जहरीला होने से कछुओं के मरने का सिलसिला शुरू हुआ था। दुर्गंध से बेहाल ग्रामीणों के प्रदर्शन करने पर मंगलवार को गांव में वन, विकास और राजस्व विभाग की टीम पहुंची थी। टीम ने 72 कछुओं के शव बरामद किए थे। बाद में रात को पंपसेट चलवाकर तालाब से पानी निकलवाया। बुधवार सुबह तालाब के कीचड़ में जीवित और मृत कछुओं की खोजबीन शुरू की गयी। बुधवार शाम तक मृत कछुओं के आठ शव बरामद हुए। जबकि 25 जीवित कछुओं को निकालकर गांव के ही दूसरे तालाब में छोड़ा गया। समाचार लिखे जाने तक वन दरोगा सुरेंद्र सिंह भदौरिया, महावीर सिंह, होतम सिंह, रेंजर सत्यपाल सिंह के नेतृत्व में कछुओं की खोजबीन जारी थी। रेंजर सत्यपाल सिंह ने बताया कि वन दरोगा बृजेश परमार और सज्जन सिंह को कछुओं के 10 शव लेकर आईवीआरआई लैब बरेली भेजा गया है। वहां जांच के बाद ही कछुओं के मरने का कारण पता चल सकेगा। फिलहाल मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पानी के नमूने की जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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