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115 लोगों ने आयकर विभाग को ऐसे लगाया चार करोड़ का चूना
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मैनपुरी। आयकर विभाग ने जांच में सौ से अधिक कर चोरी करने वाले लोगों को चिह्नित किया है। इन्होंने विभाग के खजाने को करीब चार करोड़ रुपये का चूना लगाया है। इन सभी को विभाग ने नोटिस जारी टैक्स जमा कराने के आदेश दिए हैं। निर्धारित समय में कर जमा न कराने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आयकर विभाग द्वारा लगातार बैंक खातों में बड़े लेनदेन के अलावा आयकर रिटर्न की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार इस साल जांच में विभाग ने 115 ऐसे लोग चिह्नित किए हैं, जिन्होंने विभाग को करीब चार करोड़ रुपये का चूना लगाया है। इन्होंने अपनी आय तो कम दिखाई है, लेकिन इनके खातों में हुए लेनदेन और खर्च अधिक दिखाए गए हैं। जांच में वित्तीय वर्ष 2011-12 के 57 मामले पकड़ में आए हैं तो वहीं वित्तीय वर्ष 2016-17 के 43 मामले भी चिह्नित किए गए हैं। इन लोगों ने अपनी आय कम दिखाकर आयकर विभाग को चूना लगाया है। मामले पकड़ में आने के बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रथम चरण में सभी को नोटिस जारी कर आयकर जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए उन्हें 31 जनवरी तक का समय दिया गया है। अगर इस समय तक आयकर जमा नहीं कराया जाता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं अभी विभाग अन्य मामलों को खंगालने में जुट गया है, जल्द ही अन्य मामले भी खुलकर सामने आना तय है।
प्रॉपटी के मामले भी आए सामने
आयकर विभाग ने केवल खातों में लेनदेन ही नहीं प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री के भी 15 मामले चिह्नित किए हैं। निबंधन कार्यालयों से प्राप्त सूचना के अनुसार ये ऐसे लोग हैं, जिन्होंने बड़ी प्रॉपर्टी की खरीद और बिक्री की है, लेकिन इससे हुई आय या प्रॉपर्टी खरीदने में खर्च की गई धनराशि पर आयकर नहीं चुकाया गया है। इन सभी लोगों को भी नोटिस जारी कर विभाग ने कर जमा कराने के आदेश दिए हैं।
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ये होगी कार्रवाई
आयकर विभाग ने कर चोरी करने वाले लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इन्हें 31 जनवरी तक कर जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। अगर इस समय सीमा में कर जमा नहीं कराया जाता है तो विभाग द्वारा बैंक खातों को सीजकर टैक्स की धनराशि वसूल की जाएगी। अगर इससे भी भरपाई नहीं होती है या फिर खाते में धनराशि नहीं है तो आयकर विभाग द्वारा चल-अचल संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
जरूरी है आयकर रिटर्न भरना
आयकर अधिवक्ता दीपक कुमार अग्रवाल बताते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को आयकर रिटर्न भरना चाहिए। क्यों कि बाद में उनके द्वारा बचत में जमा की गई राशि का ब्यौरा वे कैसे देंगे। जब वे नियमित रिटर्न भरेंगे तो उनके पास कमाई का पूरा ब्यौरा होगा, इससे आयकर विभाग और व्यक्ति दोनों को आसानी होगी।
आयकर विभाग द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। सभी लोग नियमित रिटर्न फाइल करने के साथ ही आयकर जमा कराएं। बाद में गड़बड़ी सामने आने पर कार्रवाई से बच नहीं सकेंगे।
बीके केसरवानी, आयकर अधिकारी।
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आयकर विभाग द्वारा लगातार बैंक खातों में बड़े लेनदेन के अलावा आयकर रिटर्न की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार इस साल जांच में विभाग ने 115 ऐसे लोग चिह्नित किए हैं, जिन्होंने विभाग को करीब चार करोड़ रुपये का चूना लगाया है। इन्होंने अपनी आय तो कम दिखाई है, लेकिन इनके खातों में हुए लेनदेन और खर्च अधिक दिखाए गए हैं। जांच में वित्तीय वर्ष 2011-12 के 57 मामले पकड़ में आए हैं तो वहीं वित्तीय वर्ष 2016-17 के 43 मामले भी चिह्नित किए गए हैं। इन लोगों ने अपनी आय कम दिखाकर आयकर विभाग को चूना लगाया है। मामले पकड़ में आने के बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रथम चरण में सभी को नोटिस जारी कर आयकर जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए उन्हें 31 जनवरी तक का समय दिया गया है। अगर इस समय तक आयकर जमा नहीं कराया जाता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं अभी विभाग अन्य मामलों को खंगालने में जुट गया है, जल्द ही अन्य मामले भी खुलकर सामने आना तय है।
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प्रॉपटी के मामले भी आए सामने
आयकर विभाग ने केवल खातों में लेनदेन ही नहीं प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री के भी 15 मामले चिह्नित किए हैं। निबंधन कार्यालयों से प्राप्त सूचना के अनुसार ये ऐसे लोग हैं, जिन्होंने बड़ी प्रॉपर्टी की खरीद और बिक्री की है, लेकिन इससे हुई आय या प्रॉपर्टी खरीदने में खर्च की गई धनराशि पर आयकर नहीं चुकाया गया है। इन सभी लोगों को भी नोटिस जारी कर विभाग ने कर जमा कराने के आदेश दिए हैं।
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ये होगी कार्रवाई
आयकर विभाग ने कर चोरी करने वाले लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इन्हें 31 जनवरी तक कर जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। अगर इस समय सीमा में कर जमा नहीं कराया जाता है तो विभाग द्वारा बैंक खातों को सीजकर टैक्स की धनराशि वसूल की जाएगी। अगर इससे भी भरपाई नहीं होती है या फिर खाते में धनराशि नहीं है तो आयकर विभाग द्वारा चल-अचल संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
जरूरी है आयकर रिटर्न भरना
आयकर अधिवक्ता दीपक कुमार अग्रवाल बताते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को आयकर रिटर्न भरना चाहिए। क्यों कि बाद में उनके द्वारा बचत में जमा की गई राशि का ब्यौरा वे कैसे देंगे। जब वे नियमित रिटर्न भरेंगे तो उनके पास कमाई का पूरा ब्यौरा होगा, इससे आयकर विभाग और व्यक्ति दोनों को आसानी होगी।
आयकर विभाग द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। सभी लोग नियमित रिटर्न फाइल करने के साथ ही आयकर जमा कराएं। बाद में गड़बड़ी सामने आने पर कार्रवाई से बच नहीं सकेंगे।
बीके केसरवानी, आयकर अधिकारी।