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सेवानिवृति की अवधि पूरी होने के बाद भी नौकरी करता रहा जलकल सेवक
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मैनपुरी। नगर पालिका प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सेवानिवृत्त की अवधि पूरी होने के बाद भी एक जलकल सेवक तीन माह तक नौकरी करता रहा। उसे अप्रैल और मई दो माह का वेतन भी जारी कर दिया गया। जब शिकायत हुई तो मामला खुला। वेतन की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया गया है।
मामला नगर पालिका के जलकल विभाग से जुड़ा है। विभाग में जलकल सेवक के रूप में तैनात नरेंद्र सिंह की सेवा पुस्तिका में दर्ज रिकार्ड के अनुसार जन्मतिथि 15 मार्च 1961 है। इसके अनुसार 31 मार्च 2021 को नरेंद्र सिंह को सेवानिवृत्त हो जाना था। उसकी सेवानिवृत्ति पर न तो विभाग ने ध्यान दिया और न ही स्वयं नरेंद्र ने कार्यालय को इसकी जानकारी दी। विभाग को सेवानिवृत्ति की तिथि निकलने के तीन माह बाद जानकारी हो पाई। तब विभाग ने उसे सेवानिवृत्ति का नोटिस दिया। जिले में सेवानिवृत्ति के बाद भी नौकरी का यह पहला मामला है। विभागीय अधिकारी गुपचुप तरीके से मामले को निपटाने में जुटे हुए हैं।
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शिकायत न होती तो करता रहता नौकरी
पालिका प्रशासन को नरेंद्र सिंह के सेवानिवृत्ति के दो महीने बाद भी उसके द्वारा नौकरी करने की जानकारी नहीं थी। एक कर्मचारी ने मामले की शिकायत अधिशासी अधिकारी से की तो पूरा मामला खुल गया।
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जलकल सेवक से मांगा गया स्पष्टीकरण
अधिकारियों ने जलकल सेवक को दोषी माना है। नरेंद्र सिंह को ईओ ने पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है कि जानकारी होने के बाद भी उसने अपनी सेवानिवृत्ति की जानकारी विभाग को क्यों नहीं दी।
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दो महीने के वेतन की होगी रिकवरी
पालिका प्रशासन ने 31 मार्च को सेवा पूरी करने वाले जलकल सेवक नरेंद्र सिंह को अप्रैल और मई का वेतन भी जारी कर दिया। अब दो महीने के अतिरिक्त वेतन की रिकवरी की जाएगी। सेवक को पत्र जारी कर धनराशि लौटाने को कहा गया है, अन्यथा बकाया देयकों से कटौती की चेतावनी दी गई है।
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जलकल विभाग के लिपिक के कोरोना संक्रमित होने के कारण विभाग से यह गलती हुई है। जलकल सेवक को पत्र जारी कर जवाब मांगा गया है। वहीं दो महीने के वेतन के रूप में दी गई धनराशि को वापस किए जाने को कहा गया है। यदि धनराशि वापस नहीं होती है तो उसके बकाया देयकों से कटौती की जाएगी।
लालचंद भारती, ईओ नगर पालिका
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मामला नगर पालिका के जलकल विभाग से जुड़ा है। विभाग में जलकल सेवक के रूप में तैनात नरेंद्र सिंह की सेवा पुस्तिका में दर्ज रिकार्ड के अनुसार जन्मतिथि 15 मार्च 1961 है। इसके अनुसार 31 मार्च 2021 को नरेंद्र सिंह को सेवानिवृत्त हो जाना था। उसकी सेवानिवृत्ति पर न तो विभाग ने ध्यान दिया और न ही स्वयं नरेंद्र ने कार्यालय को इसकी जानकारी दी। विभाग को सेवानिवृत्ति की तिथि निकलने के तीन माह बाद जानकारी हो पाई। तब विभाग ने उसे सेवानिवृत्ति का नोटिस दिया। जिले में सेवानिवृत्ति के बाद भी नौकरी का यह पहला मामला है। विभागीय अधिकारी गुपचुप तरीके से मामले को निपटाने में जुटे हुए हैं।
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शिकायत न होती तो करता रहता नौकरी
पालिका प्रशासन को नरेंद्र सिंह के सेवानिवृत्ति के दो महीने बाद भी उसके द्वारा नौकरी करने की जानकारी नहीं थी। एक कर्मचारी ने मामले की शिकायत अधिशासी अधिकारी से की तो पूरा मामला खुल गया।
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जलकल सेवक से मांगा गया स्पष्टीकरण
अधिकारियों ने जलकल सेवक को दोषी माना है। नरेंद्र सिंह को ईओ ने पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है कि जानकारी होने के बाद भी उसने अपनी सेवानिवृत्ति की जानकारी विभाग को क्यों नहीं दी।
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दो महीने के वेतन की होगी रिकवरी
पालिका प्रशासन ने 31 मार्च को सेवा पूरी करने वाले जलकल सेवक नरेंद्र सिंह को अप्रैल और मई का वेतन भी जारी कर दिया। अब दो महीने के अतिरिक्त वेतन की रिकवरी की जाएगी। सेवक को पत्र जारी कर धनराशि लौटाने को कहा गया है, अन्यथा बकाया देयकों से कटौती की चेतावनी दी गई है।
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जलकल विभाग के लिपिक के कोरोना संक्रमित होने के कारण विभाग से यह गलती हुई है। जलकल सेवक को पत्र जारी कर जवाब मांगा गया है। वहीं दो महीने के वेतन के रूप में दी गई धनराशि को वापस किए जाने को कहा गया है। यदि धनराशि वापस नहीं होती है तो उसके बकाया देयकों से कटौती की जाएगी।
लालचंद भारती, ईओ नगर पालिका