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बंदियों की समस्याओं का जेल मैनुअल से निस्तारण करना होगा
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09एमएनपी-18-जेल में निरीक्षण करतीं विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव तरन्नुम खान
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। बंदियों की समस्याओं का समय से निस्तारण करें। जेल मैनुअल के अनुसार उनको सुविधाएं दें। बीमारी की हालत में उनका समय से उपचार कराएं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यह बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिविल जज तरन्नुम खान ने कहीं।
जिला जेल का बृहस्पतिवार को विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिविल जज तरन्नुम खान ने निरीक्षण किया। जेल के अभिलखों, जेल अस्पताल, जेल की पाकशाला का निरीक्षण करने के बाद मंहिला और पुरुष बंदियों से मिलकी उनकी समस्यायें सुनीं। निरीक्षण करने के बाद प्राधिकरण सचिव ने जेल अधिकारियों से कहा बंदियों के जेल जाने से मानवाधिकार समाप्त नहीं हो जाते हैं। जेल में बंदियों केे मानवाधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। बंदियों की जेल से संबंधित समस्याओं का जेल मैनुअल के अनुसार निराकरण किया जाना चाहिए। बंदियों की जो समस्याएं अदालतों से संबंधित हैं उनकी जानकारी उचित माध्यम से विधिक सेवा प्राधिकरण में दी जाए। बंदियों की समस्याओं के निस्तारण के संबंध में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
जेल का निरीक्षण करने के बाद जेल में विधिक साक्षरता शिविर लगाया गया। शिविर में प्राधिकरण सचिव ने बंदियों को कानूनी सहायता के संबंध में जानकारी दी। अपर सिविल जज नंदनी उपाध्याय, अंकुर सिंह सोलंकी, कृणाल भास्कर, जेलर जेपी दुबे, कार्यालय सहायक देवेंद्र सिंह, निशुल्क अधिवक्ता सुनील कुमार यादव, पैरालीगल वालंटियर जितेंद्र सिंह, राजेश यादव, अरुण कुमार मौजूद रहे।
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जिला जेल का बृहस्पतिवार को विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिविल जज तरन्नुम खान ने निरीक्षण किया। जेल के अभिलखों, जेल अस्पताल, जेल की पाकशाला का निरीक्षण करने के बाद मंहिला और पुरुष बंदियों से मिलकी उनकी समस्यायें सुनीं। निरीक्षण करने के बाद प्राधिकरण सचिव ने जेल अधिकारियों से कहा बंदियों के जेल जाने से मानवाधिकार समाप्त नहीं हो जाते हैं। जेल में बंदियों केे मानवाधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। बंदियों की जेल से संबंधित समस्याओं का जेल मैनुअल के अनुसार निराकरण किया जाना चाहिए। बंदियों की जो समस्याएं अदालतों से संबंधित हैं उनकी जानकारी उचित माध्यम से विधिक सेवा प्राधिकरण में दी जाए। बंदियों की समस्याओं के निस्तारण के संबंध में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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जेल का निरीक्षण करने के बाद जेल में विधिक साक्षरता शिविर लगाया गया। शिविर में प्राधिकरण सचिव ने बंदियों को कानूनी सहायता के संबंध में जानकारी दी। अपर सिविल जज नंदनी उपाध्याय, अंकुर सिंह सोलंकी, कृणाल भास्कर, जेलर जेपी दुबे, कार्यालय सहायक देवेंद्र सिंह, निशुल्क अधिवक्ता सुनील कुमार यादव, पैरालीगल वालंटियर जितेंद्र सिंह, राजेश यादव, अरुण कुमार मौजूद रहे।
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