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झंडा कारोबार पर कोरोना का ग्रहण
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कासगंज में एक दुकान पर बिक्री के लिए रखे झंडे
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बिकने वाले झंडे, स्टीकर आदि के कारोबार पर कोरोना का ग्रहण लग गया है। स्कूल कॉलेज बंद रहने से इनकी बिक्री पर असर पड़ा है। व्यापारियों ने हालात को देखते हुए अन्य वर्षों की अपेक्षा आधा सामान भी नहीं मंगाया है।
स्वतंत्रता दिवस के मौकै पर स्कूलों में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चलते छोटे झंडे, बैज, बैंड, स्टीकर आदि की काफी डिमंाड रहती है। इसके साथ ही युवा अपने वाहनों पर भी इनको लगाते है। जिले भर में लाखों रुपये का कारोबार इससे होता है। कई दिन पहले से इनकी बिक्री शुरू हो जाती है।
कोरोना के कारण इस बार स्कूल कॉलेज बंद होने से ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा। अधिकतर विक्रेताओं ने तो माल ही इस बार नहीं मंगाया। जिन विक्रेताओं ने माल मंगाया भी है तो उन्होंने अन्य वर्षों से आधा माल भी नहीं मंगाया। पर्व के एक दिन बीच में रह जाने के बाद भी अभी तक बिक्री शुरू नहीं हुई है।
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फैक्ट फाइल
10 लाख तक के झंडे, स्टीकर, बैज आदि का हो जाता है कारोबार
50 से अधिक व्यापारी जुड़े हैं इस कारोबार से बिक्रेता करते हैं सामान की बिक्री
नहीं मंगाया सामान
स्वतंत्रता दिवस पर प्रतिवर्ष झंडा, स्टीकर आदि सामान मंगाकर बेचा जाता था। बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे इन की खरीद करते हैं, लेकिन इस बार कोरोना के चलते सामान नहीं मंगाया गया है। -महेंद्र कुमार विक्रेता
50 प्रतिशत ही मंगाया है सामान
कोरोना के चलते इस वर्ष सभी कारोबार प्रभावित है। झंडा, स्टीकर कारोबार भी इससे अछूता नहीं बचा है। अन्य वर्षों की अपेक्षा आधा माल मंगाया है, लेकिन इसकी भी बिक्री नहीं हो रही। -सुनील माहेश्वरी विक्रेता
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स्वतंत्रता दिवस के मौकै पर स्कूलों में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चलते छोटे झंडे, बैज, बैंड, स्टीकर आदि की काफी डिमंाड रहती है। इसके साथ ही युवा अपने वाहनों पर भी इनको लगाते है। जिले भर में लाखों रुपये का कारोबार इससे होता है। कई दिन पहले से इनकी बिक्री शुरू हो जाती है।
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कोरोना के कारण इस बार स्कूल कॉलेज बंद होने से ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा। अधिकतर विक्रेताओं ने तो माल ही इस बार नहीं मंगाया। जिन विक्रेताओं ने माल मंगाया भी है तो उन्होंने अन्य वर्षों से आधा माल भी नहीं मंगाया। पर्व के एक दिन बीच में रह जाने के बाद भी अभी तक बिक्री शुरू नहीं हुई है।
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10 लाख तक के झंडे, स्टीकर, बैज आदि का हो जाता है कारोबार
50 से अधिक व्यापारी जुड़े हैं इस कारोबार से बिक्रेता करते हैं सामान की बिक्री
नहीं मंगाया सामान
स्वतंत्रता दिवस पर प्रतिवर्ष झंडा, स्टीकर आदि सामान मंगाकर बेचा जाता था। बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे इन की खरीद करते हैं, लेकिन इस बार कोरोना के चलते सामान नहीं मंगाया गया है। -महेंद्र कुमार विक्रेता
50 प्रतिशत ही मंगाया है सामान
कोरोना के चलते इस वर्ष सभी कारोबार प्रभावित है। झंडा, स्टीकर कारोबार भी इससे अछूता नहीं बचा है। अन्य वर्षों की अपेक्षा आधा माल मंगाया है, लेकिन इसकी भी बिक्री नहीं हो रही। -सुनील माहेश्वरी विक्रेता