दिवाली: आगरा में महंगाई ने कम की मिठाई की ‘मिठास’, चीनी-मेवे के दाम बढ़ने का पड़ा असर
महंगाई ने इस बार दिवाली पर मिठाई की ‘मिठास’ कम कर दी है। खासतौर से जिन मिठाइयों में मेवा का इस्तेमाल किया जाता है उनके दाम पिछले साल की तुलना में बढ़े हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में महंगाई ने इस बार दिवाली पर मिठाई की ‘मिठास’ कम कर दी है। खासतौर से जिन मिठाइयों में मेवा का इस्तेमाल किया जाता है उनके दाम पिछले साल की तुलना में बढ़े हैं। इन मिठाइयों के दाम करीब दस फीसदी बढ़ गए हैं। ऐसे में दिवाली के सामान की सूची में मिठाई की तोल कम की जा रही है।
पहले की पांच किलो की जगह इस बार चार-तीन किलो मिठाई लाई जाएगी। महिलाओं का कहना है कि अन्य वस्तुओं की महंगाई की मार तो थी ही, अब मिठाई के दाम बढ़ने से बजट और टाइट हो गया है।
करीब दस फीसदी दाम बढ़ाए गए हैं
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के मिठाई प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शिशिर भगत का कहना है कि मिठाइयों के दाम करीब दस फीसदी बढ़े हैं। पिछले साल के मुकाबले चीनी के दामों में एक किलो पर लगभग पांच रुपये की बढ़ोतरी भी मिठाई की महंगाई की वजह है। इसके साथ ही उन मिठाइयों पर दाम बढ़े हैं, जिनमें ड्राई फ्रूट्स ज्यादा डाले जाते हैं।
पिछले साल की तुलना में बढ़ गए दाम
काजू बर्फी
पिछले साल 760 रु. किलो।
इस साल 820 रु. किलो।
पिस्ता बर्फी
पिछले साल 2170 रु. किलो।
इस साल 2370 रु. किलो।
काजू गुजिया
पिछले साल 820 रु. किलो।
इस साल 900 रु. किलो।
बादाम बर्फी
पिछले साल 880 रु. किलो।
इस साल 1000 रु. किलो।
काजू पिस्ता रोल
पिछले साल 1100 रु. किलो।
इस साल 1180 रु. किलो।
अंजीर रोल
पिछले साल 850 रु. किलो।
इस साल 900 रु. किलो।
महंगाई की मार ने त्योहार पर महिलाओं के लिए बजट पर माथापच्ची बढ़ा दी है। पिछले साल की तुलना में हर चीज महंगी है। मिठाई के दाम भी 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। त्योहार के लिए बजट अधिकांश घरों में पिछले साल के समान है, ऐसे में सामान की सूची में कुछ न कुछ कम किया जा रहा है।
'खल रही है ये महंगाई'
सूर्य नगर निवासी रुचि खोसल ने बताया कि त्योहारी सीजन में मिठाई की महंगाई खल रही है। बादाम गुजिया, काजू पिस्ता सभी कुछ महंगा है। लेकिन दिवाली है तो मिठाई जरूर खरीदेंगे।
'अन्य सामान करेंगे कम'
आवास विकास कॉलोनी निवासी मुक्ता ने कहा कि दिवाली पर महंगी मिठाई भी खरीदेंगे। पूरे साल में एक बार त्योहार आता है इसलिए मिठाई तो लानी ही पड़ेगी। घर के दूसरे सामान का बजट कम करेंगे।