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जलेसर दरगाह प्रकरण: 99 करोड़ का गबन कर समिति के लोग हुए फरार, अब ईओडब्ल्यू कर रही जांच
Sat, 31 Dec 2022 03:21 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 31 Dec 2022 03:21 PM IST
सार
आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं। जबकि पूर्व में स्थानीय पुलिस द्वारा की गई विवेचना को अब आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया है।
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छोटे मियां-बड़े मियां की दरगाह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एटा के जलेसर स्थित बड़े मियां दरगाह में 99 करोड़ रुपये का गबन पकड़ा गया तो पूरे प्रदेश, देश की निगाहें यहां टिक गईं। एसडीएम की जांच में पाया गया कि दरगाह की प्रबंध समिति ने चढ़ावे में आए रुपयों, सामान आदि के करीब 99 करोड़ रुपये का गबन दस साल में किया। इसके बाद जलेसर देहात के ग्राम प्रधान शैलेंद्र सिंह राजपूत ने प्रबंध समिति के अध्यक्ष मोहम्मद अकबर सहित 9 पदाधिकारियों व सदस्यों पर थाना जलेसर में रिपोर्ट दर्ज कराई।
इसके बाद सभी आरोपी फरार हो गए। वहीं दरगाह और जात से जुड़ी व्यवस्थाएं स्थानीय प्रशासन ने अपने हाथ में ले लीं। आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं। जबकि पूर्व में स्थानीय पुलिस द्वारा की गई विवेचना को अब आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया है।
स्थानीय लोगों से लेकर जलेसर के वर्तमान भाजपा विधायक संजीव दिवाकर का भी दावा है कि यह दरगाह बहुत पुरानी नहीं थी। पूर्व में यहां शनिदेव मंदिर था। जिसे ध्वस्त कर दरगाह बना ली गई। यहां बड़ी संख्या में शनिजात करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। 15 अप्रैल को यहां पुलिस चौकी निर्माण के लिए की जा रही खुदाई में हनुमान जी और शनि देव की प्रतिमाएं निकली थीं। इससे मंदिर के दावे को बल मिला। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने जांच-पड़ताल की। हालांकि मूर्तियों के पुरानी होने की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई।
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इसके बाद सभी आरोपी फरार हो गए। वहीं दरगाह और जात से जुड़ी व्यवस्थाएं स्थानीय प्रशासन ने अपने हाथ में ले लीं। आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं। जबकि पूर्व में स्थानीय पुलिस द्वारा की गई विवेचना को अब आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया है।
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मंदिर पर दरगाह बनाने का दावा
स्थानीय लोगों से लेकर जलेसर के वर्तमान भाजपा विधायक संजीव दिवाकर का भी दावा है कि यह दरगाह बहुत पुरानी नहीं थी। पूर्व में यहां शनिदेव मंदिर था। जिसे ध्वस्त कर दरगाह बना ली गई। यहां बड़ी संख्या में शनिजात करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। 15 अप्रैल को यहां पुलिस चौकी निर्माण के लिए की जा रही खुदाई में हनुमान जी और शनि देव की प्रतिमाएं निकली थीं। इससे मंदिर के दावे को बल मिला। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने जांच-पड़ताल की। हालांकि मूर्तियों के पुरानी होने की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई।
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