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Agra News: सिद्ध दोष बंदियों की अपील कराएं जेल अधिकारी
Sat, 03 Jun 2023 11:32 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 03 Jun 2023 11:32 PM IST
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मैनपुरी।
किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव/ सिविल जज ने शनिवार को जेल का निरीक्षण किया। सिद्ध दोष बंदियों की समस्याएं सुनीं। जेल अधिकारियों से कहा कि सिद्ध दोष बंदियों का विवरण जुटाकर उनकी जेल अपील कराई जाए।
शनिवार को जेल पहुंचे न्यायिक अधिकारियों ने बैरकों में बंद सिद्ध दोष बंदियों को बाहर निकलवाया। जेल परिसर में खुले स्थान पर उनको बिठाकर उनकी समस्याएं सुनीं। जेल अधिकारियों को बंदियों की समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए। जेल अधिकारियों से कहा कि गर्मी का मौसम चल रहा है। बंदियों के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था की जाए। मच्छरों से बचाव के लिए बैरकों के आसपास और जेल परिसर में नियमित रूप से सफाई कराई जाए। गंदगी से मच्छर पनपतें हैं। मच्छरों से बीमारियां फैलती हैं। इस मौके पर किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार चौधरी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव /सिविल जज नम्रता सिंह, जेल अधीक्षक कोमल मंगलानी, डिप्टी जेलर मोनिका सचान, मनोज कुमार शुक्ला, जेल पीएलवी अजय चौहान, देवेंद्र पाल सिंह मौजूद रहे।
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वकील दिलाने की मांग
जेल के बंदी रज्जाक ने मुकदमा लड़ने के लिए निशुल्क वकील दिलाने की मांग की। उसने बताया कि वह गरीबी के चलते वकील नहीं कर पा रहा है। उसके खिलाफ दस मुकदमे दर्ज हैं। वकील नहीं होने से मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। प्राधिकरण सचिव ने जेल अधीक्षक से कहा कि रज्जाक का प्रार्थनापत्र लेकर विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में भेजा जाए।
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जेल में 147 हैं सिद्ध दोष बंदी
जेल में कुल 997 बंदी हैं। 147 सिद्ध दोष बंदी हैं। इनमें 125 पुरुष तथा 22 महिला बंदी हैं। अल्प वयस्क 19 बंदी हैं। विचाराधीन पुरुष बंदी 781 तथा 31 महिला बंदी हैं। एक फांसी की सजा वाला बंदी तथा एक राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का बंदी जेल में है। जेल अस्पताल में 17 बंदी भर्ती हैं। महिला बंदियों के साथ सात आश्रित बच्चे भी जेल में हैं।
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किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव/ सिविल जज ने शनिवार को जेल का निरीक्षण किया। सिद्ध दोष बंदियों की समस्याएं सुनीं। जेल अधिकारियों से कहा कि सिद्ध दोष बंदियों का विवरण जुटाकर उनकी जेल अपील कराई जाए।
शनिवार को जेल पहुंचे न्यायिक अधिकारियों ने बैरकों में बंद सिद्ध दोष बंदियों को बाहर निकलवाया। जेल परिसर में खुले स्थान पर उनको बिठाकर उनकी समस्याएं सुनीं। जेल अधिकारियों को बंदियों की समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए। जेल अधिकारियों से कहा कि गर्मी का मौसम चल रहा है। बंदियों के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था की जाए। मच्छरों से बचाव के लिए बैरकों के आसपास और जेल परिसर में नियमित रूप से सफाई कराई जाए। गंदगी से मच्छर पनपतें हैं। मच्छरों से बीमारियां फैलती हैं। इस मौके पर किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार चौधरी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव /सिविल जज नम्रता सिंह, जेल अधीक्षक कोमल मंगलानी, डिप्टी जेलर मोनिका सचान, मनोज कुमार शुक्ला, जेल पीएलवी अजय चौहान, देवेंद्र पाल सिंह मौजूद रहे।
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वकील दिलाने की मांग
जेल के बंदी रज्जाक ने मुकदमा लड़ने के लिए निशुल्क वकील दिलाने की मांग की। उसने बताया कि वह गरीबी के चलते वकील नहीं कर पा रहा है। उसके खिलाफ दस मुकदमे दर्ज हैं। वकील नहीं होने से मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। प्राधिकरण सचिव ने जेल अधीक्षक से कहा कि रज्जाक का प्रार्थनापत्र लेकर विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में भेजा जाए।
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जेल में 147 हैं सिद्ध दोष बंदी
जेल में कुल 997 बंदी हैं। 147 सिद्ध दोष बंदी हैं। इनमें 125 पुरुष तथा 22 महिला बंदी हैं। अल्प वयस्क 19 बंदी हैं। विचाराधीन पुरुष बंदी 781 तथा 31 महिला बंदी हैं। एक फांसी की सजा वाला बंदी तथा एक राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का बंदी जेल में है। जेल अस्पताल में 17 बंदी भर्ती हैं। महिला बंदियों के साथ सात आश्रित बच्चे भी जेल में हैं।