Mathura: अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में आठ स्वर्ण जीतने वाला कराटे खिलाड़ी चाय बेचने को मजबूर
मथुरा के कराटे खिलाड़ी हरिओम ने 2010 से 2016 तक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 19 मेडल जीते हैं। इनमें आठ गोल्ड मेडल है, लेकिन आज वह आर्थिक तंगी के चलते चाय बेचने को मजबूर हैं।
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मथुरा में अंतरराष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी हरिओम शुक्ला अपने पदक टांग कर चाय बेचते हैं। वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 19 मेडल जीत चुके हैं। अब आर्थिक मजबूरियों के चलते खेल और खिलाड़ियों से उन्होंने दूरी बना ली है। परिवार का खर्च चलाने के लिए चाय बेचने को मजबूर हैं।
जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव छोटी कोसीखुर्द के रहने वाले हरिओम शुक्ला ने पिता दीनदयाल शुक्ला की चाय की दुकान पर काम करते हुए कराटे का प्रशिक्षण लिया। 2006 से शुरू हुआ यह दौर स्थानीय स्तर से प्रदेश और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया।
हरिओम ने 2010 से 2016 तक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 19 मेडल प्राप्त किए। इसमें 8 स्वर्ण, 7 रजत और 4 कांस्य शामिल हैं। वर्तमान में यह अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आर्थिक मजबूरियों के चलते स्टैट बैंक के निकट फुटपाथ पर चाय बेचने को मजबूर हैं।
आर्थिक तंगी हमेशी बनी बाधा
हरिओम ने बताया कि आर्थिक तंगी उनके खेल में हमेशा बाधा बनी। जब भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शामिल होने के लिए जाना हुआ सामाजिक संस्था और लोगों से आर्थिक मदद लेनी पड़ी। अब हिम्मत पूरी तरह से टूट गई है। खिलाड़ी ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, और जिलाधिकारी से भी गुहार लगाई है, लेकिन कहीं से भी कोई मदद नहीं मिली।
कराटे खिलाड़ी की उपलब्धियां
2010 नेपाल इंटरनेशनल हाईस्कूल कराटे बॉक्सिंग चैंपियनशिप स्वर्ण
2012 भारत वर्ल्ड फुनाकोसी सोतोकॉन कराटे चैंपियनशिप स्वर्ण
2013 थाइलैंड वर्ल्ड कराटे किंग बॉक्सिंग चैंपियनशिप सीनियर वर्ग स्वर्ण
2013 थाइलैंड ईस्ट एशिया कराटे चैंपियनशिप सीनियर वर्ग चांदी
2015 श्रीलंका बनाम इंडिया कराटे चैंपियनशिप सीनियर वर्ग स्वर्ण, चांदी
2015 बांग्लादेश इंटरनेशनल मार्शलॉट चैंपियनशिप सीनियर वर्ग स्वर्ण