{"_id":"5f3fff418ebc3e3cde304e16","slug":"injured-girl-admitted-to-emergency-after-one-hour-at-sn-medical-college-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा: एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में तड़पती रही बच्ची, एक घंटे बाद किया भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा: एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में तड़पती रही बच्ची, एक घंटे बाद किया भर्ती
Sat, 22 Aug 2020 12:30 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 22 Aug 2020 12:30 AM IST
सार
- सादाबाद में सड़क पार करते समय मोटर साइकिल की टक्कर से हो गई थी घायल
- पर्चा बनवाने के लिए इधर-उधर चक्कर काटते रहे परिजन
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) की इमरजेंसी में मरीजों को भर्ती करने में लापरवाही बरती जा रही है। शुक्रवार को सादाबाद की सात साल की बच्ची दर्द से तड़पती रही, लेकिन उसके परिजनों को पर्चा बनवाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। बच्ची की हालत बिगड़ने पर करीब एक घंटे बाद उसे भर्ती किया गया।
सादाबाद की सात साल की सिया रास्ता पार करते वक्त मोटर साइकिल की टक्कर से घायल हो गई थी। उसके पैर और जांघ में चोट लगी थी। परिजन बच्ची को शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे इमरजेंसी लेकर पहुंचे।
परिजन बनी सिंह ने बताया कि बच्ची दर्द से कराह रही थी। इमरजेंसी में वार्ड ब्वॉय से स्ट्रेचर लाने के लिए कहा, लेकिन सुनवाई न होने पर बच्ची को बेंच पर ही लिटा दिया। डॉक्टरों से बच्ची को भर्ती करने के लिए कहा तो उन्होंने पहले पर्चा बनवाने के लिए कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सादाबाद की सात साल की सिया रास्ता पार करते वक्त मोटर साइकिल की टक्कर से घायल हो गई थी। उसके पैर और जांघ में चोट लगी थी। परिजन बच्ची को शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे इमरजेंसी लेकर पहुंचे।
विज्ञापन
परिजन बनी सिंह ने बताया कि बच्ची दर्द से कराह रही थी। इमरजेंसी में वार्ड ब्वॉय से स्ट्रेचर लाने के लिए कहा, लेकिन सुनवाई न होने पर बच्ची को बेंच पर ही लिटा दिया। डॉक्टरों से बच्ची को भर्ती करने के लिए कहा तो उन्होंने पहले पर्चा बनवाने के लिए कहा।
विज्ञापन
Trending Videos
पर्चा बनवाने गए तो कहा कि यहां कोरोना वायरस के मरीजों के पर्चे बन रहे हैं। इतनी देर में बच्ची की तबियत और बिगड़ने लगी। स्टाफ की लापरवाही देख अन्य तीमारदार बच्ची का फोटो खींचने लगे, तब कहीं जाकर उसे भर्ती कराया गया।
मामले की जांच कराई जाएगी
मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. एके आर्या ने बताया कि ट्राएज ओपीडी और अन्य इमरजेंसी वाले मरीजों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की है, इसकी जानकारी के लिए वार्ड ब्वॉय भी लगाए हैं। बच्ची को भर्ती करने में देरी के मामले की जांच कराई जाएगी।
मामले की जांच कराई जाएगी
मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. एके आर्या ने बताया कि ट्राएज ओपीडी और अन्य इमरजेंसी वाले मरीजों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की है, इसकी जानकारी के लिए वार्ड ब्वॉय भी लगाए हैं। बच्ची को भर्ती करने में देरी के मामले की जांच कराई जाएगी।