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अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र: बदलेगी खेती की तस्वीर, देश के साथ दक्षिण एशिया के किसानों को मिलेगा लाभ

Sat, 22 Aug 2026 12:17 PM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 22 Aug 2026 12:17 PM IST
सार

आगरा के सींगना में बन रहे अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र में 2026-2031 की अनुसंधान एवं विकास योजना तैयार की गई है। केंद्र के शोध से आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और जलवायु अनुकूल खेती की जानकारी भारत के साथ नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के किसानों तक पहुंचाने की योजना है।

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International Potato Research Center in Agra to Benefit Farmers Across South Asia
अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (सीसार्क) की दूसरी समन्वय समिति की बैठक शुक्रवार को फतेहाबाद रोड स्थित होटल में हुई। इसमें वर्ष 2026-2031 की अनुसंधान एवं विकास योजना प्रस्तुत की गई। सींगना में बन रहे अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र की प्रगति और उसमें होने वाले शोधों पर चर्चा की गई।
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बैठक की अध्यक्षता पेरू के सीआईपी महानिदेशक डॉ. सीमोन हेक और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव आतिश चंद्रा ने की। इसमें नेपाल के राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद से डॉ. युवराज भुसाल, भूटान कृषि विभाग निदेशक श्री याॅनते और बांग्लादेश कृषि मंत्रालय अपर मुख्य सचिव मुस्तका वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
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सचिव आतिश चंद्रा ने कहा कि सीसार्क का उद्देश्य प्रयोगशाला तक सीमित नहीं हैं। बल्कि उन्नति तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, जलवायु और आधुनिक कृषि को किसानों के खेतों तक पहुंचाना हैं। इसका लाभ आगरा के साथ देशभर के किसानों और दक्षिण एशिया के देशों के किसानों को मिलेगा। बैठक में उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव बाबू लाल मीणा, हॉर्टिकल्चर कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार, डॉ. ह्यूगो कैम्पोन, राष्ट्रीय वानिकी बोर्ड अध्यक्ष कपिल मीणा, सीसार्क निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह व अन्य वैज्ञानिक शामिल रहे।
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नेपाल, भूटान और बांग्लादेश भी जुड़ेंगे अनुसंधान मंच के माध्यम से
भारत के अलावा नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के किसानों की जरूरतों के अनुसार तकनीक विकसित की जाएगी। वहां के किसानों को आलू व शकरकंद की खेती में लाभ मिलेगा।


सींगना का किया निरीक्षण
इसके बाद अधिकारियों व वैज्ञानिकों के दल ने सींगना स्थित सीसार्क फार्म का दौरा कर निर्माण कार्य और बुनियादी ढांचे की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान एनबीसीसी के कार्यकारी निदेशक प्रदीप शर्मा ने परिसर में विकसित की जा रही आधुनिक सुविधाओं की जानकारी दी।

 
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