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इंटर पास मथुरा के गौतम ने बना डाला मिसाइल का मॉडल
Mon, 21 Oct 2019 05:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
लोकेंद्र नरवार, नौहझील (मथुरा)
लोकेंद्र नरवार, नौहझील (मथुरा)
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 21 Oct 2019 05:17 AM IST
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गौतम चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
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देश की सीमाओं को दुश्मन से सुरक्षित करने के लिए मिसाइल बनाने का जुनून लेकर चल रहे गौतम चौधरी ने इसका मॉडल तैयार कर लिया है। इंटर तक पढ़ाई किए गौतम का दावा है कि इस मॉडल पर काम किया जाए तो अब तक की सभी मिसाइलों की क्षमता को पीछे छोड़ सकती है। अब तक इस पर 22 लाख रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके हैं।
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नौहझील के गांव जटपुरा निवासी कुंती देवी के बेटे गौतम को पढ़ाई के साथ साल 2015 में मिसाइल बनाने का जुनून सवार हुआ और फिर वो इसे पूरा करने में जुट गया। तीन साल तक विभिन्न विशेषज्ञों की सहायता से उसने मिसाइल का मॉडल तैयार किया है। गौतम का दावा है कि इस मॉडल पर तैयार होने वाली मिसाइल एक साथ कई निशाने साध सकेगी।
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इससे 10 स्थानों पर हमला किया जा सकता है। इसमें सॉलिड बूस्टर और जेट जैसे दो इंजन हैं। गौतम के अनुसार वर्तमान में इसका वजन 35 से 40 किलोग्राम है। बेटे के इस सपने को साकार करने में जुटी उसकी मां कुंती देवी ने अपनी पुरखों की जमीन तक बेच दी। चार लाख रुपये साहूकार से कर्ज भी लिया है।
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आईआईटी की कोचिंग भी की
गौतम का कहना है कि इसे तैयार करने के लिए उसने आईआईटी की कोचिंग भी की है। इसमें लेजर मशीन, एंटीना, आरडीनो का भी प्रयोग किया गया है। वर्तमान में वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।
डीआरडीओ व इसरो तक पहुंचानी होगी प्रोजेक्ट रिपोर्ट
एक सैन्य विशेषज्ञ ने बताया कि पीएमओ, स्टार्ट अप व मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत या फिर डीआरडीओ व इसरो के माध्यम से उसका परीक्षण कराया जा सकता है। यदि मॉडल सही और उपयोगी लगा तो डीआरडीओ व इसरो इसे अपने कार्यक्रम में शामिल कर सकता है।
इसकी जानकारी की जाएगी। इस संदर्भ में सेना से भी संपर्क किया जाएगा कि क्या इस तरह का प्रयोग बगैर प्रयोगशाला के संभव है। उसे इसकी प्रमाणिकता के लिए मदद भी दी जाएगी।
-सर्वज्ञराम मिश्र, डीएम
इंजीनियरिंग के छात्र ऐसे मॉडल तैयार करते रहे हैं, लेकिन गौतम चौधरी के मॉडल को परखने के बाद ही इसकी प्रमाणिकता के संदर्भ में कुछ कहा जा सकता है।
- डॉ. एसएस अग्रवाल, निदेशक, बीएसए इंजीनियरिंग कॉलेज