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यूपी चुनाव 2022: मैनपुरी में मुद्दे रहे दरकिनार, हर चुनाव में चला जातिगत कार्ड
Mon, 24 Jan 2022 12:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
नीलेश शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी मैनपुरी
नीलेश शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी मैनपुरी
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jan 2022 12:50 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी को सपा का गढ़ कहा जाता है। यह बात अलग है कि जिले की सदर विधानसभा सीट कभी किसी एक दल की नहीं रही। इस सीट पर मुद्दे दरकिनार रहे, वहीं हर चुनाव में सिर्फ जातिगत कार्ड चला। इसीलिए इस सीट पर जीत का सेहरा कभी क्षत्रिय तो कभी यादव जाति के प्रत्याशियों के सिर पर ही सजा। कभी साइकिल चली तो कभी भगवा लहराया। 2012 से इस सीट पर समाजवादी पार्टी काबिज है।
सदर विधानसभा सीट पर क्षत्रिय और यादव जाति का वर्चस्व है। यही कारण है कि इस सीट पर क्षत्रिय और यादव जाति के प्रत्याशी ही विधायक रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अस्तित्व में आने से पहले भी कई बार इस सीट पर यादव जाति के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। इस सीट पर कभी भी चुनावी मुद्दे हावी नहीं हुए। हर राजनीतिक दल ने जातिगत आंकड़ों के आधार पर टिकट बांटे, जिसका उन्हें फायदा मिला। कभी क्षत्रिय प्रत्याशी की राह जातिगत समीकरणों के चलते आसान हुई तो कभी यादव जाति के प्रत्याशी को विधानसभा में जाने का मौका मिला।
इस बार भी चला जातिगत कार्ड
2022 के विधानसभा चुनाव में भी सदर सीट पर जातिगत कार्ड चला गया है। समाजवादी पार्टी ने दो बार से विधायक राजकुमार यादव ‘राजू’ को टिकट देकर यादव वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। वहीं भाजपा ने ठाकुर जयवीर सिंह को चुनाव मैदान में उतारकर क्षत्रिय मतदाताओं को साधने का प्रयास किया है। जयवीर सिंह दो बार घिरोर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर सरकार में दो बार मंत्री रह चुके हैं।
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तीन-तीन बार सपा और भाजपा का कब्जा
समाजवादी पार्टी का गठन वर्ष 1992 में हुआ था। सपा ने पहली बार 1993 में विधानसभा का चुनाव लड़ा। 1993 से लेकर 2017 के बीच छह बार विधानसभा चुनाव हुए। इनमें तीन बार भाजपा और तीन बार सपा का विधायक चुना गया।
जातिगत आंकड़े
-क्षत्रिय- 50 हजार
-यादव- 50 हजार
-ब्राह्मण-28 हजार
-वैश्य- 26 हजार
-लोधी-25 हजार
-शाक्य-23 हजार
-एससी-21 हजार
-मुस्लिम-20 हजार
सदर विधानसभा क्षेत्र से चुने गए विधायक
चुनावी वर्ष चुने गए विधायक
1952 वीरेंद्रपति, कांग्रेस
1957 मलखान सिंह राठौर, भारतीय जनसंघ
1962 ब्रिजेश्वर सहाय, कांग्रेस
1967 मलखान सिंह राठौर, भारतीय जनसंघ
1969 मलखान सिंह राठौर, भारतीय जनसंघ
1974 बाबा रामनाथ, सीपीएम
1977 मलखान सिंह राठौर, जनता पार्टी
1980 रघुवीर सिंह यादव, कांग्रेस
1985 रघुवीर सिंह यादव, कांग्रेस
1989 इंद्रल सिंह चौहान, जनता दल
1991 नरेंद्र सिंह राठौर, भाजपा
1993 नरेंद्र सिंह राठौर, भाजपा
1996 मानिकचंद्र यादव, सपा
2002 अशोक सिंह चौहान, भाजपा
2007 अशोक सिंह चौहान, भाजपा
2012 राजकुमार यादव राजू, सपा
2017 राजकुमार यादव राजू, सपा
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सदर विधानसभा सीट पर क्षत्रिय और यादव जाति का वर्चस्व है। यही कारण है कि इस सीट पर क्षत्रिय और यादव जाति के प्रत्याशी ही विधायक रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अस्तित्व में आने से पहले भी कई बार इस सीट पर यादव जाति के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। इस सीट पर कभी भी चुनावी मुद्दे हावी नहीं हुए। हर राजनीतिक दल ने जातिगत आंकड़ों के आधार पर टिकट बांटे, जिसका उन्हें फायदा मिला। कभी क्षत्रिय प्रत्याशी की राह जातिगत समीकरणों के चलते आसान हुई तो कभी यादव जाति के प्रत्याशी को विधानसभा में जाने का मौका मिला।
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इस बार भी चला जातिगत कार्ड
2022 के विधानसभा चुनाव में भी सदर सीट पर जातिगत कार्ड चला गया है। समाजवादी पार्टी ने दो बार से विधायक राजकुमार यादव ‘राजू’ को टिकट देकर यादव वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। वहीं भाजपा ने ठाकुर जयवीर सिंह को चुनाव मैदान में उतारकर क्षत्रिय मतदाताओं को साधने का प्रयास किया है। जयवीर सिंह दो बार घिरोर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर सरकार में दो बार मंत्री रह चुके हैं।
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तीन-तीन बार सपा और भाजपा का कब्जा
समाजवादी पार्टी का गठन वर्ष 1992 में हुआ था। सपा ने पहली बार 1993 में विधानसभा का चुनाव लड़ा। 1993 से लेकर 2017 के बीच छह बार विधानसभा चुनाव हुए। इनमें तीन बार भाजपा और तीन बार सपा का विधायक चुना गया।
जातिगत आंकड़े
-क्षत्रिय- 50 हजार
-यादव- 50 हजार
-ब्राह्मण-28 हजार
-वैश्य- 26 हजार
-लोधी-25 हजार
-शाक्य-23 हजार
-एससी-21 हजार
-मुस्लिम-20 हजार
सदर विधानसभा क्षेत्र से चुने गए विधायक
चुनावी वर्ष चुने गए विधायक
1952 वीरेंद्रपति, कांग्रेस
1957 मलखान सिंह राठौर, भारतीय जनसंघ
1962 ब्रिजेश्वर सहाय, कांग्रेस
1967 मलखान सिंह राठौर, भारतीय जनसंघ
1969 मलखान सिंह राठौर, भारतीय जनसंघ
1974 बाबा रामनाथ, सीपीएम
1977 मलखान सिंह राठौर, जनता पार्टी
1980 रघुवीर सिंह यादव, कांग्रेस
1985 रघुवीर सिंह यादव, कांग्रेस
1989 इंद्रल सिंह चौहान, जनता दल
1991 नरेंद्र सिंह राठौर, भाजपा
1993 नरेंद्र सिंह राठौर, भाजपा
1996 मानिकचंद्र यादव, सपा
2002 अशोक सिंह चौहान, भाजपा
2007 अशोक सिंह चौहान, भाजपा
2012 राजकुमार यादव राजू, सपा
2017 राजकुमार यादव राजू, सपा