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घड़ियालों के घर में बढ़ा इंडियन स्कीमर का कुनबा
घड़ियालों के घर में बढ़ा इंडियन स्कीमर का कुनबा
Updated Wed, 23 Mar 2016 02:08 AM IST
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घड़ियालों के घर में बढ़ा इंडियन स्कीमर का कुनबा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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घड़ियालों के घर चंबल में इंडियन स्कीमर का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। दक्षिण एशियाई मुल्कों में खतरे में पड़े इस पक्षी की सर्वे रिपोर्ट आने के बाद वन विभाग का अमला नेस्टिंग को लेकर सक्रीय हो गया है।
चंबल घड़ियालों के संरक्षण के प्रोजेक्ट को लेकर देश दुनिया में मशहूर है। इंडियन स्कीमर के रूप में भी अब इसे पहचाना जाएगा। दक्षिण एशियाई मुल्क पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, थाइलैंड, ईरान, चीन, वर्मा में तेजी से इंडियन स्कीमर की आबादी घट रही है। जबकि चंबल में इनकी मौजूदगी शुभ संकेत है। वन विभाग के सर्वे में 439 इंडियन स्कीमर दिखे हैं। 284 किमी क्षेत्र में फैली चंबल नदी में पिछले साल इनकी संख्या 325 मिली थी। इनकी संख्या बढ़ने पर विशेषज्ञ डॉ. रिषीकेश शर्मा ने खुशी का इजहार किया है। बाह रेंज के महुआशाला घाट पर चंबल नदी के टापू पर 40 इंडियन स्कीमर मौजूद है। रेंजर वन्यजीव बाह आरके शर्मा ने बताया कि नेस्टिंग सीजन शुरू हो गया है। वन विभाग की टीम सतर्क कर दिया गया है।
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पर्यटकों को लुभाती है लाल दुधारी चोंच
बाह। इंडियन स्कीमर की चोंच लाल दुधारी होती है। सिर पर ब्लैक कैप होती है। पर्यटकों को आकर्षित करने वाले इस पक्षी के पंख लगभग 45 सेमी लंबे होते हैं। इसका मुख्य भोजन मछली होता है। मार्च और मई के मध्य ब्रीडिंग होती है। मादा एक बार में तीन से पांच अंडे देती है।
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नेस्टिंग स्पॉट की तलाश
बाह। इंडियन स्कीमर का कुनबा बढ़ने के साथ ही नेस्टिंग स्पॉट की तलाश वन विभाग ने शुरू कर दी है। महुआशाला के चंबल नदी के टापू पर बाह और अटेर पर वन विभाग की नजर है। अंडों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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चंबल घड़ियालों के संरक्षण के प्रोजेक्ट को लेकर देश दुनिया में मशहूर है। इंडियन स्कीमर के रूप में भी अब इसे पहचाना जाएगा। दक्षिण एशियाई मुल्क पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, थाइलैंड, ईरान, चीन, वर्मा में तेजी से इंडियन स्कीमर की आबादी घट रही है। जबकि चंबल में इनकी मौजूदगी शुभ संकेत है। वन विभाग के सर्वे में 439 इंडियन स्कीमर दिखे हैं। 284 किमी क्षेत्र में फैली चंबल नदी में पिछले साल इनकी संख्या 325 मिली थी। इनकी संख्या बढ़ने पर विशेषज्ञ डॉ. रिषीकेश शर्मा ने खुशी का इजहार किया है। बाह रेंज के महुआशाला घाट पर चंबल नदी के टापू पर 40 इंडियन स्कीमर मौजूद है। रेंजर वन्यजीव बाह आरके शर्मा ने बताया कि नेस्टिंग सीजन शुरू हो गया है। वन विभाग की टीम सतर्क कर दिया गया है।
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पर्यटकों को लुभाती है लाल दुधारी चोंच
बाह। इंडियन स्कीमर की चोंच लाल दुधारी होती है। सिर पर ब्लैक कैप होती है। पर्यटकों को आकर्षित करने वाले इस पक्षी के पंख लगभग 45 सेमी लंबे होते हैं। इसका मुख्य भोजन मछली होता है। मार्च और मई के मध्य ब्रीडिंग होती है। मादा एक बार में तीन से पांच अंडे देती है।
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नेस्टिंग स्पॉट की तलाश
बाह। इंडियन स्कीमर का कुनबा बढ़ने के साथ ही नेस्टिंग स्पॉट की तलाश वन विभाग ने शुरू कर दी है। महुआशाला के चंबल नदी के टापू पर बाह और अटेर पर वन विभाग की नजर है। अंडों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।