आगरा: औद्योगिक इकाइयों के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति पर रोक, केवल अस्पतालों में होगी सप्लाई
आगरा में ऑक्सीजन की आपूर्ति सिर्फ मरीजों की जीवन रक्षा के लिए अस्पतालों में होगी। ऑक्सीजन उत्पादन करने वाली इकाइयों को 24 घंटे बिजली मिलेगी।
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आगरा में ऑक्सीजन संकट के बीच रविवार को जिला प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों के लिए तरल व सिलिंडर से ऑक्सीजन आपूर्ति पर रोक लगा दी है। इन्हें आपूर्ति से पहले अनुमति लेनी होगी। अब सिर्फ मरीजों के लिए अस्पतालों में तरल ऑक्सीजन दी जाएगी। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में ऑक्सीजन इकाइयों को 24 घंटे बिजली मिलेगी।
कोरोना मरीजों के लिए ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। निजी अस्पतालों में इसकी कमी है। ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए तीमारदार भटक रहे हैं। ऐसे में जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने रविवार को औद्योगिक इकाइयों के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में आपूर्ति के कारण अस्पतालों व मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही। इन इकाइयों को गैस आपूर्ति करने वाले सभी सप्लायर अब सिर्फ अस्पतालों में आपूर्ति करेंगे। इसके लिए उन्हें प्रशासन ने अनुमति प्रदान की है।
डीएम ने बताया कि सिलिंडर व तरल ऑक्सीजन इकाइयों को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए दो अधिकारी नामित किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी इकाइयों को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) के मुख्य अभियंता और शहरी क्षेत्र में टोरेंट पावर महाप्रबंधक को आदेश दिए हैं।
इधर, ऑक्सीजन गैस की किल्लत से निजी एंबुलेंस का संचालन ठप पड़ रहा है। आगरा से जयपुर, सैफई, दिल्ली मरीजों को रेफर नहीं हो पा रहे। पिछले 24 घंटे से शहर में अलग-अलग स्थानों पर 65 से अधिक एंबुलेंस खड़ीं हैं। जिन्हें चलाने के लिए संचालकों को ऑक्सीजन सिलिंडर चाहिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई हो रही है। एंबुलेंस के लिए भी उपलब्ध कराई जाएगी। व्यवस्था को सुचारू होने में दो दिन का समय लगेगा। हमारी टीमें पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कराने में जुटी हुई हैं।
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